{"_id":"60fdb62b8ebc3e5f05267a49","slug":"crime-sitapur-news-lko5884744168","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर में उतरा रहे गोवंशों को दफनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर में उतरा रहे गोवंशों को दफनाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहर में उतरा रहे गो वंशों को दफनाया
मानपुर (सीतापुर)। शनिवार को नहर खीरी ब्रांच की मुंडेरी नहर झाल में उतरा रहे दर्जनों मृत गोवंशों की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। तहसील प्रशासन को सूचना दी गई थी। प्रशासन की सक्रियता से पशु चिकित्सा व पुलिस विभाग की टीम ने मृत गोवंशों को दफनाने की कार्रवाई की है।
शनिवार दोपहर नहर खीरी ब्रांच नहर के मुंडेरी व पिपरी और भज्जापुर नहर झाल में करीब डेढ़ दर्जन मृत गोवंश फंसे थे। मृत गोवंशों से उठ रही दुर्गंध से लोगों ने संक्रामक रोग फैलने की आशंका जताई थी। मुंडेरी नहर रेगुलेटर के मेट प्रताप सिंह ने बताया था, यहां मृत गोवंश नहर में उतराकर आए दिन आ जाते हैं। जिला गोरक्षा प्रमुख श्रीकांत मौर्य ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। बिसवां तहसील प्रशासन ने जिम्मेदारों को निर्देशित किया। देरशाम पशुचिकित्सा अधिकारी परसेंडी डॉ. कलीम एवं मुख्य आरक्षी बालेन्द्र सिंह, आशिफ अली टीम सहित पहुंचे। मानपुर थाने के एसआई राजबहादुर ने बताया सात लोगों की इस संयुक्त टीम ने नहर में उतरा रहे मृत गोवंशों को जेसीबी से बाहर निकलवाया गया। नहर के किनारे गढ्ढा खोदवाकर मृत सभी जानवरों को दफना दिया गया है।
गोशाला से नहर में डाले जाते मृत गोवंश
नहर खीरी ब्रांच में मृत गोवंश कहां से बहकर आते हैं। इस रहस्य से परदा उठ गया है। मृत गोवंशों को दफनाने के बाद मानपुर पुलिस एवं पशुचिकित्सा विभाग की टीम समेत मुंडेरी नहर रेगुलेटर के मेट प्रताप सिंह ने गहनता से छानबीन की। बताया कि तालगांव क्षेत्र की पूर्वी नहर पटरी के किनारे एक बड़ी गोशाला है। उस गोशाला में मरने वाले गोवंशों को दफनाने की जहमत कर्मी नहीं उठाते हैं। वह सीधे मृत गोवंशों को नहर के भरे पानी मे धकेल देते हैं। इस बाबत क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानपुर (सीतापुर)। शनिवार को नहर खीरी ब्रांच की मुंडेरी नहर झाल में उतरा रहे दर्जनों मृत गोवंशों की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। तहसील प्रशासन को सूचना दी गई थी। प्रशासन की सक्रियता से पशु चिकित्सा व पुलिस विभाग की टीम ने मृत गोवंशों को दफनाने की कार्रवाई की है।
शनिवार दोपहर नहर खीरी ब्रांच नहर के मुंडेरी व पिपरी और भज्जापुर नहर झाल में करीब डेढ़ दर्जन मृत गोवंश फंसे थे। मृत गोवंशों से उठ रही दुर्गंध से लोगों ने संक्रामक रोग फैलने की आशंका जताई थी। मुंडेरी नहर रेगुलेटर के मेट प्रताप सिंह ने बताया था, यहां मृत गोवंश नहर में उतराकर आए दिन आ जाते हैं। जिला गोरक्षा प्रमुख श्रीकांत मौर्य ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। बिसवां तहसील प्रशासन ने जिम्मेदारों को निर्देशित किया। देरशाम पशुचिकित्सा अधिकारी परसेंडी डॉ. कलीम एवं मुख्य आरक्षी बालेन्द्र सिंह, आशिफ अली टीम सहित पहुंचे। मानपुर थाने के एसआई राजबहादुर ने बताया सात लोगों की इस संयुक्त टीम ने नहर में उतरा रहे मृत गोवंशों को जेसीबी से बाहर निकलवाया गया। नहर के किनारे गढ्ढा खोदवाकर मृत सभी जानवरों को दफना दिया गया है।
विज्ञापन
गोशाला से नहर में डाले जाते मृत गोवंश
नहर खीरी ब्रांच में मृत गोवंश कहां से बहकर आते हैं। इस रहस्य से परदा उठ गया है। मृत गोवंशों को दफनाने के बाद मानपुर पुलिस एवं पशुचिकित्सा विभाग की टीम समेत मुंडेरी नहर रेगुलेटर के मेट प्रताप सिंह ने गहनता से छानबीन की। बताया कि तालगांव क्षेत्र की पूर्वी नहर पटरी के किनारे एक बड़ी गोशाला है। उस गोशाला में मरने वाले गोवंशों को दफनाने की जहमत कर्मी नहीं उठाते हैं। वह सीधे मृत गोवंशों को नहर के भरे पानी मे धकेल देते हैं। इस बाबत क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन