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मतदाता 152, वोट पड़ गए 154, चुनाव रद्द
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सिधौली (सीतापुर) बार एसोसिएशन सिधौली में शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ। वोट गिने गए तो हर कोई हैरतजदा रह गया। यहां कुल 152 मतदाताओं के सापेक्ष 154 वोट पड़ गए। मतदान में गड़बड़ी से माहौल गर्म हो गया। प्रत्याशियों के बीच सहमति न बनने पर चुनाव निरस्त कर दिया गया।
चुनाव अधिकारी ने मतपत्रों को आग के हवाले करते हुए अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। मतदान में गड़बड़ी के बाद जांच कराए बिना ही नाटकीय ढंग से चुनाव रद्द किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
दरअसल, बार एसोसिएशन में अध्यक्ष के अलावा बाकी सभी पदों पर एकल नामांकन होने से दावेदारों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया था। अध्यक्ष पर पर दो नामांकन दाखिल किए जाने के बाद किसी भी दावेदार के मैदान न छोड़ने पर चुनाव की तारीख 7 फरवरी मुकर्रर की गई थी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर दो प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ता आमने-सामने हैं।
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ये दोनों एक ही ग्राम पंचायत के होने के अलावा क्षेत्रीय राजनीति में भी अच्छा-खासा दखल रखते हैं। एक ओर सपा से ताल्लुक रखने वाले चित्रकेश यादव तो दूसरी तरफ भाजपा से जुड़े राम प्रकाश यादव के बीच होने वाला यह चुनाव दोनों के लिए प्रतिष्ठापूर्ण बन गया है।
शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दो बजे तक मतदान हुआ। यहां कुल 152 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें पीएस अवस्थी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजेश कुमार रावत व राम कुमार द्विवेदी सहायक निर्वाचन अधिकारी थे। मतदान में 151 वोट पड़े। मतगणना की गई तो 154 वोट निकले। इससे अधिवक्ताओं में हड़कंप मच गया। इसे लेकर दोनों प्रत्याशियों में बहस शुरू हो गई।
कुछ अधिवक्ताओं की ओर से दोनों प्रत्याशियों के एक-एक मत हटा देने का सुझाव दिया गया लेकिन सहमति न बनने और मामले को तूल पकड़ता चुनाव अधिकारियों ने मतपत्रों को आग के हवाले कर प्रक्रिया निरस्त कर दी। इसके बाद चुनाव अधिकारी पीएस अवस्थी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पूरे मामले को लेकर तहसील मे तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। चुनाव में गड़बड़ी की जांच के बिना ही मतपत्र जला दिया जाना वकीलों के गले नहीं उतर रहा है।
कुछ अधिवक्ताओं ने एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन को बार एसोसिएशन महामंत्री के जरिए पत्र भेजकर चुनाव प्रभावित किए जाने की आशंका जताई थी। पहली जनवरी को दिए गए पत्र में कहा गया था कि गत वर्ष की चुनाव समिति की कई अनियमितताएं सदन की बैठक में प्रकाश में आई थीं। इसलिए नई निर्वाचन समिति बनाकर चुनाव कराने की मांग की गई थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीएस अवस्थी ने बताया कि मतदान के समय फोन पर बात करने के दौरान कहीं धोखा हुआ है। गड़बड़ी के चलते हम अपने पद से अभी इस्तीफा दे रहे हैं।
बार एसोसिएशन के महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि चुनाव के दौरान मतपत्रों में गड़बड़ी को लेकर जो कुछ भी हुआ वह निंदनीय है। मतपत्रों को जला दिया गया है। अध्यक्ष पद का चुनाव रद्द कर दिया गया है। बार एसोसिएशन की बैठक में चुनाव अधिकारी और चुनाव की तारीख तय किए जाएंगे।
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चुनाव अधिकारी ने मतपत्रों को आग के हवाले करते हुए अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। मतदान में गड़बड़ी के बाद जांच कराए बिना ही नाटकीय ढंग से चुनाव रद्द किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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दरअसल, बार एसोसिएशन में अध्यक्ष के अलावा बाकी सभी पदों पर एकल नामांकन होने से दावेदारों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया था। अध्यक्ष पर पर दो नामांकन दाखिल किए जाने के बाद किसी भी दावेदार के मैदान न छोड़ने पर चुनाव की तारीख 7 फरवरी मुकर्रर की गई थी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर दो प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ता आमने-सामने हैं।
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ये दोनों एक ही ग्राम पंचायत के होने के अलावा क्षेत्रीय राजनीति में भी अच्छा-खासा दखल रखते हैं। एक ओर सपा से ताल्लुक रखने वाले चित्रकेश यादव तो दूसरी तरफ भाजपा से जुड़े राम प्रकाश यादव के बीच होने वाला यह चुनाव दोनों के लिए प्रतिष्ठापूर्ण बन गया है।
शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दो बजे तक मतदान हुआ। यहां कुल 152 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें पीएस अवस्थी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजेश कुमार रावत व राम कुमार द्विवेदी सहायक निर्वाचन अधिकारी थे। मतदान में 151 वोट पड़े। मतगणना की गई तो 154 वोट निकले। इससे अधिवक्ताओं में हड़कंप मच गया। इसे लेकर दोनों प्रत्याशियों में बहस शुरू हो गई।
कुछ अधिवक्ताओं की ओर से दोनों प्रत्याशियों के एक-एक मत हटा देने का सुझाव दिया गया लेकिन सहमति न बनने और मामले को तूल पकड़ता चुनाव अधिकारियों ने मतपत्रों को आग के हवाले कर प्रक्रिया निरस्त कर दी। इसके बाद चुनाव अधिकारी पीएस अवस्थी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पूरे मामले को लेकर तहसील मे तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। चुनाव में गड़बड़ी की जांच के बिना ही मतपत्र जला दिया जाना वकीलों के गले नहीं उतर रहा है।
कुछ अधिवक्ताओं ने एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन को बार एसोसिएशन महामंत्री के जरिए पत्र भेजकर चुनाव प्रभावित किए जाने की आशंका जताई थी। पहली जनवरी को दिए गए पत्र में कहा गया था कि गत वर्ष की चुनाव समिति की कई अनियमितताएं सदन की बैठक में प्रकाश में आई थीं। इसलिए नई निर्वाचन समिति बनाकर चुनाव कराने की मांग की गई थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीएस अवस्थी ने बताया कि मतदान के समय फोन पर बात करने के दौरान कहीं धोखा हुआ है। गड़बड़ी के चलते हम अपने पद से अभी इस्तीफा दे रहे हैं।
बार एसोसिएशन के महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि चुनाव के दौरान मतपत्रों में गड़बड़ी को लेकर जो कुछ भी हुआ वह निंदनीय है। मतपत्रों को जला दिया गया है। अध्यक्ष पद का चुनाव रद्द कर दिया गया है। बार एसोसिएशन की बैठक में चुनाव अधिकारी और चुनाव की तारीख तय किए जाएंगे।