{"_id":"61ec4d38d55d1b282435e931","slug":"board-exam-centers-are-not-being-decided-sitapur-news-lko614654036","type":"story","status":"publish","title_hn":"तय नहीं हो रहे बोर्ड परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तय नहीं हो रहे बोर्ड परीक्षा केंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारित नहीं हो पा रहे है। एसडीएम आपत्तियां निस्तारण की रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। मार्च में प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 145 केंद्र अनंतिम रूप से तय थे। इनकी सूची सार्वजनिक होने पर तमाम खामियां सामने आईं। कहीं केंद्र 70 किलोमीटर दूर था तो कहीं जरूरी सुविधाओं का अभाव था।
30 से अधिक कॉलेजों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। संबंधित तहसील के एसडीएम को इन शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट देनी थी। इसके बाद ही केंद्र तय हो सकते हैं। हालांकि तहसीलों से एसडीएम रिपोर्ट देने में आनाकानी कर रहे है। जिससे केंद्र निर्धारण में लगातार देर हो रही है। जिले में सात तहसीलें हैं, जिनमें से पांच से रिपोर्ट आई और दो से लंबित है। जिससे पूरी प्रक्रिया बाधित है। डीआईओएस ने बताया कि डीएम ने एसडीएम को जल्द कॉलेजों की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था, जिसका पालन नहीं हो रहा है।
सर्वाधिक वित्तविहीन कॉलेज बने केंद्र
जिले में परीक्षा के लिए 145 केंद्र निर्धारित हैं। इनमें सर्वाधिक वित्तविहीन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिसमें 16 राजकीय कॉलेज भी शामिल है। इसके अलावा 45 अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेज व 84 वित्तविहीन कॉलेज शामिल है। इन केंद्रों पर करीब 90 हजार विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में हो रही देरी
तहसीलों से रिपोर्ट आने में देर हो रही है। इसके कारण केंद्र तय नहीं हो पा रहे है। उम्मीद है एक दो दिन में केंद्रों की संख्या तय हो जाएगी।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस
विज्ञापन
30 से अधिक कॉलेजों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। संबंधित तहसील के एसडीएम को इन शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट देनी थी। इसके बाद ही केंद्र तय हो सकते हैं। हालांकि तहसीलों से एसडीएम रिपोर्ट देने में आनाकानी कर रहे है। जिससे केंद्र निर्धारण में लगातार देर हो रही है। जिले में सात तहसीलें हैं, जिनमें से पांच से रिपोर्ट आई और दो से लंबित है। जिससे पूरी प्रक्रिया बाधित है। डीआईओएस ने बताया कि डीएम ने एसडीएम को जल्द कॉलेजों की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था, जिसका पालन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
सर्वाधिक वित्तविहीन कॉलेज बने केंद्र
जिले में परीक्षा के लिए 145 केंद्र निर्धारित हैं। इनमें सर्वाधिक वित्तविहीन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिसमें 16 राजकीय कॉलेज भी शामिल है। इसके अलावा 45 अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेज व 84 वित्तविहीन कॉलेज शामिल है। इन केंद्रों पर करीब 90 हजार विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में हो रही देरी
तहसीलों से रिपोर्ट आने में देर हो रही है। इसके कारण केंद्र तय नहीं हो पा रहे है। उम्मीद है एक दो दिन में केंद्रों की संख्या तय हो जाएगी।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस