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प्रत्याशियों पर खरा उतरने की चुनौती

Thu, 03 Feb 2022 12:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 12:27 AM IST
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challenge to the candidates
सीतापुर। घड़ी की सुइयां मंगलवार रात 9:42 बजा रही थी। इस बीच भाजपा की ओर से जारी प्रत्याशियों की सूची ने कड़ाके की ठंड और कुहासे के बीच सियासी तापमान बढ़ा दिया। फोन घनघनाने लगे। सीटों पर उतारे गए प्रत्याशियों के नाम को देखकर हर कोई चौंका। चौंकना लाजिमी था। सबसे ज्यादा सदर सीट से उतारे गए प्रत्याशी के नाम ने लोगों को चौंकाया। इसी के साथ शुरू हो गया सभी का अपना-अपना गुणा-गणित।
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लोगों ने व्हाट्सएप से लेकर फेसबुकिया ज्ञान भी उड़ेला। कौन, कहां से जीतेगा, यह भी तय हो गया। सदर विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में जीते नगर विधायक राकेश राठौर के पार्टी छोड़कर सपा में शामिल होने के बाद भाजपा के लिए सदर विधानसभा सीट काफी महत्वपूर्ण हो गई है। मुख्य विपक्षी पार्टी सपा ने इस सीट से चार बार के विधायक राधेश्याम जायसवाल को उतारा। ऐसे में भाजपा के सामने राधेश्याम से सियासत की पिच पर मुकाबला करने के लिए मजबूत प्रत्याशी की दरकार थी। लंबे समय से कई नामों को लेकर चर्चाएं थीं।
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मौसम की तरह दावेदारों के नाम बदल रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा था कि सदर सीट से पार्टी किसी ब्राह्मण या फिर पिछड़ी जाति के चेहरे पर दांव लगा सकती है। कई नामों की चर्चाएं भी तेज थी, लेकिन पार्टी ने टिकट जारी किया तो हर कोई पशोपेश में पड़ गया। इसकी एक बड़ी वजह थी कि, भाजपा ने जिन राकेश राठौर ‘गुरु’ को सदर से प्रत्याशी उतारा है, उनका नाम सियासी चर्चाओं से बाहर था। लेकिन अंदरखाने पूरी तैयारी जरूर रही होगी।
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अब बात करते हैं महोली विधानसभा सीट की। यहां से भाजपा ने फिर विधायक शशांक त्रिवेदी पर दांव लगाया है। उनका भी टिकट इस बार कटना तय माना जा रहा था। इस बात को और मजबूती उस सूची ने दी थी, जो पहली बार जारी हुई थी। जिसमें जिले की पांच विधानसभाओं में पुराने चेहरों को उतारा गया था। इसी से कयास लगाए जा रहे थे कि शशांक त्रिवेदी का भी टिकट कट सकता है, लेकिन सूची आई तो इस नाम ने भी लोगों को चौंका दिया।
सिधौली विधानसभा सीट से मनीष रावत के नाम को लेकर तस्वीर पहले ही साफ थी। बस, इंतजार फाइनल मुहर का था। वह भी लग गई। इस तरह भाजपा ने सदर, सिधौली पर नए चेहरों पर दांव लगाया है, जबकि महोली में पुराने चेहरे पर जीत का भरोसा जताया है, लेकिन सवाल वही कि पार्टी के भरोसे का दांव इन तीनों सीटों पर क्या उम्मीदों का कमल खिला पाएगा।
तीनों सीटों पर कांटे की टक्कर
सियासी जानकारों की माने तो सदर, महोली और सिधौली सीटों पर टक्कर कांटे की रहने वाली है। सदर में भाजपा प्रत्याशी का सीधा मुकाबला चार बार के विधायक रहे राधेश्याम जायसवाल से है। महोली विधायक का मुकाबला पूर्व विधायक अनूप गुप्ता से है, जो 2017 के चुनाव में करीब तीन हजार वोटों से हारे थे। इसी तरह से सिधौली में भाजपा प्रत्याशी का मुकाबला 2017 में मोदी लहर में बसपा की सीट को बचाने में कामयाब रहने वाले पूर्व विधायक डॉ. हरगोविंद भार्गव (अब सपा प्रत्याशी) से है। ऐसे में तीनों सीटों पर मुुकाबला एक-दूसरे का कांटे का रहने वाला है।

राकेश राठौर ‘गुरु’ की अंदरखाने थी तैयारी
कहते हैं कि मौजूदा समय की राजनीति में भाजपा से टिकट पाना आसान नहीं है, ऐसे में राकेश राठौर ‘गुरु’ को टिकट मिला तो लोग अचरज में हैं, लेकिन सियासी जानकारों की माने तो भाजपा प्रत्याशी की अंदरखाने पूरी तैयारी चल रही थी। यही वजह है कि उनसे जुड़े लोग बताते हैं कि राकेश राठौर ‘गुरु’ ने अभी हाल ही में दो नई लग्जरी कारें भी ली थीं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि तैयारी पूरी थी।
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