{"_id":"5815e31f4f1c1b980dbc2d11","slug":"celebrate-deepawali-in-sitapur","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरती से आसमान तक जगमगाया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरती से आसमान तक जगमगाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2016 05:40 PM IST
विज्ञापन
crackers
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर तरफ पटाखों का शोर। झिलमिल करते दीये और बिजली की झालरों से नहाया शहर। दीप पर्व पर शहर से लेकर गांव तक खुशियों की बारिश हुई। शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठा। बच्चों के साथ ही बड़ों ने भी आतिशबाजी का जमकर लुत्फ उठाया। लोगों ने माता लक्ष्मी, भगवान गणेश व कुबेर की पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। दीपक की रोशनी से अमावस की काली रात जगमगा उठी।
विज्ञापन
लोगों ने रविवार को शुभ मुहूर्त पर घरों, प्रतिष्ठानों, कार्यालयों में विधि-विधान से भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की मूर्तियां स्थापित कीं। वहीं कुबेर का आसन भी गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा के करीब ही लगाया। इन प्रतिमाओं के आगे मंत्रोच्चारण के साथ मिट्टी के दीपकों की ज्योति रोशन की, पूजन सामग्री के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
इस दौरान लोगों ने भगवान गणेश, मां लक्ष्मी से सुख, समृद्धि, धन से परिपूर्ण करने की कामना की। पूजा संपन्न करने के साथ घर से लेकर बाहर तक दीपक, मोमबत्ती व इलेक्ट्रिक झालरों से घरों व प्रतिष्ठानों को सजाया। पूजा अर्चना के दौरान ही लोग जलती हुई अलाय-बलाय लेकर घर से निकले। पूजन के बाद बच्चों ने आतिशबाजी का आनंद उठाया।
विज्ञापन
बच्चे फिरकी, फुलझड़ी, सांप आदि आइटमों को जलाते दिखे। धूम धड़ाका ऐसा कि पूरे जिला में पटाखों की गूंज दिखी। धरती पर दीपक, मोमबत्ती व इलेक्ट्रिक झालरें रोशनी बिखेर रहीं थीं। देर रात तक लोगों ने दीपावली को खुशियों के साथ मनाया और प्रसाद वितरित कर दीपावली का त्यौहार मनाया।
पूजन के बाद लोगों ने भगवान गणेश के समक्ष पढ़ाई की और आगे बढ़ने का आशीर्वाद मांगा। उधर, रविवार सुबह से ही बाजारों में लोगों की भीड़ दिखी। लइया, गट्टा व चूरा खरीदने के साथ लोगों ने पूजन में लगने वाले जरूरी सामान खरीदे। वहीं लक्ष्मी पूजन में विशेष रूप से प्रयुक्त होने वाले कमल के फूल की खासी मांग रही। कमल के पुष्प 70 से 150 रुपये तक बिके। जबकि गुलाब की कलियां 20 से 35 रुपये में बिकीं।