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हत्या के प्रयास में एक दोषी
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:46 PM IST
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हत्या के प्रयास में दोषी को 10 वर्ष कैद
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश राम सुचित ने हत्या के प्रयास के एक मामले में एक दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने आदेश में यह भी कहा है कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरिंद्र पाल सिंह यादव ने की।
मछरेहटा थानाक्षेत्र के ग्राम फतेहनगर निवासी मोतीलाल ने इस आशय की एक रिपोर्ट 10 नवंबर 2014 को दर्ज कराई थी।
वादी के मुताबिक उसका पुत्र शिखर जब घर से मछरेहटा जा रहा था, तभी रास्ते में बड़ी बाग के पास गांव के ही नरेश और एक किशोर ने रंजिश के चलते उस पर बांके से हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोर्ट आइं।
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इस मामले में पुलिस द्वारा विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय ने किशोर का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया।
जबकि नरेश का मुकदमा विचारण हेतु सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया। सत्र न्यायालय ने सबूताें के आधार पर नरेश को घटना के लिए दोषी करार दिया और उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश राम सुचित ने हत्या के प्रयास के एक मामले में एक दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने आदेश में यह भी कहा है कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरिंद्र पाल सिंह यादव ने की।
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मछरेहटा थानाक्षेत्र के ग्राम फतेहनगर निवासी मोतीलाल ने इस आशय की एक रिपोर्ट 10 नवंबर 2014 को दर्ज कराई थी।
वादी के मुताबिक उसका पुत्र शिखर जब घर से मछरेहटा जा रहा था, तभी रास्ते में बड़ी बाग के पास गांव के ही नरेश और एक किशोर ने रंजिश के चलते उस पर बांके से हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोर्ट आइं।
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इस मामले में पुलिस द्वारा विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय ने किशोर का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया।
जबकि नरेश का मुकदमा विचारण हेतु सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया। सत्र न्यायालय ने सबूताें के आधार पर नरेश को घटना के लिए दोषी करार दिया और उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।