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बैंक बंद, एटीएम भी खाली, भटकते रहे लोग

Tue, 16 Mar 2021 12:13 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Mar 2021 12:13 AM IST
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Bank closed, ATM too empty, people wandering
आंख अस्पताल मार्ग स्थित एसबीआई के एटीएम में पैंसा निकालने के लिए लगी लोगों की भीड़। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। बैंकों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों में पूर्णरूप से तालाबंदी रही। अफसर से लेकर कर्मचारी तक हड़ताल पर रहे। न कैश निकल पाया, न जमा हो सका। इसकी वजह से लोगों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए जूझना पड़ा। कोई एटीएम से पैसे निकालने के लिए भटकता रहा तो किसी ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से काम निपटाया। 15 बैंकों के 550 कर्मचारी हड़ताल पर जाने से जिले में करीब एक अरब का कारोबार प्रभावित हुआ। लगातार तीन दिन बैंक बंद होने से एटीएम भी खाली हो गए। इससे जिले की 329 बैंक शाखाओं में तालाबंदी रही।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सीतापुर जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मी सोमवार को हड़ताल पर चले गए। बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान मुख्य कार्यक्रम इंडियन बैंक अंचल कार्यालय सिविल लाइन सीतापुर की मुख्य द्वार के समक्ष आयोजित हुआ। जिसमें जिले के सभी बैंक कर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूएफ बीयू के संयोजक कमलेश पांडे ने कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में जिस उद्देश्य को लेकर किया गया था, मुझे नहीं लगता की वह पूरा हो चुका है। भारत सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है।
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सीतापुर के मंडल सचिव अंजनी कुमार पांडे ने कहा कि भारत सरकार सरकारी संस्थानों को बेचने का प्रस्ताव पास कर चुकी है। जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों में पूंजीपतियों के 70 लाख करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है। सरकार इस धनराशि की वसूली के लिए कड़े कदम नहीं उठा रही है। हम सभी बैंक कर्मी देश के जनमानस की भलाई के लिए बैंकों के निजीकरण का विरोध करते हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के संघर्ष के लिए तैयार रहेंगे।
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इस हड़ताल की वजह से जिले की 329 बैंक शाखाओं में पूरी तरह से तालाबंदी रही। खाताधारक बैंक आए, लेकिन तालाबंदी रही तो वह मजबूरी में वापस चले गए। एटीएम भी खाली रही। इसकी वजह से खाताधारकों को कैश की काफी किल्लत उठानी पड़ी। इस अवसर पर केके गुप्ता, आरके दास, प्रकाश मिश्र, आशुतोष मौर्या, मनोज कुमार, कमलेश रस्तोगी, प्रीति पांडे, केजी मिश्र सहित सैकड़ों अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
एटीएम खाली, आज भी रहेगी दिक्कत
शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के अधिकतर एटीएम खाली हो गए है। मंगलवार को और भी दिक्कत आएगी। बीते शनिवार व रविवार को अवकाश था। मंगलवार को भी हड़ताल रहेगी। एटीएम शुक्रवार को भरे गए थे। उसके बाद बैंक बंद है। इससे एटीएम भरने वाली एजेंसी को बैंक से ही पैसा नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से एटीएम में पैसा नहीं भर पा रहा है। मंगलवार को भी इनमें कैश नहीं आ सकेगा। इससे कैश की और किल्लत उत्पन्न होगी।

निजीकरण के विरोध में बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। बैंकें बंद होने से एटीएम भी खाली हो रहे हैं। एटीएम भरने वाली एजेंसी को बैंक बंद होने से कैश मिलने में दिक्कत आ रही है।
- संजय मिश्रा, एलडीएम
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