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उपनिबंधक कार्यालयों में बंद हो अवैध उगाही
सीतापुर / अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2015 11:48 PM IST
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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने उपनिबंधक कार्यालयों में अवैध धन उगाही का आरोप लगाते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह ने कहा कि जनपद सहित समस्त तहसीलों के उपनिबंधक कार्यालयों में संपत्तियों के पंजीकरण कराने में वैधानिक शुल्क दिया जाता है। इसके अलावा इतना ही शुल्क अवैध तरीके से लिया जा रहा है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मांग की इस अवैध वसूली की जांच कराकर कार्रवाई की जाए। जिला पंचायत की ओर से कराए गए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
डीपीआरओ की ओर से ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों में बिना कार्य योजना अनुमोदित किए ही विकास कार्य कराए जा रहे है। यह शासनादेश का खुला उल्लंघन है। दोषियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए। ग्राम पंचायत रिखौना के प्रधान व सचिव की ओर से मनरेगा की धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसकी पुष्टि जांच में हुई है। जिस पर जिलाधिकारी के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। 9 माह के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब तक दोषियों का निलंबन न करने की जांच की जाए।
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इससे पूर्व दिए गए 12 सूत्री ज्ञापन पर हुई विभागीय कार्रवाई से अवगत कराया जाए। मौके पर अवधेश वर्मा, नरेश अवस्थी, राकेश कुमार, राजकुमार, अनिल, ओमप्रकाश यादव, सचेंद्र कुमार दीक्षित, इंद्रमोहन आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह ने कहा कि जनपद सहित समस्त तहसीलों के उपनिबंधक कार्यालयों में संपत्तियों के पंजीकरण कराने में वैधानिक शुल्क दिया जाता है। इसके अलावा इतना ही शुल्क अवैध तरीके से लिया जा रहा है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मांग की इस अवैध वसूली की जांच कराकर कार्रवाई की जाए। जिला पंचायत की ओर से कराए गए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
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डीपीआरओ की ओर से ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों में बिना कार्य योजना अनुमोदित किए ही विकास कार्य कराए जा रहे है। यह शासनादेश का खुला उल्लंघन है। दोषियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए। ग्राम पंचायत रिखौना के प्रधान व सचिव की ओर से मनरेगा की धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसकी पुष्टि जांच में हुई है। जिस पर जिलाधिकारी के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। 9 माह के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब तक दोषियों का निलंबन न करने की जांच की जाए।
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इससे पूर्व दिए गए 12 सूत्री ज्ञापन पर हुई विभागीय कार्रवाई से अवगत कराया जाए। मौके पर अवधेश वर्मा, नरेश अवस्थी, राकेश कुमार, राजकुमार, अनिल, ओमप्रकाश यादव, सचेंद्र कुमार दीक्षित, इंद्रमोहन आदि मौजूद रहे।