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सीतापुर जेल के बंदी पर गाजियाबाद में हमले की कोशिश, नाकाम
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नोएडा से पेशी कराकर बज्र वाहन से लाया जा रहा था वापस
सीतापुर। प्रशासनिक आधार पर सीतापुर जेल में निरुद्ध एक बंदी पर पेशी के लिए जाते समय गाजियाबाद जिले में एसयूवी सवार लोगों ने हमला करने की कोशिश की। हालांकि, बंदी हमलावरों के मंसूबों को भांप गया और सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को अपनी जान का खतरा बताया।
इसके बाद बज्र वाहन की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने स्थानीय पुलिस की मदद लेकर बंदी को सुरक्षित जेल लाने के बाद राहत की सांस ली। जेल अफसरों का कहना है कि बंदी को कुछ खतरे का एहसास हुआ था। उसे सकुशल ले आया गया।
गौतमबुद्धनगर जिले के एक कुख्यात अपराधी अरुण यादव को कई महीने पूर्व प्रशासनिक आधार पर सीतापुर जेल लाया गया था। बुधवार को उसकी पेशी थी। जेल अफसरों ने बज्र वाहन से पुलिस सुरक्षा के बीच बंदी को पेशी के लिए भेजा था। सूत्रों की माने तो गुरुवार को स्क्वायड बंदी को लेकर सीतापुर जेल आ रहा था।
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इस बीच गाजियाबाद जिले के लालकुआं इलाके में पहुंचने पर बज्र वाहन को एक एसयूवी सवार लोगों ने कई बार ओवरटेक किया। बताते हैं कि इससे बंदी को अपनी जान का खतरा लगा। उसे एहसास हुआ कि एसयूवी में सवार लोग उसके दुश्मन हो सकते हैं और उस पर हमला करने की फिराक में है।
इसको लेकर बंदी ने बज्र वाहन में सवार पुलिस कर्मियों से खतरा होने की बात कही। इसकी भनक लगते ही स्क्वायड के होश उड़ गए। फौरन स्थानीय पुलिस की मदद ली गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने सकुशल बज्र वाहन को जिले से रवाना किया।
भारी पुलिस फोर्स के पहुंचने पर एसयूवी सवार लोग मौके से निकल गए थे। पुलिस गुरुवार की शाम को बंदी को सुरक्षित जेल पहुुंचा दिया गया। इसके बाद सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। बंदी के जेल में आने के बाद अफसरों ने सुरक्षा-व्यवस्था और बढ़ा दी है।
जब जिलेवार पुलिस की लेनी पड़ी मदद
इस मामले के बाद गाजियाबाद से लेकर सीतापुर तक पड़ने वाले हर जिले की पुलिस से बंदी की सुरक्षा को लेकर स्थानीय और आसपास के थानों की पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सूत्रों की माने तो ऐसा इसलिए किया गया, ताकि रास्ते में कोई घटना न हो सके। बज्र वाहन में पुलिस को शंका थी कि कहीं एसयूवी सवार लोग किसी और रास्ते से आकर उनका पीछा तो नहीं कर रहे हैं।
प्रशासनिक आधार पर जेल में निरुद्ध बंदी को नोएडा में पेशी के बाद सीतापुर लाया जा रहा था। रास्ते में बंदी ने खतरे की आशंका जताई थी। इसको लेकर स्थानीय पुलिस की मदद ली गई थी। बंदी सुरक्षित जेल आ गया है। अब कोई खतरे की बात नहीं है। जेल महकमा भी एलर्ट है।
-दिनेश चन्द्र मिश्रा, जेल अधीक्षक
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सीतापुर। प्रशासनिक आधार पर सीतापुर जेल में निरुद्ध एक बंदी पर पेशी के लिए जाते समय गाजियाबाद जिले में एसयूवी सवार लोगों ने हमला करने की कोशिश की। हालांकि, बंदी हमलावरों के मंसूबों को भांप गया और सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को अपनी जान का खतरा बताया।
इसके बाद बज्र वाहन की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने स्थानीय पुलिस की मदद लेकर बंदी को सुरक्षित जेल लाने के बाद राहत की सांस ली। जेल अफसरों का कहना है कि बंदी को कुछ खतरे का एहसास हुआ था। उसे सकुशल ले आया गया।
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गौतमबुद्धनगर जिले के एक कुख्यात अपराधी अरुण यादव को कई महीने पूर्व प्रशासनिक आधार पर सीतापुर जेल लाया गया था। बुधवार को उसकी पेशी थी। जेल अफसरों ने बज्र वाहन से पुलिस सुरक्षा के बीच बंदी को पेशी के लिए भेजा था। सूत्रों की माने तो गुरुवार को स्क्वायड बंदी को लेकर सीतापुर जेल आ रहा था।
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इस बीच गाजियाबाद जिले के लालकुआं इलाके में पहुंचने पर बज्र वाहन को एक एसयूवी सवार लोगों ने कई बार ओवरटेक किया। बताते हैं कि इससे बंदी को अपनी जान का खतरा लगा। उसे एहसास हुआ कि एसयूवी में सवार लोग उसके दुश्मन हो सकते हैं और उस पर हमला करने की फिराक में है।
इसको लेकर बंदी ने बज्र वाहन में सवार पुलिस कर्मियों से खतरा होने की बात कही। इसकी भनक लगते ही स्क्वायड के होश उड़ गए। फौरन स्थानीय पुलिस की मदद ली गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने सकुशल बज्र वाहन को जिले से रवाना किया।
भारी पुलिस फोर्स के पहुंचने पर एसयूवी सवार लोग मौके से निकल गए थे। पुलिस गुरुवार की शाम को बंदी को सुरक्षित जेल पहुुंचा दिया गया। इसके बाद सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। बंदी के जेल में आने के बाद अफसरों ने सुरक्षा-व्यवस्था और बढ़ा दी है।
जब जिलेवार पुलिस की लेनी पड़ी मदद
इस मामले के बाद गाजियाबाद से लेकर सीतापुर तक पड़ने वाले हर जिले की पुलिस से बंदी की सुरक्षा को लेकर स्थानीय और आसपास के थानों की पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सूत्रों की माने तो ऐसा इसलिए किया गया, ताकि रास्ते में कोई घटना न हो सके। बज्र वाहन में पुलिस को शंका थी कि कहीं एसयूवी सवार लोग किसी और रास्ते से आकर उनका पीछा तो नहीं कर रहे हैं।
प्रशासनिक आधार पर जेल में निरुद्ध बंदी को नोएडा में पेशी के बाद सीतापुर लाया जा रहा था। रास्ते में बंदी ने खतरे की आशंका जताई थी। इसको लेकर स्थानीय पुलिस की मदद ली गई थी। बंदी सुरक्षित जेल आ गया है। अब कोई खतरे की बात नहीं है। जेल महकमा भी एलर्ट है।
-दिनेश चन्द्र मिश्रा, जेल अधीक्षक