{"_id":"61e9a60c539a38770f2edba3","slug":"brothers-can-be-face-to-face-in-the-election-battle-sitapur-news-lko614351693","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी रण में आमने-सामने हो सकते भाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी रण में आमने-सामने हो सकते भाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। कहते हैं कि प्यार और जंग में सब जायज है। यहां कौन दोस्त, दुश्मन बन जाए और कौन दुश्मन, दोस्त बन जाए... यह कह पाना मुमकिन नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों राजनीति में देखने को मिल रहा है। चुनावी बिगुल बजने के साथ ही जिले में सियासत चरम पर है। उठापटक का खेल जारी है। अगर सबसे ज्यादा किसी सीट को लेकर सियासी बयार बह रही है तो वह हरगांव विधानसभा सीट है।
2017 में भाजपा के टिकट से सुरेश राही विधायक बने थे। वह इस बार भी टिकट पाने को लेकर पुरजोर कोशिशों में लगे हैं। अब उनका प्रयास और पिछले पांच सालों में क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों, गतिविधियों से पार्टी कितना संतुष्ट है या नहीं, टिकट मिलेगा या फिर कटेगा... यह तो चंद दिनों के बाद सामने आ जाएगा। यही हाल इनके सगे भाई रमेश राही का है।
वह हरगांव से सपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। पिछली बार 2017 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था, लेकिन इस बार वह टिकट को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। दावा कर रहे हैं कि सपा से उन्हें ही टिकट मिलेगा। ऐसे में उनके दावों में कितना दम है, यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
विज्ञापन
अगर दोनों भाइयों (भाजपा से सुरेश राही, सपा से रमेश राही) को पार्टी टिकट देती है तो दोनों भाई चुनावी दंगल में आमने-सामने हो सकते हैं। चुुनावी फिजा में ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। हरगांव में इसको लेकर चुनावी चौसर में भी तेज है। अब सभी की नजरें टिकट पर टिकी हुई हैं। टिकट फाइनल होने के बाद ही तय होगा कि भाइयों का चुनावी दंगल छिड़ेगा या नहीं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी ताल ठोक पाएंगे या नहीं। इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।
टिकट मिला तो छिड़ेगा भाइयों का दंगल
हरगांव विधानसभा क्षेत्र की सीट से विधायक सुरेश रही, इनके सगे भाई रमेश राही के बीच आमने-सामने चुनाव लड़ने के कयासों के बीच चर्चाएं हैं कि अगर दोनों लोगों को पार्टी टिकट देगी तो चुनाव लड़ेंगे जरूर। ऐसे में यहां का चुनावी दंगल काफी दिलचस्प हो सकता है।
रामहेत भारती के सपा में शामिल होने से चर्चाएं तेज
हाल ही में भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए बसपा सरकार में मंत्री रहे रामहेत भारती की एंट्री से हरगांव विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है।
अभी तक सपा के पूर्व विधायक रहे रमेश राही के अलावा कोई मजबूत दावेदार इस सीट पर नजर नहीं आ रहा, लेकिन यह एंट्री क्या कहती है, किधर चुनावी गणित जाना वाला है, इसकी चर्चाएं हर किसी की जुबां पर हैं। पार्टी किस पर दांव लगाएगी, रामहेत भारती या फिर रमेश राही पर... देखना दिलचस्प होगा। हाल फिलहाल रामहेत भारी की एंट्री से रमेश की धड़कनें बढ़ गईं होंगी।
विज्ञापन
2017 में भाजपा के टिकट से सुरेश राही विधायक बने थे। वह इस बार भी टिकट पाने को लेकर पुरजोर कोशिशों में लगे हैं। अब उनका प्रयास और पिछले पांच सालों में क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों, गतिविधियों से पार्टी कितना संतुष्ट है या नहीं, टिकट मिलेगा या फिर कटेगा... यह तो चंद दिनों के बाद सामने आ जाएगा। यही हाल इनके सगे भाई रमेश राही का है।
विज्ञापन
वह हरगांव से सपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। पिछली बार 2017 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था, लेकिन इस बार वह टिकट को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। दावा कर रहे हैं कि सपा से उन्हें ही टिकट मिलेगा। ऐसे में उनके दावों में कितना दम है, यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
विज्ञापन
अगर दोनों भाइयों (भाजपा से सुरेश राही, सपा से रमेश राही) को पार्टी टिकट देती है तो दोनों भाई चुनावी दंगल में आमने-सामने हो सकते हैं। चुुनावी फिजा में ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। हरगांव में इसको लेकर चुनावी चौसर में भी तेज है। अब सभी की नजरें टिकट पर टिकी हुई हैं। टिकट फाइनल होने के बाद ही तय होगा कि भाइयों का चुनावी दंगल छिड़ेगा या नहीं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी ताल ठोक पाएंगे या नहीं। इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।
टिकट मिला तो छिड़ेगा भाइयों का दंगल
हरगांव विधानसभा क्षेत्र की सीट से विधायक सुरेश रही, इनके सगे भाई रमेश राही के बीच आमने-सामने चुनाव लड़ने के कयासों के बीच चर्चाएं हैं कि अगर दोनों लोगों को पार्टी टिकट देगी तो चुनाव लड़ेंगे जरूर। ऐसे में यहां का चुनावी दंगल काफी दिलचस्प हो सकता है।
रामहेत भारती के सपा में शामिल होने से चर्चाएं तेज
हाल ही में भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए बसपा सरकार में मंत्री रहे रामहेत भारती की एंट्री से हरगांव विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है।
अभी तक सपा के पूर्व विधायक रहे रमेश राही के अलावा कोई मजबूत दावेदार इस सीट पर नजर नहीं आ रहा, लेकिन यह एंट्री क्या कहती है, किधर चुनावी गणित जाना वाला है, इसकी चर्चाएं हर किसी की जुबां पर हैं। पार्टी किस पर दांव लगाएगी, रामहेत भारती या फिर रमेश राही पर... देखना दिलचस्प होगा। हाल फिलहाल रामहेत भारी की एंट्री से रमेश की धड़कनें बढ़ गईं होंगी।