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फर्जी शिक्षकों पर दर्ज नहीं हो पा रहे केस
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सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में एसटीएफ ने 15 फर्जी शिक्षकों को पिछले तीन सालों में पकड़ा है। ये लोग दूसरे के अभिलेख लगाकर या फर्जी बनवाकर नौकरी कर रहे थे। इनकी सेवाएं समाप्त कर बीईओ को इनके खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद बीईओ ने महज छह शिक्षकों के खिलाफ ही केस दर्ज करवाया। बीईओ पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की बात कह रहे है तो पुलिस अभिलेख पूरे न होने की बात कहकर टाल रही है।
आगरा जिले से फर्जी शिक्षकों का मामला करीब तीन साल पहले खुला था। उसके बाद एसटीएफ इन फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही है। एफटीएफ की जांच में जिले में 15 फर्जी शिक्षक मिले थे। यह लोग दूसरे के अभिलेख लगाकर नौकरी कर रहे थे तो कोई फर्जी अभिलेख बनवाकर अपने नाम से ही नौकरी कर रहा था। इसका खुलासा विश्वविद्यालय के सत्यापन में हुआ था।
इसके बाद बीएसए ने इन शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। संबंधित ब्लॉक के बीईओ को इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। अब तक 15 में से महज छह शिक्षकों के ही खिलाफ केस दर्ज हो पाया है। जिन फर्जी शिक्षकों को चिह्नित किया गया था, यह लोग एफटीएफ की टीम स्कूल पहुंचने से पहले ही फरार हो गए थे। बीईओ का कहना है कि पुलिस को कई बार तहरीर दी जा चुकी है लेकिन पुलिस केस दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही है।
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रिकवरी भी लटकी
एसटीएफ ने 15 फर्जी शिक्षकों को पकड़ा है। इन शिक्षकों के खिलाफ बीएसए ने बीईओ को केस दर्ज करवाने व वेतन की रिकवरी करवाने के निर्देश दिए थे। अब तक इनके वेतन की रिकवरी नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देश दिए गए थे।
कई शिक्षक बन गए थे प्रधानाध्यापक
एसटीएफ ने जिन 15 शिक्षकों को पकड़ा है, यह शिक्षक लंबे समय से नौकरी कर रहे थे। कई शिक्षक तो प्रमोशन पाकर प्रधानाध्यापक भी बन गए थे। लेकिन जब इनके फर्जी होने का खुलासा हुआ तो यह स्कूल छोड़कर फरार हो गए है।
कई फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज करवाया जा चुका है। जिनके खिलाफ नहीं हो पाया, उसके लिए बीईओ को निर्देशित कर दिया गया है। कई बीईओ ने बताया कि पुलिस केस दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही है।
- अजीत कुमार, बीएसए
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आगरा जिले से फर्जी शिक्षकों का मामला करीब तीन साल पहले खुला था। उसके बाद एसटीएफ इन फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही है। एफटीएफ की जांच में जिले में 15 फर्जी शिक्षक मिले थे। यह लोग दूसरे के अभिलेख लगाकर नौकरी कर रहे थे तो कोई फर्जी अभिलेख बनवाकर अपने नाम से ही नौकरी कर रहा था। इसका खुलासा विश्वविद्यालय के सत्यापन में हुआ था।
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इसके बाद बीएसए ने इन शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। संबंधित ब्लॉक के बीईओ को इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। अब तक 15 में से महज छह शिक्षकों के ही खिलाफ केस दर्ज हो पाया है। जिन फर्जी शिक्षकों को चिह्नित किया गया था, यह लोग एफटीएफ की टीम स्कूल पहुंचने से पहले ही फरार हो गए थे। बीईओ का कहना है कि पुलिस को कई बार तहरीर दी जा चुकी है लेकिन पुलिस केस दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही है।
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रिकवरी भी लटकी
एसटीएफ ने 15 फर्जी शिक्षकों को पकड़ा है। इन शिक्षकों के खिलाफ बीएसए ने बीईओ को केस दर्ज करवाने व वेतन की रिकवरी करवाने के निर्देश दिए थे। अब तक इनके वेतन की रिकवरी नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देश दिए गए थे।
कई शिक्षक बन गए थे प्रधानाध्यापक
एसटीएफ ने जिन 15 शिक्षकों को पकड़ा है, यह शिक्षक लंबे समय से नौकरी कर रहे थे। कई शिक्षक तो प्रमोशन पाकर प्रधानाध्यापक भी बन गए थे। लेकिन जब इनके फर्जी होने का खुलासा हुआ तो यह स्कूल छोड़कर फरार हो गए है।
कई फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज करवाया जा चुका है। जिनके खिलाफ नहीं हो पाया, उसके लिए बीईओ को निर्देशित कर दिया गया है। कई बीईओ ने बताया कि पुलिस केस दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही है।
- अजीत कुमार, बीएसए