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नहीं खर्च कर सके एक अरब रुपये, हुए वापस

Fri, 02 Apr 2021 12:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Apr 2021 12:19 AM IST
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Could not spend one billion rupees, returned
सीतापुर। जिले के 45 विभाग शासन से प्राप्त बजट का करीब एक अरब रुपये नहीं खर्च कर सके। इससे यह धनराशि वापस हो गई। कुछ विभागों को विलंब से धनराशि का आवंटन होने व कुछ की लापरवाही से बड़ी रकम लैप्स हो गई। इसका सीधा असर विकास कार्यों के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ा है। संबंधित जरूरतमंद लाभ से वंचित हो गए। करीब सवा 23 अरब का बजट संबंधित विभागों को उपलब्ध कराया गया था।
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वित्तीय वर्ष 2020-21 में विकास कार्यों सहित जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए शासन की ओर से 45 विभागों को सवा 23 अरब 23 करोड़ छह लाख तीन 337 रुपये मुहैया कराए गए थे। इसमें से 99 करोड़ 58 लाख 18 हजार 281 रुपये 31 मार्च की रात तक खर्च नहीं हो सके। बजट खपाने के लिए कोषागार दफ्तर बुधवार की देर रात तक खुला रहा।
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जब तक आनलाइन व्यवस्था सुचारु रूप से चली, तब तक बिलों का निस्तारण किया गया। संबंधित विभागों की अवशेष धनराशि शासन को वापस चली गई। इससे जिले को काफी नुकसान हुआ। संबंधित विकास कार्य नहीं हो सके। जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से जरूरतमंद वंचित रह गए। कृषि, उद्यान सहित कुछ अन्य विभागों में बजट देर से प्राप्त होने के कारण वह इसका उपभोग नहीं कर सके। जबकि कुछ विभागों की लापरवाही पूर्ण कार्यशैली से प्राप्त धनराशि खर्च नहीं हो सकी।
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पुलिस समेत पांच विभाग रहे फिसड्डी
पुलिस महकमे सहित पांच विभाग बजट को खर्च करने में फिसड्डी रहे। इनकी ओर से कुल प्राप्त धनराशि में से 57 करोड़ 62 लाख चार हजार 210 फिसड्डी खर्च नहीं किए गए।
पुलिस विभाग की ओर से 16 करोड़ 42 लाख 57 हजार 796 रुपये खर्च नहीं किए जा सके। इसी प्रकार प्राथमिक शिक्षा विभाग 15 करोड़ 38 लाख 60 हजार 890 रुपये, ऐलोपैथिक चिकित्सा द्वारा 10 करोड़ 34 लाख 20 हजार 217 रुपये, माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से आठ करोड़ 46 लाख 48 हजार 541रुपये एवं चिकित्सा परिवार कल्याण विभाग के सात करोड़ 16 हजार 266 रुपये खर्च नहीं हो सके।

एक करोड़ से अधिक धनराशि न खर्च करने वाले विभाग
विभाग नहीं खर्च हुए रुपये
कृषि 12506924
पंचायती राज 21575308
आयुर्वेदिक चिकित्सा 18180959
महिला एवं बाल विकास 44846357
राजस्व (दैवीय विपत्तियों के लिए) 69788015
राजस्व (राजस्व परिषद एवं अन्य) 63505180
संस्थागत वित्त (निदेशालय) 59179732
बच्चों के लिए नहीं खरीदी किट
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को शासन ने 80 लाख का बजट दिया था। इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पढ़ने वाले वाले बच्चों के लिए स्कूल किट की खरीद की जानी थी। यह खरीद नहीं हो सकी। इससे धनराशि शासन को वापस हो गई। विभाग का कहना है कि प्रिय स्कूल किट खरीदने के लिए संस्था का चयन न होने के कारण धनराशि नहीं खर्च हो सकी।
शासन से प्राप्त बजट 23,23,06,03,337
खर्च की गई धनराशि 22,23,47,85,056
शेष धनराशि 99,58,18,281
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