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आजम ने तन्हाई में काटी रात
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सीतापुर। करीब 23 महीने तक सीतापुर की जेल में बंद रहने के बाद शनिवार की रात रिहा हुए अब्दुल्ला आजम का जाना उनके पिता आजम खां को बहुत अखरा। बेटे की रिहाई से आजम खुश थे, लेकिन कमी बेटे का साथ छूटने की खल रही थी।
यही वजह है कि 23 महीनों में पहली बार तन्हाई में अकेले रात गुजारने वाले सपा सांसद आजम खां को देर रात तक नींद नहीं आ सकी। वह रात गहराने के बाद तक करवटें बदलते रहे। सुबह भी जल्दी उठ गए। उनके चेहरे पर अन्य दिनों की अपेक्षा काफी उदासी भी नजर आई।
27 फरवरी 2020 को पत्नी तंजीन फातिमा, बेटे अब्दुल्ला के साथ सीतापुर की जेल में सपा सांसद आजम खां आए थे। करीब 23 महीने हो चुके हैं। आजम खां अभी जेल में बंद हैं, जबकि उनकी पत्नी तंजीन दिसंबर 2020 में सीतापुर जेल से रिहा हो गई थी। इसके बाद आजम और अब्दुल्ला जेल में थे।
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सभी 43 मामलों में कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद शनिवार को परवाना सीतापुर जेल प्रशासन के पास पहुंचने पर रात में अब्दुल्ला को भी रिहा कर दिया गया। अब ऐसे में आजम खां जेल में अकेले बचे हैं। यही वजह है कि अकेलापान उन्हें परेशान कर रहा है। वह सीतापुर की तन्हाई (एकल) बैरक में बंद हैं। 23 महीनों में शनिवार की पहली ऐसी रात गुजरी है, जिस रात को आजम खां ने जेल में अकेले काटी है।
11 बजे सोने वाले आजम एक बजे सो पाए
जेल के सूूत्रों की माने तो आजम खां के साथ जब तक उनके बेटे अब्दुल्ला आजम बंद थे, तब तक वह रात 11 बजे तक हर हाल में सो जाते थे, लेकिन शनिवार को ऐसा पहली बार हुआ है, जब आजम 11 बजे नहीं सो पाए। वह देर रात तक करवटें बदलते रहे। जेल के सूत्रों की माने तो रात एक बजे के बाद आजम सो पाए थे। रविवार की सुबह भी जल्दी ही उठ गए थे। नमाज पढ़ने के बाद सुबह 6 बजे बंदियों की गिनती में शामिल हुए। इसके बाद बैैरक में ही रहे।
किताब का ले रहे हैं सहारा
बेटे अब्दुल्ला के जाने के बाद आजम खां किताब का सहारा ज्यादा ले रहे हैं। जेल सूत्रों का कहना है कि सुबह भी देर रात तक वह किताब पढ़ते रहे, जबकि इससे पहले इतना समय किताब पर नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि इसकी वजह है कि अभी तक वह अब्दुल्ला से बात करते रहते थे, लेकिन अब खाली समय कट नहीं रहा होगा। इसीलिए किताब का सहारा ले रहे हैं।
आजम खां के भी छूटने के कयास
अब्दुल्ला आजम के रिहा होने के बाद अब आजम खां की भी रिहाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह इसी महीने जेल से बाहर आ सकते हैं। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे संकेत मिल रहे हैं।
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यही वजह है कि 23 महीनों में पहली बार तन्हाई में अकेले रात गुजारने वाले सपा सांसद आजम खां को देर रात तक नींद नहीं आ सकी। वह रात गहराने के बाद तक करवटें बदलते रहे। सुबह भी जल्दी उठ गए। उनके चेहरे पर अन्य दिनों की अपेक्षा काफी उदासी भी नजर आई।
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27 फरवरी 2020 को पत्नी तंजीन फातिमा, बेटे अब्दुल्ला के साथ सीतापुर की जेल में सपा सांसद आजम खां आए थे। करीब 23 महीने हो चुके हैं। आजम खां अभी जेल में बंद हैं, जबकि उनकी पत्नी तंजीन दिसंबर 2020 में सीतापुर जेल से रिहा हो गई थी। इसके बाद आजम और अब्दुल्ला जेल में थे।
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सभी 43 मामलों में कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद शनिवार को परवाना सीतापुर जेल प्रशासन के पास पहुंचने पर रात में अब्दुल्ला को भी रिहा कर दिया गया। अब ऐसे में आजम खां जेल में अकेले बचे हैं। यही वजह है कि अकेलापान उन्हें परेशान कर रहा है। वह सीतापुर की तन्हाई (एकल) बैरक में बंद हैं। 23 महीनों में शनिवार की पहली ऐसी रात गुजरी है, जिस रात को आजम खां ने जेल में अकेले काटी है।
11 बजे सोने वाले आजम एक बजे सो पाए
जेल के सूूत्रों की माने तो आजम खां के साथ जब तक उनके बेटे अब्दुल्ला आजम बंद थे, तब तक वह रात 11 बजे तक हर हाल में सो जाते थे, लेकिन शनिवार को ऐसा पहली बार हुआ है, जब आजम 11 बजे नहीं सो पाए। वह देर रात तक करवटें बदलते रहे। जेल के सूत्रों की माने तो रात एक बजे के बाद आजम सो पाए थे। रविवार की सुबह भी जल्दी ही उठ गए थे। नमाज पढ़ने के बाद सुबह 6 बजे बंदियों की गिनती में शामिल हुए। इसके बाद बैैरक में ही रहे।
किताब का ले रहे हैं सहारा
बेटे अब्दुल्ला के जाने के बाद आजम खां किताब का सहारा ज्यादा ले रहे हैं। जेल सूत्रों का कहना है कि सुबह भी देर रात तक वह किताब पढ़ते रहे, जबकि इससे पहले इतना समय किताब पर नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि इसकी वजह है कि अभी तक वह अब्दुल्ला से बात करते रहते थे, लेकिन अब खाली समय कट नहीं रहा होगा। इसीलिए किताब का सहारा ले रहे हैं।
आजम खां के भी छूटने के कयास
अब्दुल्ला आजम के रिहा होने के बाद अब आजम खां की भी रिहाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह इसी महीने जेल से बाहर आ सकते हैं। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे संकेत मिल रहे हैं।