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समय से पूरी करें नैमिष धाम की परियोजनाएं : डीएम
Fri, 05 Jun 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:44 PM IST
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सीतापुर। जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद की बैठक की। इसमें नैमिषारण्य धाम के समग्र विकास, तीर्थ यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने व विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने तीर्थ क्षेत्र में संचालित व प्रस्तावित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटन विकास, स्वच्छता व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि नैमिषारण्य धाम देश के प्रमुख धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। प्रतिवर्ष देश व विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना व नैमिषारण्य धाम को विश्व स्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, संकेतक बोर्ड, यात्री सहायता केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं व सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। परिषद द्वारा चक्रतीर्थ, ललिता देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी, व्यास गद्दी, मनु-सतरूपा तपस्थली व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। कहा कि नगर निकाय व संबंधित विभाग नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करें। श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख पर्वाें के लिए तैयार हो बेहतर यातायात व्यवस्था
डीएम ने कहा कि प्रमुख पर्वों व मेलों के दौरान विशेष यातायात योजना तैयार की जाए। पार्किंग स्थलों का समुचित प्रबंधन हो। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस व स्वयंसेवकों की तैनाती हो। सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत किया जाए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए विशेष प्रबंध हों। कहा कि तीर्थ क्षेत्र में सूचना व मार्गदर्शन केंद्रों की स्थापना और डिजिटल सूचना प्रणाली को भी विकसित किया जाए।
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जिलाधिकारी ने कहा कि नैमिषारण्य धाम देश के प्रमुख धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। प्रतिवर्ष देश व विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना व नैमिषारण्य धाम को विश्व स्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, संकेतक बोर्ड, यात्री सहायता केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं व सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। परिषद द्वारा चक्रतीर्थ, ललिता देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी, व्यास गद्दी, मनु-सतरूपा तपस्थली व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। कहा कि नगर निकाय व संबंधित विभाग नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करें। श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रमुख पर्वाें के लिए तैयार हो बेहतर यातायात व्यवस्था
डीएम ने कहा कि प्रमुख पर्वों व मेलों के दौरान विशेष यातायात योजना तैयार की जाए। पार्किंग स्थलों का समुचित प्रबंधन हो। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस व स्वयंसेवकों की तैनाती हो। सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत किया जाए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए विशेष प्रबंध हों। कहा कि तीर्थ क्षेत्र में सूचना व मार्गदर्शन केंद्रों की स्थापना और डिजिटल सूचना प्रणाली को भी विकसित किया जाए।
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