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सील किया बहराइच का बार्डर
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:06 PM IST
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रेउसा क्षेत्र में चहलारी घाट से बहराइच जिले के लोगों का सीतापुर आना-जाना रहता है। इससे क्षेत्र में गड़बड़ी की संभावना भी थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने चहलारी घाट पर बैरियर लगाकर सीमा को सील कर दिया। वहां मौजूद पुलिस अमला बहराइच से आने जाने वाले लोगों पर नजर रख रहा था।
जिले की सीमा से उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दिया गया, जो लोग सीतापुर जिले के थे। बहराइच से आने वाले लोगों को रोका गया और उनसे पूछताछ की गई कि वे सीतापुर जिले में किस वजह से प्रवेश कर रहे हैं। हालांकि सीमा सील होने की खबर फैलते ही दोपहर तक उधर से आवागमन ठप्प हो गया था। देर शाम तक पुलिस महकमा चौकसी बरतता रहा।
रेउसा मतदान केंद्र पर राहुल (24) मतदान करने पहुंचा था। वह पैरों से निशक्त था, इसलिए वहां पर लाइन में लगे मतदाताओं ने उसे पहले मतदान करने का मौका दिया, लेकिन राहुल ने कहा कि वह नियम नहीं तोड़ेगा। वह ट्राई साइकिल से उतरकर मतदान केंद्र के द्वार पर बैठ गया। वह वहां पर तब तक इंतजार करता रहा, जब तक उसकी बारी नहीं आ गई। अपनी बारी आने के बाद राहुल ने मतदान किया।
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पंचायत चुनाव में कई मतदान केंद्र गांवों से काफी दूरी पर बनाए गए थे। ऐसे में मतदाताओं का मतदान केंद्र तक पैदल पहुंचना मुश्किल था। रतन गंज के वोटरों का बुरा हाल था। यहां के आधे मतदाताओं का मतदान केंद्र डबकहा तो बाकी का गोविंदापुर में बनाया गया था।
इस वजह से मतदाता भटके भटके घूम रहे थे। दोनों मतदान केंद्रों की दूरी दो किलो मीटर के करीब थी। जो पैदल निकला, वो परेशान होकर रह गया। इस वजह से यहां के कई परिवार एक ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर मतदान करने के लिए डबकहा मतदान केंद्र के लिए रवाना हुए।
जबकि इसी गांव के अन्य परिवार ठेलिया व अन्य साधनों से गोविंदापुर मतदान केंद्र पर गए। ग्रामीणों का कहना था कि सवारी का साधन होने से उन्हें दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिन लोगों के पास साधन नहीं था, वे काफी परेशान हुए।
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जिले की सीमा से उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दिया गया, जो लोग सीतापुर जिले के थे। बहराइच से आने वाले लोगों को रोका गया और उनसे पूछताछ की गई कि वे सीतापुर जिले में किस वजह से प्रवेश कर रहे हैं। हालांकि सीमा सील होने की खबर फैलते ही दोपहर तक उधर से आवागमन ठप्प हो गया था। देर शाम तक पुलिस महकमा चौकसी बरतता रहा।
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रेउसा मतदान केंद्र पर राहुल (24) मतदान करने पहुंचा था। वह पैरों से निशक्त था, इसलिए वहां पर लाइन में लगे मतदाताओं ने उसे पहले मतदान करने का मौका दिया, लेकिन राहुल ने कहा कि वह नियम नहीं तोड़ेगा। वह ट्राई साइकिल से उतरकर मतदान केंद्र के द्वार पर बैठ गया। वह वहां पर तब तक इंतजार करता रहा, जब तक उसकी बारी नहीं आ गई। अपनी बारी आने के बाद राहुल ने मतदान किया।
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पंचायत चुनाव में कई मतदान केंद्र गांवों से काफी दूरी पर बनाए गए थे। ऐसे में मतदाताओं का मतदान केंद्र तक पैदल पहुंचना मुश्किल था। रतन गंज के वोटरों का बुरा हाल था। यहां के आधे मतदाताओं का मतदान केंद्र डबकहा तो बाकी का गोविंदापुर में बनाया गया था।
इस वजह से मतदाता भटके भटके घूम रहे थे। दोनों मतदान केंद्रों की दूरी दो किलो मीटर के करीब थी। जो पैदल निकला, वो परेशान होकर रह गया। इस वजह से यहां के कई परिवार एक ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर मतदान करने के लिए डबकहा मतदान केंद्र के लिए रवाना हुए।
जबकि इसी गांव के अन्य परिवार ठेलिया व अन्य साधनों से गोविंदापुर मतदान केंद्र पर गए। ग्रामीणों का कहना था कि सवारी का साधन होने से उन्हें दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिन लोगों के पास साधन नहीं था, वे काफी परेशान हुए।