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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती के नाम पर फर्जी संस्था पकड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:04 PM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती के नाम पर प्रशिक्षण दिलाकर लोगों को ठगने वाली एक फर्जी संस्था पकड़ी गई है। यहां प्रशिक्षण के नाम धन उगाही कर लोगों को गुमराह किया जा रहा था। डीएम के निर्देश पर शनिवार को डीपीओ रंजना सिन्हा ने संस्था के कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान केंद्र का संचालन कर रहे लोग जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सके। डीपीओ ने प्रभावी कार्रवाई व उच्च स्तरीय जांच के लिए मामले की रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
थाना रामकोट क्षेत्र के नवीन चौक चौराहे पर एनआईवीएस ट्रेनिंग सेंटर चलता है। यह केंद्र दो वर्ष से संचालित हो रहा है। संस्था का दावा है कि इस केंद्र में बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पदों पर भर्ती को लेकर ट्रेनिंग कराई जाती है। तीन माह के इस प्रशिक्षण के नाम पर प्रति प्रशिक्षार्थी 3250 व 2250 रुपये वसूले जाते हैं। यहां कुछ लोगों ने प्रशिक्षण के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत डीएम से की थी।
इस पर डीएम ने डीपीओ को जांच के निर्देश दिए थे। शनिवार को डीपीओ रंजना सिन्हा ने इस केंद्र की जांच की। इस दौरान यहां मौजूद लोग संस्था संचालन से जुड़े कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। केंद्र पर मिलीं किस्मत अंसारी ने इस संस्था का रजिस्ट्रेशन दिल्ली से होने की बात कही। हालांकि डीपीओ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हो सकीं। डीपीओ ने बताया मामले में डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। डीएम के आदेश के बाद संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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थाना रामकोट क्षेत्र के नवीन चौक चौराहे पर एनआईवीएस ट्रेनिंग सेंटर चलता है। यह केंद्र दो वर्ष से संचालित हो रहा है। संस्था का दावा है कि इस केंद्र में बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पदों पर भर्ती को लेकर ट्रेनिंग कराई जाती है। तीन माह के इस प्रशिक्षण के नाम पर प्रति प्रशिक्षार्थी 3250 व 2250 रुपये वसूले जाते हैं। यहां कुछ लोगों ने प्रशिक्षण के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत डीएम से की थी।
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इस पर डीएम ने डीपीओ को जांच के निर्देश दिए थे। शनिवार को डीपीओ रंजना सिन्हा ने इस केंद्र की जांच की। इस दौरान यहां मौजूद लोग संस्था संचालन से जुड़े कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। केंद्र पर मिलीं किस्मत अंसारी ने इस संस्था का रजिस्ट्रेशन दिल्ली से होने की बात कही। हालांकि डीपीओ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हो सकीं। डीपीओ ने बताया मामले में डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। डीएम के आदेश के बाद संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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