{"_id":"68e5581cdce8017fb30d8e45","slug":"allegations-of-extortion-in-preparing-medical-reports-sitapur-news-c-102-1-slko1037-141838-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: मेडिकल रिपोर्ट बनाने में धनउगाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: मेडिकल रिपोर्ट बनाने में धनउगाही का आरोप
Tue, 07 Oct 2025 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:42 PM IST
विज्ञापन
सीतापुर। हरदोई जिले के एक पीड़ित अपनी मां व भाभी की मेडिकल रिपोर्ट बनाने में चिकित्सक पर धन उगाही का आरोप लगाया है। जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए सीएमएस से शिकायत की। सीएमएस ने आरोपों को निराधार बताया।
हरदोई जिले में रेडियोलॉजिस्ट न होने से लीगल मेडिकल केस सीतापुर जिला अस्पताल से होते हैं। मल्लावां निवासी रूप कुमार ने बताया कि दो दिन से मां व भाभी की मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के लिए वह दौड़ लगा रहा है।
आरोप है कि चिकित्सक ने कहा कि 65 हजार दो तो गंभीर धाराओं में मेडिकल रिपोर्ट बना देंगे। अगर नहीं दोगे तो हल्की धाराओं में रिपोर्ट बनेगी। इससे आरोपी को कोई सजा नहीं दिलवा पाओगे। इस पर पीड़ित ने हंगामा करते हुए सीएमएस से शिकायत की।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि सीएमएस भी वहां पर मौजूद थे। सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने बताया कि आरोप निराधार हैं। युवक जल्द रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव बना रहा था। चिकित्सक ने कहा कि नंबर से सभी की रिपोर्ट बनेगी। अधिक केस आने की वजह से रिपोर्ट बनाने में देरी हो जाती है।
विज्ञापन
हरदोई जिले में रेडियोलॉजिस्ट न होने से लीगल मेडिकल केस सीतापुर जिला अस्पताल से होते हैं। मल्लावां निवासी रूप कुमार ने बताया कि दो दिन से मां व भाभी की मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के लिए वह दौड़ लगा रहा है।
विज्ञापन
आरोप है कि चिकित्सक ने कहा कि 65 हजार दो तो गंभीर धाराओं में मेडिकल रिपोर्ट बना देंगे। अगर नहीं दोगे तो हल्की धाराओं में रिपोर्ट बनेगी। इससे आरोपी को कोई सजा नहीं दिलवा पाओगे। इस पर पीड़ित ने हंगामा करते हुए सीएमएस से शिकायत की।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि सीएमएस भी वहां पर मौजूद थे। सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने बताया कि आरोप निराधार हैं। युवक जल्द रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव बना रहा था। चिकित्सक ने कहा कि नंबर से सभी की रिपोर्ट बनेगी। अधिक केस आने की वजह से रिपोर्ट बनाने में देरी हो जाती है।