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दो एडीओ मुख्यालय से संबद्ध, कामकाज ठप

Sun, 02 Oct 2022 12:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 12:09 AM IST
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Affiliated to two ADO headquarters, work stalled
सीतापुर। जिले में 19 ब्लॉक के सापेक्ष 16 सहायक विकास अधिकारी सहकारिता कार्यरत हैं। जबकि 14 ब्लॉको में ही एडीओ तैनात किए गए हैं। दो एडीओ को अवैधानिक ढंग से जिला मुख्यालय पर संबद्ध कर दिया गया है। इससे संबंधित ब्लॉक क्षेत्र में काम काज ठप हो गया है। वर्तमान में पांच ब्लॉक में एडीओ की तैनाती न होने से वहां संचालित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे साधन सहकारी समितियों की स्थिति लगातार खराब होने से किसानों को खाद न मिलने की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। उन्हें निजी दुकानों से महंगी दर पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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जिले की तमाम सहकारी समितियां बंद है। इससे किसानों को खाद की दिक्कत हो रही है। वह प्राइवेट दुकानों से मजबूरन खाद लेने को विवश हैं। जिम्मेदारों की मनमानी कार्यशैली से समितियां उबर नहीं पा रही हैं। इसके चलते ही ब्लॉक पर होने वाली एडीओ सहकारिता की तैनाती मुख्यालय में कर दी जा रही है। इससे सहकारी समितियों का संचालन भी बाधित हो रहा है।
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विभाग में एडीओ सहकारिता के पदों की संख्या कम होने के बावजूद एडीओ सहकारिता प्रीती वर्मा और रूपाली शुक्ला को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जबकि ब्लॉक सकरन, पहला, रामपुरमथुरा, हरगांव और लहरपुर में एडीओ के पद खाली हैं। एडीओ सहकारिता का मुख्य कार्य फील्ड वर्क है। इसके बावजूद दो एडीओ की फील्ड पर तैनाती ही नहीं की गई है।
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सहकारिता विभाग में छह अपर जिला सहकारी अधिकारी (एडीसीओ ) की तैनाती है। इनका किसी भी उपस्थित और भ्रमण पंजिका पर नाम तक अंकित नहीं है। इनकी तैनाती तहसील स्तर पर होनी चाहिए और वहीं इनकी हाजिरी लगनी चाहिए। लेकिन तहसील स्तरीय अफसर इन्हें जानते तक नहीं है।ं इनका कार्य फील्ड स्तर पर ही संचालित होना चाहिए।

विभागीय सूत्रों के अनुसार सिधौली के एडीसीओ ब्रजेश कुमार की कार्य क्षेत्र में सक्रियता न होने के कारण ही तमाम अव्यवस्थाएं मौजूद हैं। सहकारी समितियों को किसानों के लिए लगभग बंद कर दिया गया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता नवीन शुक्ल से जब पांच ब्लॉकों में एडीओ सहकारिता की तैनाती न होने और दो एडीओ सहकारिता के जिला मुख्यालय से संबद्ध करने के संबंध में पूछा गया तो वह भड़क उठे। उन्होंने इसे शासन के निर्देश पर उठाया कदम बताते हुए चुप्पी साध ली।
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