फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   होलिका लगाने के विवाद में ग्रामीण को पेट फांड़ कर मार डाला

होलिका लगाने के विवाद में ग्रामीण को पेट फांड़ कर मार डाला

Wed, 13 Mar 2019 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2019 11:21 PM IST
विज्ञापन
होलिका लगाने के विवाद में ग्रामीण को पेट फांड़ कर मार डाला
झगड़े के दौरान चलीं गोलियां, दो अन्य जख्मी, मृतक की पत्नी ने दर्ज कराया केस
विज्ञापन

सांडा (सीतापुर)। बिसवां कोतवाली इलाके बोहरा मजरा बखतपुर गांव में मंगलवार की रात होलिका लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर दबंग पक्ष ने फायरिंग कर दी। इस हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। जबकि दो अन्य लोग जख्मी हो गए। मृतक की पत्नी का कहना है कि उसके पति को गोली मारी गई और चाकू से पेट भी फाड़ दिया गया। एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच की है।

बिसवां कोतवाली क्षेत्र के बोहरा मजरा बखतपुर गांव में होली जलाने के स्थान को लेकर राजकमल (45) व राममूरत के बीच मंगलवार की देर रात विवाद हो गया। घटना के संबंध में राजकमल की पत्नी शर्मिला ने बताया कि कई वर्षों से गांव के बाहर उनके अहाता के निकट होलिका जलाई जाती थी।
विज्ञापन


लेकिन इस बार गांव के राममूरत के साथ लगभग एक दर्जन उनके सहयोगियों ने अहाते के पास छप्पर के निकट होलिका लगाने लगे। इसका उसके पति राजकमल ने विरोध किया। विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके पति पर हमला कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने गोलियां चलाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिससे उसका पति जख्मी हो गया। कमर में गोली लगी है। साथ ही चाकू से पेट फाड़ दिया। हमले में उसके पड़ोसी कैलाश व उसकी पत्नी भी जख्मी हुई। हमले में जख्मी लोगों को सीएचसी बिसवां ले जाया गया। जहां राजकमल को मृत घोषित कर दिया गया।

कोतवाल संजय कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर राममूरत सहित 10 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जानकारी होने पर एसपी एलआर कुमार, सीओ बिसवां ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।

राजकमल की मौत से सात बच्चे हुए अनाथ
बिसवां के बोहरा मजरा बखतपुर में हुई राजकमल की हत्या के बाद उनके परिवार में मातम छाया हुआ है। अब उनकी पत्नी और सात बच्चों के सामने बड़ी मुश्किलें आ गई हैं। राजकमल के पास महज तीन बीघा खेत था। जिससे वह अपने परिवार की जीविका चलाता था।


इनके पांच पुत्री व दो पुत्र श्याम करण 12 वर्ष, सीमा 10 वर्ष, रीमा 8 वर्ष, पूजा 6 वर्ष, शांति देवी 4 वर्ष, पम्मी 2 वर्ष, सोमनाथ 3 माह हैं। कच्ची दीवारों पर पड़े छप्परों के नीचे जीवनयापन करने वाले इस परिवार में अब आजीविका चलाने वाला कोई नहीं बचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed