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कसमंडा ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर मंडराया संकट
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सीतापुर। ब्लॉक प्रमुख कसमंडा की कुर्सी के लिए एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। पूर्व प्रमुख मीनल सिंह की अगुवाई में 84 बीडीसी सदस्यों ने मौजूदा ब्लॉक प्रमुख कसमंडा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बीडीसी सदस्यों ने डीएम अखिलेश तिवारी से मिलकर हलफनामा सौंपते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की इजाजत मांगीं है।
यूपी में सपा सरकार के शासनकाल में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव हुए थे। विकासखंड कसमंडा में मीनल सिंह निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ।
जिले के कई ब्लॉक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव पास होने से बदल गए थे। इसी दौरान कसमंडा ब्लॉक प्रमुख मीनल सिंह के खिलाफ भी बीडीसी सदस्य रंजना अवस्थी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। यह अविश्वास प्रस्ताव 26 फरवरी 2018 को हुई बैठक में पास होने से मीनल की कुर्सी छिन गई थी।
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इसके बाद रंजना अवस्थी ने ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। एक साल तीन महीने बाद एक बार फिर से कसमंडा प्रमुखी के लिए जोर आजमाइश होने से इलाके की सियासत गर्म हो गई है। सोमवार को पूर्व प्रमुख एवं बीडीसी सदस्य मीनल सिंह ने 79 सदस्यों के साथ डीएम से मुलाकात की।
बीडीसी सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख रंजना अवस्थी पर मनमानी व उपेक्षा का आरोप लगाया है। प्रमुख रंजना पर शासन की विकास योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं करने तथा फर्जी हस्ताक्षरों से प्रस्ताव लिख लेने और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप बीडीसी सदस्यों ने लगाया है।
डीएम को दिए गए 84 हलफनामों में दावा किया गया है कसमंडा ब्लॉक के कुल 102 सदस्यों में से बहुमत से अधिक वर्तमान प्रमुख से असंतुष्ट हैं। लिहाजा, अविश्वास लाए जाने की इजाजत दी जाए। डीएम ने परीक्षण के बाद तारीख मुकर्रर किए जाने की बात कही है।
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यूपी में सपा सरकार के शासनकाल में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव हुए थे। विकासखंड कसमंडा में मीनल सिंह निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ।
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जिले के कई ब्लॉक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव पास होने से बदल गए थे। इसी दौरान कसमंडा ब्लॉक प्रमुख मीनल सिंह के खिलाफ भी बीडीसी सदस्य रंजना अवस्थी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। यह अविश्वास प्रस्ताव 26 फरवरी 2018 को हुई बैठक में पास होने से मीनल की कुर्सी छिन गई थी।
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इसके बाद रंजना अवस्थी ने ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। एक साल तीन महीने बाद एक बार फिर से कसमंडा प्रमुखी के लिए जोर आजमाइश होने से इलाके की सियासत गर्म हो गई है। सोमवार को पूर्व प्रमुख एवं बीडीसी सदस्य मीनल सिंह ने 79 सदस्यों के साथ डीएम से मुलाकात की।
बीडीसी सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख रंजना अवस्थी पर मनमानी व उपेक्षा का आरोप लगाया है। प्रमुख रंजना पर शासन की विकास योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं करने तथा फर्जी हस्ताक्षरों से प्रस्ताव लिख लेने और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप बीडीसी सदस्यों ने लगाया है।
डीएम को दिए गए 84 हलफनामों में दावा किया गया है कसमंडा ब्लॉक के कुल 102 सदस्यों में से बहुमत से अधिक वर्तमान प्रमुख से असंतुष्ट हैं। लिहाजा, अविश्वास लाए जाने की इजाजत दी जाए। डीएम ने परीक्षण के बाद तारीख मुकर्रर किए जाने की बात कही है।