{"_id":"57c47bee4f1c1b0b4b2cb793","slug":"boy-flowing-the-water-of-ghaghara","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी किनारे बैठा बालक कटान से बहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी किनारे बैठा बालक कटान से बहा
Amar ujala Bureau
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पासिनपुरवा गांव के पास सोमवार सुबह एक बालक घाघरा नदी के किनारे बैठा था। तभी कटान के कारण अचानक जमीन का एक बड़ा हिस्सा नदी में गिर गया। इसके साथ बालक भी घाघरा में गिर गया। तेज बहाव के कारण वह नदी की धारा में बहने लगा।
जब तक ग्रामीण कुछ कर पाते बालक नदी में डूब कर आंखों से ओझल हो गया। देर शाम तक ग्रामीण नाव व जाल के सहारे नदी को खंगालते रहे, लेकिन बालक का कोई पता नहीं चल सका।
घाघरा नदी थानगांव क्षेत्र के ग्राम पासिनपुरवा के पास कटान कर रही है। सोमवार सुबह गांव के पेशकार का पुत्र सर्वेश कुमार (12) घाघरा तट पर नित्यकर्म को गया था। वह नदी के किनारे बैठा था। उसी दौरान एक बड़ा भू भाग कटकर घाघरा में गिर गया, जिसके साथ बालक भी नदी में गिर गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि वह कुछ दूर तक बहता हुआ दिखाई दिया। बालक के डूबने की खबर सुनते ही गांव में हड़कंप मच गया। लोग नाव व जाल लेकर नदी में उतर गए। करीब एक किलोमीटर की दूरी तक लोग कई नावों से जाल फेंककर बालक को खोजते रहे।
बाढ़ व कटान से निपटने व पीड़ितों की मदद के लिए मारू बेहड़ में बाढ़ राहत चौकी बनाई गई है। जहां पर राशन, दवाई के साथ नदी में डूब रहे लोगों को बचाने के लिए पीएसी टीम तैनात की गई। प्रशासन का दावा है कि तैनात पीएसी टीम के पास मोटर बोट, जाल, लाइफ जैकेट आदि उपकरण मौजूद हैं।
कहीं भी बाढ़ का रूप विकराल होने पर बाढ़ में फंसे लोगों को यह टीम नदी से बाहर निकाल लेगी। अगर कोई डूब रहा होगा, तब भी यह टीम स्टीमर से पहुंचकर मौके पर पहुंच डूब रहे लोगों को बचाएगी। अब अगर पासिन पुरवा की घटना पर नजर डालें तो मारू बेहड़ से पासिन पुरवा की दूरी महज चार किलोमीटर होगी। बावजूद इसके सुबह से शाम तक रेस्क्यु टीम कहीं नजर नहीं आई।
एसडीएम बिसवां उदय प्रताप सिंह का कहना है कि मौके तक पहुंचने के लिए स्टीमर को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। जगह-जगह रेत के टीले हैं। इस वजह से स्टीमर वहां नहीं पहुंच सकता। पीएसी की टीम को वहां जाने के लिए निर्देशित नहीं किया गया है। खैर, एसडीएम ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। पर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।
विज्ञापन
जब तक ग्रामीण कुछ कर पाते बालक नदी में डूब कर आंखों से ओझल हो गया। देर शाम तक ग्रामीण नाव व जाल के सहारे नदी को खंगालते रहे, लेकिन बालक का कोई पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
घाघरा नदी थानगांव क्षेत्र के ग्राम पासिनपुरवा के पास कटान कर रही है। सोमवार सुबह गांव के पेशकार का पुत्र सर्वेश कुमार (12) घाघरा तट पर नित्यकर्म को गया था। वह नदी के किनारे बैठा था। उसी दौरान एक बड़ा भू भाग कटकर घाघरा में गिर गया, जिसके साथ बालक भी नदी में गिर गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि वह कुछ दूर तक बहता हुआ दिखाई दिया। बालक के डूबने की खबर सुनते ही गांव में हड़कंप मच गया। लोग नाव व जाल लेकर नदी में उतर गए। करीब एक किलोमीटर की दूरी तक लोग कई नावों से जाल फेंककर बालक को खोजते रहे।
बाढ़ व कटान से निपटने व पीड़ितों की मदद के लिए मारू बेहड़ में बाढ़ राहत चौकी बनाई गई है। जहां पर राशन, दवाई के साथ नदी में डूब रहे लोगों को बचाने के लिए पीएसी टीम तैनात की गई। प्रशासन का दावा है कि तैनात पीएसी टीम के पास मोटर बोट, जाल, लाइफ जैकेट आदि उपकरण मौजूद हैं।
कहीं भी बाढ़ का रूप विकराल होने पर बाढ़ में फंसे लोगों को यह टीम नदी से बाहर निकाल लेगी। अगर कोई डूब रहा होगा, तब भी यह टीम स्टीमर से पहुंचकर मौके पर पहुंच डूब रहे लोगों को बचाएगी। अब अगर पासिन पुरवा की घटना पर नजर डालें तो मारू बेहड़ से पासिन पुरवा की दूरी महज चार किलोमीटर होगी। बावजूद इसके सुबह से शाम तक रेस्क्यु टीम कहीं नजर नहीं आई।
एसडीएम बिसवां उदय प्रताप सिंह का कहना है कि मौके तक पहुंचने के लिए स्टीमर को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। जगह-जगह रेत के टीले हैं। इस वजह से स्टीमर वहां नहीं पहुंच सकता। पीएसी की टीम को वहां जाने के लिए निर्देशित नहीं किया गया है। खैर, एसडीएम ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। पर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।