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Sitapur News: दिवाली पर बृहस्पतिवार का संयोग, बरसेगी लक्ष्मी की कृपा
Fri, 25 Oct 2024 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 25 Oct 2024 12:07 AM IST
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। दीपोत्सव इस बार पांच के बजाय छह दिनों का होगा। दीपावली पर बृहस्पतिवार का संयोग होने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। कार्तिक मास की त्रयोदशी (धनतेरस) से दीपोत्सव शुरू होता है और पांचवें दिन भाईदूज को समाप्त होता है।
इस दौरान विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और देवी लक्ष्मी के साथ कई अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। धनतेरस को नई वस्तुएं खासकर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाया जाता है। अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक पर्व चलता है।
संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि धनतेरस 29 अक्तूबर को मनाई जाएगी। धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त स्थिर वृषभ लग्न में शाम 6:19 बजे से 8:15 बजे तक रहेगा। कार्तिक अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर को 3:12 बजे दिन में लग रही है और एक नवंबर को शाम 5:13 बजे तक रहेगी। दिवाली का पर्व 31 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन बृहस्पतिवार होने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।
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छोटी दिवाली पर यम का दीप जलाने की परंपरा
काली चौदस का पर्व 30 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसे छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी कहते हैं। इस दिन 14 यमों की पूजा के साथ यमराज के नाम का दीप जलाने की परंपरा है। रात्रि में तिल से निर्मित तेल लगाने से रोग में शांति मिलती है।
गोर्वधन पूजा दो को, भाई दूज तीन नवंबर को
गोवर्धन पूजा दो नवंबर को होगी। पूजा का मुहूर्त प्रातःकाल 6:33 से 8:45 बजे और दोपहर में 3:22 बजे से शाम 5:34 बजे तक रहेगा। भाई दूज का पर्व तीन नवंबर को मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त अपराह्न 1:10 बजे से 3:21 बजे तक रहेगा।
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इस दौरान विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और देवी लक्ष्मी के साथ कई अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। धनतेरस को नई वस्तुएं खासकर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाया जाता है। अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक पर्व चलता है।
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संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि धनतेरस 29 अक्तूबर को मनाई जाएगी। धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त स्थिर वृषभ लग्न में शाम 6:19 बजे से 8:15 बजे तक रहेगा। कार्तिक अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर को 3:12 बजे दिन में लग रही है और एक नवंबर को शाम 5:13 बजे तक रहेगी। दिवाली का पर्व 31 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन बृहस्पतिवार होने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।
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छोटी दिवाली पर यम का दीप जलाने की परंपरा
काली चौदस का पर्व 30 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसे छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी कहते हैं। इस दिन 14 यमों की पूजा के साथ यमराज के नाम का दीप जलाने की परंपरा है। रात्रि में तिल से निर्मित तेल लगाने से रोग में शांति मिलती है।
गोर्वधन पूजा दो को, भाई दूज तीन नवंबर को
गोवर्धन पूजा दो नवंबर को होगी। पूजा का मुहूर्त प्रातःकाल 6:33 से 8:45 बजे और दोपहर में 3:22 बजे से शाम 5:34 बजे तक रहेगा। भाई दूज का पर्व तीन नवंबर को मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त अपराह्न 1:10 बजे से 3:21 बजे तक रहेगा।