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नहीं सुधरे हालात, बैंक खाली, नहीं चले एटीएम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:02 AM IST
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जिले की बैंकों में मंगलवार को भी हालात नहीं बदले। नोटबंदी को सवा माह बीत गए लेकिन कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दूसरी तरफ एटीएम भी पूरी तरह से खामोश रहे। बैंक के अधिकारी जिले के चेस्ट में पर्याप्त कैश न होने की बात कह रहे थे।
नोटबंदी को मंगलवार को सवा माह पूरे हो गए लेकिन सिस्टम पटरी पर नहीं आ सका। जिला मुख्यालय पर बैंकों का हाल ये था कि यहां पर भीड़ को देखते हुए अधिकतम भुगतान 10 हजार रुपये कर दिया गया। स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों में मंगलवार को धक्का-मुक्की होती रही।
इस वजह से बुजुर्ग परेशान नजर आए और लाइन से हटकर गए। एटीएम भी राहत नहीं दे सके। एचडीएफसी बैंक का एटीएम चालू मिला। इस एटीएम के सामने खाताधारकों की लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन एटीएम शांत पड़ा था। जिम्मेदारों का कहना था कि सर्वर डाउन है, जिसकी वजह से एटीएम नहीं चल रहा है।
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लाइन की हालत ये थी कि कोई एक घंटे से लाइन मेें खड़ा था, तो कोई डेढ़ घंटे से लगा था। ग्रामीण क्षेत्र का हाल तो जिला मुख्यालय से भी बुरा था। हालत ये थी कि ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश बैंकों में दोपहर बाद तक कैश नहीं पहुंचा था। जहां कैश था, वहां पर दो हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा था।
लहरपुर, बिसवां, रेउसा, हरगांव,सलारपुर, महोली, मिश्रिख, मछरेहटा, परसदा, सकरन, तंबौर, महमूदाबाद, सिधौली आदि क्षेत्रों में मौजूद बैंकों में कैश का संकट रहा। बैंकों में कैश पाने की उम्मीद से पहुंचे, बहुत से खाताधारकों को बगैर भुगतान पाए ही लौटना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को भी एटीएम शोपीस बने दिखे।
बैंक के अधिकारियों का कहना था कि जिले के चेस्ट में पर्याप्त कैश नहीं है, जिसकी वजह से खाताधारकों को पर्याप्त भुगतान नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को जिले की बैंकों मेें 10 करोड़ रुपये जमा हुए, जबकि 5 करोड़ का भुगतान किया गया।
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नोटबंदी को मंगलवार को सवा माह पूरे हो गए लेकिन सिस्टम पटरी पर नहीं आ सका। जिला मुख्यालय पर बैंकों का हाल ये था कि यहां पर भीड़ को देखते हुए अधिकतम भुगतान 10 हजार रुपये कर दिया गया। स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों में मंगलवार को धक्का-मुक्की होती रही।
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इस वजह से बुजुर्ग परेशान नजर आए और लाइन से हटकर गए। एटीएम भी राहत नहीं दे सके। एचडीएफसी बैंक का एटीएम चालू मिला। इस एटीएम के सामने खाताधारकों की लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन एटीएम शांत पड़ा था। जिम्मेदारों का कहना था कि सर्वर डाउन है, जिसकी वजह से एटीएम नहीं चल रहा है।
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लाइन की हालत ये थी कि कोई एक घंटे से लाइन मेें खड़ा था, तो कोई डेढ़ घंटे से लगा था। ग्रामीण क्षेत्र का हाल तो जिला मुख्यालय से भी बुरा था। हालत ये थी कि ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश बैंकों में दोपहर बाद तक कैश नहीं पहुंचा था। जहां कैश था, वहां पर दो हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा था।
लहरपुर, बिसवां, रेउसा, हरगांव,सलारपुर, महोली, मिश्रिख, मछरेहटा, परसदा, सकरन, तंबौर, महमूदाबाद, सिधौली आदि क्षेत्रों में मौजूद बैंकों में कैश का संकट रहा। बैंकों में कैश पाने की उम्मीद से पहुंचे, बहुत से खाताधारकों को बगैर भुगतान पाए ही लौटना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को भी एटीएम शोपीस बने दिखे।
बैंक के अधिकारियों का कहना था कि जिले के चेस्ट में पर्याप्त कैश नहीं है, जिसकी वजह से खाताधारकों को पर्याप्त भुगतान नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को जिले की बैंकों मेें 10 करोड़ रुपये जमा हुए, जबकि 5 करोड़ का भुगतान किया गया।