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Sitapur: शहर के बीचोबीच बंद बोलेरो में मिला युवक का शव... शरीर पर थे चोट के निशान, एसओजी को मिले अहम सुराग
Thu, 03 Jul 2025 08:40 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 03 Jul 2025 08:40 PM IST
सार
सीतापुर में शहर के बीचोबीच बंद बोलेरो में युवक का शव मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले। आपत्तिजनक चैट से हत्या का राज खुला। एसओजी को अहम सुराग भी मिले। मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद
विस्तार
यूपी के सीतापुर में शहर कोतवाली क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह एक बंद बोलेरो में युवक का शव पड़ा मिला। सूचना पर आई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया। एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया कि इस मामले में चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को जेल भेजा गया है।
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एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे जिला अस्पताल से उजागर लाल इंटर कॉलेज मार्ग पर बोलरो के अंदर युवक का शव पड़ा मिला। यह बोलेरो डॉ आलोक जौहरी के क्लीनिक के पास रॉयल फर्नीचर के सामने खड़ी मिली।
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शरीर पर चोट के निशान मिले
सूचना पर आई पुलिस ने जांच शुरू की। शव महोली के इमिलिया गांव निवासी जितेंद्र पासी उर्फ अमित (35) का निकला। शव बोलेरो की पिछली सीट पर पड़ा था और पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। मृतक के कपड़े भी अस्त व्यस्त थे। फोरेंसिक टीम की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया। इसमें एसओजी निरीक्षक सत्येंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में एक टीम ने इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों पर काम करना शुरू किया। टीम को सीसीटीवी व फोन की व्हाट्सएप चैट से कई अहम साक्ष्य मिले। वहीं, मृतक की कॉल डिटेल से सारी परतें खुलती चली गईं। एसओजी टीम के हाथ लगे साक्ष्यों के आधार पर शहर के बाल्दा निवासी आशीष कुमार उर्फ शिवा, उसकी पत्नी मुस्कान, रुपम और अनुज को गिरफ्तार किया गया।
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आपत्तिजनक चैट से मिले अहम सुराग
सीओ सिटी अमन सिंह के अनुसार मुख्य आरोपी आशीष व मृतक जितेन्द्र के बीच एक आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट हुई। यह चैट एसओजी टीम को आरोपी के फोन में मिली। उसी आपत्तिजनक चैट के क्रम में जितेन्द्र, आशीष कुमार से मिलने उनके घर गया था। इसके बाद दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।इस पर आरोपियों ने जितेंद्र को बुरी तरह पीट दिया। पिटाई के बाद जितेन्द्र को रुपम और अनुज ने बोलेरो में बैठाया और जाने को कहा। जितेंद्र बोलेरों लेकर उजागर लाल इंटर कॉलेज मार्ग पर आया। यहां बोलेरो की पिछली सीट पर लेट गया। वाहन के अंदर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से एक डंडा, त्रिशूल, मृतक का मोबाइल व उसका हाफ पैंट बरामद किया है।
एक से दो दिन पुरानी है चैट, हाथ पर दांत से काटने का निशान
पुलिस सूत्रों के अनुसार जितेंद्र और आरोपी की चैट एक से दो दिन की पुरानी है। किसी ग्रुप से दोनों के नंबरों का आदान प्रदान हुआ था। उस ग्रुप में कई अन्य सदस्य भी जुड़े हुए हैं। दोनों के बीच व्हाट्सएप के जरिए बातचीत भी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि आरोपी ने जितेंद्र को अपने घर पर बुलाया था। दोनों के बीच एक महिला से संबंध को लेकर बातचीत हुई थी। मृतक के शरीर पर दांत से काटे का निशान भी है। जितेंद्र सिर्फ नेकर में था जब उसको पीटा गया। बर्बरता से उसकी पिटाई की गई, जितेंद्र के सिर में चोट और कमर पर डंडे से पीटने के निशान हैं।परचून की दुकान चलाथा था जितेंद्र
जितेंद्र के पिता रामप्रसाद की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गयी थी। वह अपने चार भाई बहनों में तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़ी बहन रेनू, दूसरे नंबर पर अशोक, तीसरे पर जीतेंद्र कुमार और चौथे पर अनूप हैं। सभी भाई बहन अभी तक अविवाहित हैं। मां सोनी ने अनुसार जितेंद्र हाइवे पर अढौरी मोड़ के निकट परचून की दुकान चलाते थे।उनके पास एक बोलेरो गाड़ी थी जिसे बुकिंग मिलने पर वह ले जाते थे। बुधवार सुबह वह घर से खाना खाकर दुकान खोलने गए थे। शाम आठ बजे फोन करने पर बताया कि थोड़ी देर में आ रहा हूं। देर रात तक न आने पर दोबारा फोन मिलाया तो नंबर बंद था। ग्रामीणों के मुताबिक जितेंद्र बहुत ही मिलनसार थे।