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ठंड में बिना स्वेटर, जूते के स्कूल जा रहे बच्चे
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सीतापुर में प्राथमिक विद्यालय चौबेटोला द्वितीय में बिना स्कूली स्वेटर पहने बैठे छात्र। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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नहीं मिला बजट
रामपुर मथुरा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रामपुर मथुरा प्रथम में 157 नौनिहाल अध्ययनरत हैं। इसमें 127 बच्चों की जानकारी परिषद की वेबसाइट पर भेजी गई थी। अभी तक बच्चों को पैसा नहीं मिल सका है। इससे वह बिना स्कूल ड्रेस के आ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय रामपुर द्वितीय में 199 बच्चे पंजीकृत हैं। महज 30 बच्चों को पैसा मिला है। इनके अभिभावकों ने बच्चों को स्वेटर व जूता मोजा खरीद कर नहीं दिए हैं।
एक भी बच्चे को नहीं मिला पैसा
सीतापुर नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चौबेटोला द्वितीय में बुधवार को नौनिहाल पढ़ते हुए दिखाई दिए। वहां पर पढ़ रहे अधिकतर नौनिहाल स्कूल ड्रेस व बिना स्वेटर के पढ़ रहे थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में अध्ययनरत किसी भी नौनिहाल को पैसा नहीं मिला है। उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। बिना स्कूल ड्रेस पहने बच्चे पढ़ते दिखाई दिए।
बिना जूता मोजा पहने आ रहे नौनिहाल
विकासखंड एलिया के प्राथमिक विद्यालय पेरई रायपुर में 154 नौनिहाल पंजीकृत है। वहां पर केवल 38 बच्चों को लाभ दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय छतौना में 189 नौनिहाल पंजीकृत है। जिसमें 36 बच्चों को लाभ मिला है। अधिकांश नौनिहाल बिना जूता मोजा ही पहने पढ़ते हुए दिखाई दिए।
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सीतापुर। दिसंबर माह के आगाज के साथ ही ठंडक बढ़ने लगी है। विद्यालय आ रहे नौनिहालों को स्वेटर व जूता मोजा की सख्त जरूरत है, लेकिन डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) में देरी व अभिभावकों की निष्क्रियता के कारण नौनिहाल परेशान हैं। वह बिना जूता मोजा पहने ही विद्यालय आ रहे हैं। इसकी तस्दीक ऊपर दिए गए केस कर रहे हैं।
शासन ने इस बार नौनिहालों को ड्रेस, बैग व जूता मोजा का सीधे वितरण न करके उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये ट्रांसफर करने की योजना शुरू की है। इससे अभिभावक पैसे निकालकर बच्चों को जूता मोजा खरीदकर दे सकेंगे। डीबीटी में देरी हो रही है। दिसंबर माह के शुरू होने के साथ ठंडक बढ़ती जा रही है।
ऐसे में नौनिहाल बिना ड्रेस व जूता मोजा पहने विद्यालय आ रहे हैं। जिले में 2.14 लाख नौनिहालों के खातों में पैसा भेजा जा चुका है। इन नौनिहालों के अभिभावक भी कम लापरवाह नहीं है। उन्होंने बच्चों को स्वेटर व जूता मोजा खरीद कर नहीं दिए हैं। वहीं, 3.6 लाख नौनिहाल बजट आने की राह देख रहे हैं। इन हालातों में नौनिहालों को ठंड में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
भेजा जा चुका है पैसा
डीबीटी के तहत सीधे बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा भेजा जाएगा। पहले चरण में 2.14 लाख नौनिहालों को इसका लाभ दिया जा चुका है। अभिभावकों से अपील है कि वह अपने खाते से पैसा निकालकर बच्चों को इसका लाभ दें।
अजीत कुमार, बीएसए
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रामपुर मथुरा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रामपुर मथुरा प्रथम में 157 नौनिहाल अध्ययनरत हैं। इसमें 127 बच्चों की जानकारी परिषद की वेबसाइट पर भेजी गई थी। अभी तक बच्चों को पैसा नहीं मिल सका है। इससे वह बिना स्कूल ड्रेस के आ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय रामपुर द्वितीय में 199 बच्चे पंजीकृत हैं। महज 30 बच्चों को पैसा मिला है। इनके अभिभावकों ने बच्चों को स्वेटर व जूता मोजा खरीद कर नहीं दिए हैं।
एक भी बच्चे को नहीं मिला पैसा
सीतापुर नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चौबेटोला द्वितीय में बुधवार को नौनिहाल पढ़ते हुए दिखाई दिए। वहां पर पढ़ रहे अधिकतर नौनिहाल स्कूल ड्रेस व बिना स्वेटर के पढ़ रहे थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में अध्ययनरत किसी भी नौनिहाल को पैसा नहीं मिला है। उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। बिना स्कूल ड्रेस पहने बच्चे पढ़ते दिखाई दिए।
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बिना जूता मोजा पहने आ रहे नौनिहाल
विकासखंड एलिया के प्राथमिक विद्यालय पेरई रायपुर में 154 नौनिहाल पंजीकृत है। वहां पर केवल 38 बच्चों को लाभ दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय छतौना में 189 नौनिहाल पंजीकृत है। जिसमें 36 बच्चों को लाभ मिला है। अधिकांश नौनिहाल बिना जूता मोजा ही पहने पढ़ते हुए दिखाई दिए।
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सीतापुर। दिसंबर माह के आगाज के साथ ही ठंडक बढ़ने लगी है। विद्यालय आ रहे नौनिहालों को स्वेटर व जूता मोजा की सख्त जरूरत है, लेकिन डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) में देरी व अभिभावकों की निष्क्रियता के कारण नौनिहाल परेशान हैं। वह बिना जूता मोजा पहने ही विद्यालय आ रहे हैं। इसकी तस्दीक ऊपर दिए गए केस कर रहे हैं।
शासन ने इस बार नौनिहालों को ड्रेस, बैग व जूता मोजा का सीधे वितरण न करके उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये ट्रांसफर करने की योजना शुरू की है। इससे अभिभावक पैसे निकालकर बच्चों को जूता मोजा खरीदकर दे सकेंगे। डीबीटी में देरी हो रही है। दिसंबर माह के शुरू होने के साथ ठंडक बढ़ती जा रही है।
ऐसे में नौनिहाल बिना ड्रेस व जूता मोजा पहने विद्यालय आ रहे हैं। जिले में 2.14 लाख नौनिहालों के खातों में पैसा भेजा जा चुका है। इन नौनिहालों के अभिभावक भी कम लापरवाह नहीं है। उन्होंने बच्चों को स्वेटर व जूता मोजा खरीद कर नहीं दिए हैं। वहीं, 3.6 लाख नौनिहाल बजट आने की राह देख रहे हैं। इन हालातों में नौनिहालों को ठंड में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
भेजा जा चुका है पैसा
डीबीटी के तहत सीधे बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा भेजा जाएगा। पहले चरण में 2.14 लाख नौनिहालों को इसका लाभ दिया जा चुका है। अभिभावकों से अपील है कि वह अपने खाते से पैसा निकालकर बच्चों को इसका लाभ दें।
अजीत कुमार, बीएसए