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Sitapur News: सरयू में उफान से तीन गांवों के संपर्क मार्ग डूबे
Sat, 25 Jul 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:22 AM IST
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बाढ़ के पानी से घिरा प्यारेपुरवा - संवाद
रामपुर मथुरा/रेउसा। सरयू और शारदा नदियों के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। तटवर्ती गांवों के संपर्क मार्ग और खेत पानी में डूबने लगे हैं। पानी लगातार सड़कों व खेतों को अपनी जद में ले रहा है। रामपुर मथुरा के शुकुलपुरवा, नगेश्वरपुरवा और बुचऊपुरवा संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। प्यारेपुरवा भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। शुक्रवार को तीनों बैराजों से 3.03 लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है। इससे हालात बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को शारदा और सरयू नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रहा। हालांकि, सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका सता रही है। संपर्क मार्ग पानी की जद में आ रहे हैं। रामपुर मथुरा में देर रात सरयू नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, क्षेत्र के निचले इलाकों के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। करीब 300 बीघा फसलें जलमग्न हैं।
अंगरौरा, अखरी, सोतीपुरवा, परमगोंडा आदि गांवों के किसानों के अनुसार यदि पानी कुछ दिन और भरा रहा तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। शुकुलपुरवा के मजरे नगेश्वरपुरवा और बुचऊपुरवा के रामशिव और नगेसर के अनुसार गांव का संपर्क मार्ग पानी में डूबा होने के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। नदी पार करने के बाद पैदल अपने गांव तक जाना पड़ रहा है। देवराज तिवारी ने बताया कि अखरी के प्यारेपुरवा के चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया है।
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रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण एक बार फिर जलस्तर में वृद्धि हुई है। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि रात तक जलस्तर में और वृद्धि होगी। जलस्तर बढ़ता देख तटीय गांवों के लोग चिंतित हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी रास्ते या गांव तक बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। प्रशासन भी फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति से इन्कार कर रहा है। बिसवां तहसीलदार अनिल कुमार राम ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। मॉनिटरिंग की जा रही है।
बाढ़ के पानी में दिखे मगरमच्छ व घड़ियाल
रेउसा के तटवर्ती गांव के कुछ लोग शुक्रवार को नदी के बीच टापू पर गए थे। ग्रामीण वीरेंद्र, होसराम, प्रदीप, मांझी, संतोष, रामनरेश आदि ने बताया कि बाढ़ के पानी में कई मगरमच्छ और घड़ियाल दिखे हैं। इससे चिंता बढ़ गई है। लोगों की आहट पाते ही ये जीव पानी में चले गए। मगरमच्छ और घड़ियाल दिखने से लोगों में दहशत है।
स्थिति पर है नजर
जलस्तर में आंशिक वृद्धि दर्ज हुई है। हालात अभी गंभीर नहीं हैं। सुंदरपुरवा के कटान पीड़ित धर्मराज को आशियाना के मुआवजे के तौर पर 1.20 लाख रुपये का चेक दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण टीम लगातार निगरानी कर रही है। कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार बिसवां
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रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को शारदा और सरयू नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रहा। हालांकि, सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका सता रही है। संपर्क मार्ग पानी की जद में आ रहे हैं। रामपुर मथुरा में देर रात सरयू नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, क्षेत्र के निचले इलाकों के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। करीब 300 बीघा फसलें जलमग्न हैं।
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अंगरौरा, अखरी, सोतीपुरवा, परमगोंडा आदि गांवों के किसानों के अनुसार यदि पानी कुछ दिन और भरा रहा तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। शुकुलपुरवा के मजरे नगेश्वरपुरवा और बुचऊपुरवा के रामशिव और नगेसर के अनुसार गांव का संपर्क मार्ग पानी में डूबा होने के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। नदी पार करने के बाद पैदल अपने गांव तक जाना पड़ रहा है। देवराज तिवारी ने बताया कि अखरी के प्यारेपुरवा के चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया है।
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रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण एक बार फिर जलस्तर में वृद्धि हुई है। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि रात तक जलस्तर में और वृद्धि होगी। जलस्तर बढ़ता देख तटीय गांवों के लोग चिंतित हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी रास्ते या गांव तक बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। प्रशासन भी फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति से इन्कार कर रहा है। बिसवां तहसीलदार अनिल कुमार राम ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। मॉनिटरिंग की जा रही है।
बाढ़ के पानी में दिखे मगरमच्छ व घड़ियाल
रेउसा के तटवर्ती गांव के कुछ लोग शुक्रवार को नदी के बीच टापू पर गए थे। ग्रामीण वीरेंद्र, होसराम, प्रदीप, मांझी, संतोष, रामनरेश आदि ने बताया कि बाढ़ के पानी में कई मगरमच्छ और घड़ियाल दिखे हैं। इससे चिंता बढ़ गई है। लोगों की आहट पाते ही ये जीव पानी में चले गए। मगरमच्छ और घड़ियाल दिखने से लोगों में दहशत है।
स्थिति पर है नजर
जलस्तर में आंशिक वृद्धि दर्ज हुई है। हालात अभी गंभीर नहीं हैं। सुंदरपुरवा के कटान पीड़ित धर्मराज को आशियाना के मुआवजे के तौर पर 1.20 लाख रुपये का चेक दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण टीम लगातार निगरानी कर रही है। कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार बिसवां