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एसटीएफ ने खंगाले फर्जी शिक्षक के प्रपत्र
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:07 AM IST
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एक शिक्षक के नाम पर तीन लोगों के नौकरी करने का मामला
सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में मुन्ना भाइयों की कमी नहीं है। आए दिन कोई न कोई फर्जी शिक्षक सामने आता रहता है। एसटीएफ को एक शिक्षक के नाम पर तीन लोगों के नौकरी करने की शिकायत मिली है। इस पर एसटीएफ की टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर शिक्षक के प्रपत्र खंगाले। करीब तीन घंटे तक टीम मौजूद रही। इससे विभाग में हड़कंप मचा रहा।
एसटीएफ को शिकायत मिली थी कि अभयलाल यादव के नाम से जिले में दो शिक्षक रामपुर मथुरा व महमूदाबाद विकासखंड में कार्यरत है। यह लोग गैर जिले में तैनात अभयलाल यादव नाम के शिक्षक के प्रपत्र लगाकर नौकरी कर रहे हैं। इस पर टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर शिक्षक के प्रपत्र मांगे।
बीएसए ने इनको मुहैया करा दिया है। अब टीम स्कूल जाकर गहनता से पड़ताल करेगी। वहीं बीएसए अजय कुमार का कहना है कि इन शिक्षक का प्रकरण करीब तीन साल पहले सामने आया था। उसके बाद से ये दोनों अपने विद्यालय से लापता चल रहे हैं। इनके प्रपत्र जांच टीम को सौंप दिए गए हैं।
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विभाग की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
विभाग का कहना है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति साल 2011 में हुई थी। उसके बाद यह प्रमोशन पाकर प्रधानाध्यापक बन गए। साल 2015 में शिकायत होने पर मामला सामने आया। जैसे ही इन शिक्षकों को इसकी जानकारी हुई तब से यह लापता हो गए हैं।
वहीं विभाग यह तो जानता है कि ये लापता हैं लेकिन अब तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। न ही अपने स्तर से उनके बारे में कोई जांच कराई। आखिर यह लोग नौकरी करते हुए अचानक बिना सूचना के कहां चले गए। विभाग की यह कार्यशैली मुन्ना भाइयों के सवाल पर संदेह उत्पन्न कर रही है।
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सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में मुन्ना भाइयों की कमी नहीं है। आए दिन कोई न कोई फर्जी शिक्षक सामने आता रहता है। एसटीएफ को एक शिक्षक के नाम पर तीन लोगों के नौकरी करने की शिकायत मिली है। इस पर एसटीएफ की टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर शिक्षक के प्रपत्र खंगाले। करीब तीन घंटे तक टीम मौजूद रही। इससे विभाग में हड़कंप मचा रहा।
एसटीएफ को शिकायत मिली थी कि अभयलाल यादव के नाम से जिले में दो शिक्षक रामपुर मथुरा व महमूदाबाद विकासखंड में कार्यरत है। यह लोग गैर जिले में तैनात अभयलाल यादव नाम के शिक्षक के प्रपत्र लगाकर नौकरी कर रहे हैं। इस पर टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर शिक्षक के प्रपत्र मांगे।
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बीएसए ने इनको मुहैया करा दिया है। अब टीम स्कूल जाकर गहनता से पड़ताल करेगी। वहीं बीएसए अजय कुमार का कहना है कि इन शिक्षक का प्रकरण करीब तीन साल पहले सामने आया था। उसके बाद से ये दोनों अपने विद्यालय से लापता चल रहे हैं। इनके प्रपत्र जांच टीम को सौंप दिए गए हैं।
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विभाग की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
विभाग का कहना है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति साल 2011 में हुई थी। उसके बाद यह प्रमोशन पाकर प्रधानाध्यापक बन गए। साल 2015 में शिकायत होने पर मामला सामने आया। जैसे ही इन शिक्षकों को इसकी जानकारी हुई तब से यह लापता हो गए हैं।
वहीं विभाग यह तो जानता है कि ये लापता हैं लेकिन अब तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। न ही अपने स्तर से उनके बारे में कोई जांच कराई। आखिर यह लोग नौकरी करते हुए अचानक बिना सूचना के कहां चले गए। विभाग की यह कार्यशैली मुन्ना भाइयों के सवाल पर संदेह उत्पन्न कर रही है।