{"_id":"61f580c47c3dc56721599645","slug":"cage-set-up-to-catch-tiger-sitapur-news-lko6155508165","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ को पकड़ने के लिए लगाया पिंजड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ को पकड़ने के लिए लगाया पिंजड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोली (सीतापुर)। महोली इलाके में बाघ की दहशत लगातार बढ़ रही है। बाघ को पकड़ने के लिए शनिवार को वन विभाग की टीम ने पिंजड़ा लगा दिया है। टीम कांबिंग कर रही है।
करीब 15 दिन पहले चंद्रा गांव में नदी की तलहटी के खेतों में जंगली जानवर के पग चिह्न मिले थे। इसके बाद वन विभाग की टीम ने कठिना नदी की तलहटी में कांबिंग की थी। चंद्रा के अलावा हरैया, कोल्हौरा, जहांसापुर, सहातीनगर व अमिरता गांव तक टीम को पग चिह्न मिले थे। जिसकी जांच कर विभाग ने बाघ होने की पुष्टि की थी। वन विभाग की टीम खीरी के जंगलों की ओर बाघ के जाने का कयास लगा रही थी।
इसी बीच बीते मंगलवार को चंद्रा गांव निवासी श्यामू रैदास की गाय को गांव के अंदर घुसकर बाघ ने निवाला बना डाला। इसके बाद वन विभाग को दोबारा कांबिंग करने को मजबूर होना पड़ा। शनिवार को एसडीओ एके मिश्रा के निर्देश पर कांबिग भी की गई। इसके बाद देेेर शाम चंद्रा गांव के निकट जंगल में पिंजड़ा लगाया गया। एसडीओ ने बताया कि कांबिंग के दौरान बाघ के इसी इलाके में होने की आशंका है। पिंजड़ा लगाने से उसके फंसने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब 15 दिन पहले चंद्रा गांव में नदी की तलहटी के खेतों में जंगली जानवर के पग चिह्न मिले थे। इसके बाद वन विभाग की टीम ने कठिना नदी की तलहटी में कांबिंग की थी। चंद्रा के अलावा हरैया, कोल्हौरा, जहांसापुर, सहातीनगर व अमिरता गांव तक टीम को पग चिह्न मिले थे। जिसकी जांच कर विभाग ने बाघ होने की पुष्टि की थी। वन विभाग की टीम खीरी के जंगलों की ओर बाघ के जाने का कयास लगा रही थी।
विज्ञापन
इसी बीच बीते मंगलवार को चंद्रा गांव निवासी श्यामू रैदास की गाय को गांव के अंदर घुसकर बाघ ने निवाला बना डाला। इसके बाद वन विभाग को दोबारा कांबिंग करने को मजबूर होना पड़ा। शनिवार को एसडीओ एके मिश्रा के निर्देश पर कांबिग भी की गई। इसके बाद देेेर शाम चंद्रा गांव के निकट जंगल में पिंजड़ा लगाया गया। एसडीओ ने बताया कि कांबिंग के दौरान बाघ के इसी इलाके में होने की आशंका है। पिंजड़ा लगाने से उसके फंसने की उम्मीद है।
विज्ञापन