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महिला ने कार में जना बच्चा
Amar ujala Bureau
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:46 PM IST
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baby born
- फोटो : NDTV
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एक प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाने के लिए परिवारीजनों ने कॉल की पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। इस पर परिवारीजन एक कार से सीएचसी रेउसा की ओर भागे। वहां पहुंचने पर डॉक्टर ही नहीं मिले। नर्स से इलाज करने से मना करते हुए लौटा दिया। आनन-फानन में सभी प्रसव पीड़िता को लेकर लखनऊ चल दिए।
महमूदाबाद के पास महिला ने कार में ही बच्चे को जन्म दे दिया। हालत खराब होने पर उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।
रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर कलां निवासी अनुपम की पत्नी पिंकी सिंह गर्भवती थी। रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के सदस्यों ने 102 व 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस सेवा की मदद मांगी, लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। मजबूर होकर परिवार एक प्राइवेट कार से उसे लेकर रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा।
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परिवार का आरोप है कि यहां पर चिकित्सक ही नहीं मिले। एक नर्स मिली। नर्स ने प्रसव कराने से इन्कार कर दिया है। नर्स ने कहा कि रविवार होने के कारण अस्पताल बंद है, इसलिए इलाज नहीं हो सकता। इसके बाद परिवार घबरा गया और रात को ही कार लखनऊ के लिये चल दिया।
कार जब महमूदाबाद के करीब से गुजर रही थी। उस दौरान प्रसूता ने कार में ही एक बालक को जन्म दिया। प्रसव होने के बाद जच्चा व बच्चा दोनों की हालत बिगड़ रही थी। परिवारीजनों ने जच्चा व बच्चा को लखनऊ में गुडंबा स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया है। परिवार का कहना है कि जिस तरह से उनके साथ बर्ताव किया गया है, उससे जच्चा व बच्चा की जान भी जा सकती थी।
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महमूदाबाद के पास महिला ने कार में ही बच्चे को जन्म दे दिया। हालत खराब होने पर उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।
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रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर कलां निवासी अनुपम की पत्नी पिंकी सिंह गर्भवती थी। रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के सदस्यों ने 102 व 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस सेवा की मदद मांगी, लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। मजबूर होकर परिवार एक प्राइवेट कार से उसे लेकर रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा।
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परिवार का आरोप है कि यहां पर चिकित्सक ही नहीं मिले। एक नर्स मिली। नर्स ने प्रसव कराने से इन्कार कर दिया है। नर्स ने कहा कि रविवार होने के कारण अस्पताल बंद है, इसलिए इलाज नहीं हो सकता। इसके बाद परिवार घबरा गया और रात को ही कार लखनऊ के लिये चल दिया।
कार जब महमूदाबाद के करीब से गुजर रही थी। उस दौरान प्रसूता ने कार में ही एक बालक को जन्म दिया। प्रसव होने के बाद जच्चा व बच्चा दोनों की हालत बिगड़ रही थी। परिवारीजनों ने जच्चा व बच्चा को लखनऊ में गुडंबा स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया है। परिवार का कहना है कि जिस तरह से उनके साथ बर्ताव किया गया है, उससे जच्चा व बच्चा की जान भी जा सकती थी।