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ट्रिपल मर्डर की वारदात के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली

Wed, 07 Jun 2017 10:47 PM IST
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:47 PM IST
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ट्रिपल मर्डर की वारदात के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
ट्रिपल मर्डर : पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई खास क्लू
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पुलिस, क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ भी बदमाशों की तलाश में जुटी
एडीजी ने किया दौरान, आईजी रेंज ने किया कैंप
अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट, हत्या का केस

सीतापुर। शहर की पॉश कॉलोनी सिविल लाइंस में मंगलवार रात लूट के बाद व्यापारी, उसकी पत्नी व पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस अब भी खाली हाथ है। व्यापारियों ने पुलिस को 24 घंटे में अपराधियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया था लेकिन वारदात के एक दिन बीतने के बाद भी पुलिस मर्डर की मिस्ट्री नहीं सुलझा पाई है। हालांकि क्राइम ब्रांच व पुलिस ने करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पर पुलिस अभी कुछ भी बताने से कतरा रही है। मामले की नजाकत को देखते हुए मंगलवार देर रात ही सूचना पाकर आईजी रेंज जयनारायण सिंह के अलावा एडीजी लखनऊ अभय कुमार प्रसाद भी घटनास्थल पहुंचे और पुलिस को जल्द खुलासे का निर्देश दिया। वहीं घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया है।
सिविल लाइंस निवासी दाल के थोक कारोबारी सुनील जायसवाल के घर के सामने बेखौफ पांच बदमाशों ने मंगलवार रात लूटपाट की थी। विरोध पर सुनील, पत्नी कामिनी व उनके बेटे ऋतिक को गोली मार दी थी। वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने व्यापारी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई। हालांकि बदमाशों ने चेहरे ढक रखे थे। इससे उनकी पहचान नहीं हो सकी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने बताया कि व्यापारी से बदमाश दो बैग लूट ले गए, जिसमें लाखों रुपये कैश होने का अनुमान है। उधर, खबर पाकर एडीजी जोन अभय कुमार देर रात सीतापुर पहुंचे। साथ ही आईजी रेंज जयनारायन सिंह ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। इस मामले में मृतक व्यापारी के भाई शहर के आलमनगर गदियाना निवासी अनिल जायसवाल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व लूट का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी, लेकिन घटना के एक दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। क्राइम ब्रांच ने करीब 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं एसटीएफ भी वारदात का खुलासा करने में जुट गई है। पुलिस व्यापारी के मोबाइल को भी खंगाल रही है। एडीजी लखनऊ अभय कुमार का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से लगता है कि लूट व हत्या की वारदात अंजाम दी गई है। लेकिन पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस को कुछ जानकारियां मिली हैं, लेकिनअभी खुलासा करना ठीक नहीं है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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व्यापारी को दो, पत्नी व बेटे को लगीं एक-एक गोली
लूट का विरोध करने पर व्यापारी, उसकी पत्नी व बेटे की हुई हत्या के मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर गौर कर रही है। पुलिस ने तीनों मृतकों का तीन चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई है। पोस्टमार्टम टीम से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि बदमाशों ने 32 बोर व 315 बोर असलहे का इस्तेमाल किया है। सुनील को बदमाशों ने दो गोलियां मारी। जिसमें एक गोली सिर में लगी और दूसरी दाहिने हाथ में जा धंसी। पत्नी कामिनी व बेटे ऋतिक को एक-एक गोली लगी। गोली काफी पास से मारी गई, जिससे तीनों की कुछ ही पलों में मौत हो गई।
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फोटो है....
एक नौकर की ओर गहराया पुलिस का शक
ट्रिपल मर्डर में पुलिस भले ही अब तक किसी नतीजे पर न पहुंची हो, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कई पहलुओं पर तफ्तीश जारी है। वहीं कुछ माह पूर्व सुनील जायसवाल द्वारा हटा दिए गए एक नौकर की भूमिका पर भी पुलिस के शक की सुई घूम रही है। सूत्र बताते हैं कि प्रधान नाम से पुकारा जाने वाला एक नौकर कुछ माह पूर्व दुकान से हटा दिया गया था। जिसके उस पर बड़ी रकम गबन के आरोप लगे थे। उस पर भी पुलिस का शक पहुंच रहा है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। परिवार वालों से भी पुलिस पूरे मामले को लेकर जानकारी लेने में जुटी है।
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आरक्षी बोले, मेरे क्षेत्र का मामला नहीं? लोगों में गुस्सा
दाल व्यापारी सुनील जायसवाल और उनकी पत्नी की लाश घर के गेट के सामने पड़ी थी। इकलौता बेटा जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। मोहल्ले के लोगों की मानें तो घटना के फौरन बाद बाइक से दो पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन बिना कुछ किए ही वहां से जाने लगे। लोगों ने सवाल किया कि अधिकारियों को बुलाओ तो वह यह कहते हुए भाग निकले, कि मामला उनके क्षेत्र का नहीं है। उसके कुछ देर बाद पहुंची डायल-100 टीम भी कुछ ऐसा ही जवाब देकर वहां से निकल गई, जिससे लोगों में काफी गुस्सा है।
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सुहाग को बचाने में बदमाशों से भिड़ गईं कामिनी
सीसीटीवी फुटेज में व्यापारी को बचाने के लिए पत्नी कामिनी ने काफी संघर्ष किया। व्यापारी ने जैसे ही गेट पर पहुंच कर बाइक रोकी, दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। एक बदमाश बैग व उसकी बाइक छीन कर भागने की कोशिश करने लगा। सुनील ने विरोध किया तो बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी। गेट पर शोर सुनकर सुनील की पत्नी कामिनी दौड़ी। बिना हिचक ही वह बदमाशों से लोहा लेने लगीं। कामिनी अपने पति को बचाने के लिए घर की ओर उन्हें खींचने लगीं, लेकिन बदमाशों ने खुद को फंसता देखकर पहले व्यापारी, फिर उनकी पत्नी को गोली मार दी।
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घर पहुंचते ही व्यापारी की बेटी हो गई बदहवास, सीओ से पूछा कैसे हो गई घटना
परिवार के लोग बड़ी बेटी ऋचा जायसवाल के आने का इंतजार कर रहे थे। करीब 11 बजे ऋचा जैसे ही घर के गेट पर पहुंची। भीड़ देखकर अनहोनी का कयास लगा उसके मुंह से हाय पापा... हाय मम्मी... की चीख निकल पड़ी। कुछ पल के लिए घर के अंदर ठहरी, फिर बाहर आकर खड़े आरक्षी से पूछा यह सब कैसे हो गया। तुम्हारे अधिकारी कहा हैं। यह सुनकर पड़ोस मौजूद सीओ मिश्रिख उदय प्रताप सिंह व इंस्पेक्टर मुखातिब हुए। उसने कहा कि क्या कर रही थी पुलिस। अब तक पुलिस ने क्या किया। कैमरे की हार्डडिक्स कहां गईं। इस पर इंस्पेक्टर ने उसे समझाया कि कार्रवाई चल रही है।


स्ट्रीट लाइट का डारेक्शन भी संदेह के घेरे में
व्यापारी सुनील के घर के ठीक सामने लगी स्ट्रीट लाइट का डारेक्शन संदेह पैदा कर रहा है। मौका-ए-वारदात पर बुधवार को मौजूद लोगों में चर्चा थी, कि इस लाइट का डारेक्शन मुख्य मार्ग की ओर न होकर दूसरी ओर मुड़ा हुआ है। शायद यही वजह है कि जो सीसीटीवी कैमरा व्यापारी के घर में लगा है उस कैमरे को पर्याप्त रोशनी नहीं मिली, जिससे फुटेज में तस्वीरें कुछ धुंधली नजर आ रही हैं। लोगों का मानना है कि कहीं स्ट्रीट लाइन का डारेक्शन प्री-प्लांट तो नहीं है? हालांकि इस ओर पुलिस की भी निगाहें। पुलिस इस बिंदु पर भी ध्यान दे रही है।
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