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Sitapur News: बदला दिखा एआरटीओ दफ्तर, नहीं दिखे दलाल

Sat, 27 Jul 2024 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sat, 27 Jul 2024 12:54 AM IST
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ARTO office was seen in revenge, brokers were not seen
खैराबाद (सीतापुर)। एडीएम की छापामारी में पकड़े गए पांच दलालों के बाद शुक्रवार को एआरटीओ दफ्तर बदला-बदला सा दिखा। कहीं भी दलालों का शोर नहीं था। परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं पुलिस ने पांचों दलालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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डीएम के निर्देश पर एडीएम ने बृहस्पतिवार को एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा था। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी माला बाजपेयी ने डीएम व एसपी को पत्र लिखकर बताया था कि कुछ अराजक लोग कार्यालय के अंदर आते हैं। ये लोग काम कराने के नाम पर ठगी करते हैं, जिससे विभाग की छवि खराब होती है।
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इस पर एडीएम (न्यायिक) सुनील कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा था। इस दौरान कार्यालय में बैठे मिले आफताब उर्फ बब्लू, दीपू राठौर, विनय, अजय कुमार और पमिप को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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एसओ अनिल सिंह ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं जहां हर रोज कार्यालय में भीड़ लगी रहती थी। वहां शुक्रवार को सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। दलाल भी नहीं दिखे।

पहले हो चुका है विवाद, कर्मचारी भी रहते हैं शामिल
एआरटीओ कार्यालय में दलालों पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई बार दलालों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। लेकिन फिर वैसा ही माहौल हो जाता है। दरअसल, इसमें कार्यालय के अलग-अलग पटलों पर कार्यरत कर्मचारियों का भी अहम रोल है। इससे ही दलालों की पैठ मजबूत होती है। सूत्र बताते हैं कि कार्यालय के कर्मचारी भी दलाल की फाइल को प्राथमिकता देते हैं। सूत्रों की मानें तो कार्यालय के कर्मचारियों को दलालों से आर्थिक लाभ मिलता है। जब दोनों में सामंजस्य नहीं बैठता तो विवाद होता है।
18 सितंबर 2022 को कार्यालय में काम कर रहे संतोष सिंह से दलाल अजय का शराब के नशे में विवाद हुआ था। कर्मचारी संतोष कुमार सिंह से हाथापाई के बाद पीड़ित ने तहरीर दी थी। दो महीने के बाद वही दलाल फिर से कार्यालय के चक्कर काटने लगा था।


कार्यालय के बाहर गुमटियों पर होती है डील
एआरटीओ कार्यालय के बाहर सजी गुमटियों पर दलाल सक्रिय रहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति एआरटीओ कार्यालय पहुंचता है तो दलाल उससे काम की जानकारी लेने का प्रयास करते हैं। डील होने के बाद दलाल कार्यालय के अंदर की सेटिंग से काम करवाते हैं। रोज शाम को पैसों का बंदरबांट होता है।
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