{"_id":"63e93983b497e92d8c0ab1eb","slug":"child-burnt-alive-in-pisawan-taparpurwa-ashes-sitapur-news-c-13-1-85673-2023-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीतापुर: पिसावां में बालक जिंदा जला, टापरपुरवा राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीतापुर: पिसावां में बालक जिंदा जला, टापरपुरवा राख
Mon, 13 Feb 2023 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 13 Feb 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
पिसावां/सकरन/लहरपुर। जिले में रविवार को आग ने जमकर कहर बरपाया। पिसावां के राजुआपुर गांव में लुकाछिपी खेलते समय बालक आग की चपेट में आकर जिंदा जल गया। काफी देर तक नजर न आने पर परिजनों ने तलाश की, तब घटना का पता चला।
उधर, सकरन थाना क्षेत्र के टापरपुरवा में चूल्हे की चिंगारी से सभी 36 मकान राख हो गए। लहरपुर के मजरा चंदवासोत में भी आग की चपेट में आकर पांच मकान राख हो गए। यहां पर करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सकरन क्षेत्र के टापरपुरवा मजरा धनपुरिया गांव में रविवार को आग से 36 मकान जल गए।
यहां के निवासी उत्तम के घर में छप्पर के नीचे खाना बन रहा था। अचानक उनके छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने आनन-फानन पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी लेकिन तेज हवा आग की लपटों को दोगुनी तेजी से फैला रही थी। देखते ही देखते पूरे गांव को अपने आगोश में ले लिया। अग्निकांड में चेतराम, नरेश, छोटकऊ, रामसहींय, ताराचंद, कमलेश, सोनेलाल,
विज्ञापन
रामजस, छोटेलाल, दुजई समेत 36 मकान
जलकर राख हो गए। लोगों के घरों में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज आदि सामान राख
हो गया। साधू की चार बकरिया जिंदा जल गई। दमकल विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
सूचना पाकर बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप, लहरपुर तहसीलदार शशिबिन्द द्विवेदी, सीओ बिसवां अभिषेक प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और पीडि़त परिवारों को सरकारी सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
सकरन कस्बा निवासी मटका राजपूत के घर में सुबह आग लग गई। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। लहरपुर के गांव टिकोना के मजरा चंदवासोत निवासी घनश्याम के घर खाना बनाते समय आग लग गई। पड़ोस के सरोज, अच्छेलाल, राममूर्ति, सावित्री देवी, अशोक, सकतू के में मकान में आग लग गई। चपेट में आकर बसंत और तेजराम की दो बीघे गन्ने की फसल राख हो गई।
दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने पंपिंग सेट से आग बुझाई। आग लगने की सूचना पर पहुंचे नायाब तहसीलदार अशोक यादव ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। पीड़ितों के लिए त्रिपाल, कंबल एवं भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, राजुआपुर निवासी हरिद्वारी मजदूरी करता है। परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। तीसरे नंबर की संतान आशीष (7) रविवार शाम को गांव के अन्य बच्चों के साथ लुकाछिपी खेल रहा था। इसी दौरान वह घर के पास पुआल के ढेर में जाकर छिप गया। उसी समय अज्ञात कारण से पुआल में आग लग गई। आग लगने की जानकारी पर परिजन आग बुझाने पहुंचे। आशीष नजर नहीं आया। उसकी खोज शुरू हुई। जब आग बुझी तो आशीष का शव जला हुआ मिला।
घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अमित भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
उधर, सकरन थाना क्षेत्र के टापरपुरवा में चूल्हे की चिंगारी से सभी 36 मकान राख हो गए। लहरपुर के मजरा चंदवासोत में भी आग की चपेट में आकर पांच मकान राख हो गए। यहां पर करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सकरन क्षेत्र के टापरपुरवा मजरा धनपुरिया गांव में रविवार को आग से 36 मकान जल गए।
विज्ञापन
यहां के निवासी उत्तम के घर में छप्पर के नीचे खाना बन रहा था। अचानक उनके छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने आनन-फानन पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी लेकिन तेज हवा आग की लपटों को दोगुनी तेजी से फैला रही थी। देखते ही देखते पूरे गांव को अपने आगोश में ले लिया। अग्निकांड में चेतराम, नरेश, छोटकऊ, रामसहींय, ताराचंद, कमलेश, सोनेलाल,
विज्ञापन
रामजस, छोटेलाल, दुजई समेत 36 मकान
जलकर राख हो गए। लोगों के घरों में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज आदि सामान राख
हो गया। साधू की चार बकरिया जिंदा जल गई। दमकल विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
सूचना पाकर बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप, लहरपुर तहसीलदार शशिबिन्द द्विवेदी, सीओ बिसवां अभिषेक प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और पीडि़त परिवारों को सरकारी सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
सकरन कस्बा निवासी मटका राजपूत के घर में सुबह आग लग गई। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। लहरपुर के गांव टिकोना के मजरा चंदवासोत निवासी घनश्याम के घर खाना बनाते समय आग लग गई। पड़ोस के सरोज, अच्छेलाल, राममूर्ति, सावित्री देवी, अशोक, सकतू के में मकान में आग लग गई। चपेट में आकर बसंत और तेजराम की दो बीघे गन्ने की फसल राख हो गई।
दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने पंपिंग सेट से आग बुझाई। आग लगने की सूचना पर पहुंचे नायाब तहसीलदार अशोक यादव ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। पीड़ितों के लिए त्रिपाल, कंबल एवं भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, राजुआपुर निवासी हरिद्वारी मजदूरी करता है। परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। तीसरे नंबर की संतान आशीष (7) रविवार शाम को गांव के अन्य बच्चों के साथ लुकाछिपी खेल रहा था। इसी दौरान वह घर के पास पुआल के ढेर में जाकर छिप गया। उसी समय अज्ञात कारण से पुआल में आग लग गई। आग लगने की जानकारी पर परिजन आग बुझाने पहुंचे। आशीष नजर नहीं आया। उसकी खोज शुरू हुई। जब आग बुझी तो आशीष का शव जला हुआ मिला।
घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अमित भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।