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कोरोना की मार: दरी उद्योग को 4 करोड़ का झटका
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खैराबाद (सीतापुर)। जिले के दरी उद्योग पर कोरोना का व्यापक असर पड़ा है। अभी तक नागरिकों पर शारीरिक व मानसिक प्रभाव डालने वाले कोरोना वायरस ने अब आर्थिक नुकसान भी शुरू कर दिया है। एक जिला एक उत्पाद में चयनित यहां के दरी उद्योग पर कोरोना से तगड़ा इफेक्ट पड़ा है। विदेशों से लगभग 4 करोड़ के आर्डर पर ब्रेक लगने से निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
पहले से मंदी की मार झेल रहे दरी उद्योग पर कोरोना इफेक्ट से कारोबारी बेहद मायूस हैं। आमदनी ठप होने पर फैक्टरी संचालकों व निर्यातकों के साथ ही करीब दो लाख बुनकरों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। दुनिया के कई देशों में दहशत का पर्याय बना कोरोना वायरस स्वास्थ्य के साथ ही अब आर्थिक व्यवस्था के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।
विदेशों तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले सीतापुर के दरी उद्योग के लिए कोरोना किसी कहर से कम नहीं है। जिले में दरी उद्योग की लगभग 100 इकाइयां हैं। यहां दरी उद्योग का हर साल तकरीबन 400 करोड़ का कारोबार है। यहां की बेहतरीन दरी यूरोप, फ्रांस, स्पेन, पेरिस, इटली, जर्मनी, यूएस, सऊदी अरब समेत कई देशों में निर्यात की जाती हैं।
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कोरोना वायरस का बढ़ता खतरा देख कई देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं सील कर दी हैं। आयात-निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इससे दरी उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस कारोबार से जुड़े लोगों को विदेशों से मिलने वाले आर्डर कैंसल होने पर तगड़ा झटका लगा है। हर दिन कहीं न कहीं से आर्डर कैंसल होने की खबर आ रही है। कई करोड़ के नुकसान का अनुमान है। भारी नुकसान से फैक्टरी मालिक व निर्यातक मायूस हैं। कारोबार ठप होने से लगभग दो लाख बुनकरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है।
उपायुक्त उद्योग आशीष गुप्ता ने बताया कि सीतापुर का दरी उद्योग एक जिला एक उत्पाद में चयनित है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है। दैवी आपदा से किसी भी तरह के नुकसान की रिपोर्ट सीएम स्तर से मांगी गई है। दरी कारोबारियों के लिए जिस तरह के निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार काम किया जाएगा।
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पहले से मंदी की मार झेल रहे दरी उद्योग पर कोरोना इफेक्ट से कारोबारी बेहद मायूस हैं। आमदनी ठप होने पर फैक्टरी संचालकों व निर्यातकों के साथ ही करीब दो लाख बुनकरों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। दुनिया के कई देशों में दहशत का पर्याय बना कोरोना वायरस स्वास्थ्य के साथ ही अब आर्थिक व्यवस्था के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।
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विदेशों तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले सीतापुर के दरी उद्योग के लिए कोरोना किसी कहर से कम नहीं है। जिले में दरी उद्योग की लगभग 100 इकाइयां हैं। यहां दरी उद्योग का हर साल तकरीबन 400 करोड़ का कारोबार है। यहां की बेहतरीन दरी यूरोप, फ्रांस, स्पेन, पेरिस, इटली, जर्मनी, यूएस, सऊदी अरब समेत कई देशों में निर्यात की जाती हैं।
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कोरोना वायरस का बढ़ता खतरा देख कई देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं सील कर दी हैं। आयात-निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इससे दरी उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस कारोबार से जुड़े लोगों को विदेशों से मिलने वाले आर्डर कैंसल होने पर तगड़ा झटका लगा है। हर दिन कहीं न कहीं से आर्डर कैंसल होने की खबर आ रही है। कई करोड़ के नुकसान का अनुमान है। भारी नुकसान से फैक्टरी मालिक व निर्यातक मायूस हैं। कारोबार ठप होने से लगभग दो लाख बुनकरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है।
उपायुक्त उद्योग आशीष गुप्ता ने बताया कि सीतापुर का दरी उद्योग एक जिला एक उत्पाद में चयनित है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है। दैवी आपदा से किसी भी तरह के नुकसान की रिपोर्ट सीएम स्तर से मांगी गई है। दरी कारोबारियों के लिए जिस तरह के निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार काम किया जाएगा।