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Sitapur News: शुरू हुई अभ्युदय कोचिंग, विद्यार्थियों ने सराहा
Fri, 02 Aug 2024 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 02 Aug 2024 12:59 AM IST
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सीतापुर। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज सभागार में बृहस्पतिवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत हो गई। पहले दिन यूपीएससी के 57 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
सीएम अभ्युदय योजना के प्रभारी वीरेंद्र कुमार और कोर्स कोऑर्डिनेटर सुशील कुमार ने मां सरस्वती की पूजा करके अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की। प्रभारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को यदि कोई समस्या आती है तो वह बेहिचक बता सकते हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक ऐश्वर्य मिश्रा ने भारतीय राज्य व्यवस्था पर 90 मिनट का व्याख्यान दिया।
अंबरीश कुमार गुप्ता ने भूगोल विषय पर व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों की ओर से किए गए प्रश्नों का समाधान किया गया। फ्री कोचिंग के लिए 100 विद्यार्थियों का चयन यूपीएससी/ यूपीपीसीएस और 29 विद्यार्थियों का चयन नीट के लिए किया गया है। इसकी तैयारी शिक्षकों की ओर से कराई जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार ने बताया कि अभ्युदय योजना में आने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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बेटियों ने आईएएस अफसर बनने की जताई इच्छा
अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत होने से विद्यार्थियों में उत्साह दिखा। खैराबाद ब्लाॅक के हेमपुरवा गांव की रहने वाली दिव्यांग रेनू ने बताया कि पिता किसान हैं। लखनऊ से एमकॉम और बीएड करने के बाद आईएएस की तैयारी कर रही हूं। मार्गदर्शन की समस्या थी, अब समाधान हो गया है। कोचिंग में पुस्तकालय समेत सभी व्यवस्थाएं हैं। महोली ब्लाॅक के रोहिला गांव की दिव्यांग आरती देवी मिश्रा दयाशंकर पटेल डिग्री कॉलेज गाजीपुर की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि हम दिल्ली जाकर आईएएस की तैयारी नहीं कर सकते। सीएम अभ्युदय योजना से हम लोगों का सपना पूरा हो सकता है।
घर में बैठकर प्रतियोगिता की तैयारी संभव नहीं है। लहरपुर तहसील के पतवारा गांव निवासी विमलेश कुमार ने बताया कि बीएससी और बीएड करने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी बनना चाहते हैं। गांवों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर डर बना रहता है। अभ्युदय कोचिंग में आने से सबकुछ आसान लग रहा है। आरओ की भी तैयारी कर रहे हैं। घर का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। परसेंडी ब्लॉक के चक उमड़ी निवासी सानू कुमार कृषि स्नातक हैं। वह बीते साल से कोचिंग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपीपीसीएस की तैयारी कर रहा हूं। लखनऊ और दिल्ली में कोचिंग करने में समर्थ नहीं हूं। यहां लाइब्रेरी समेत सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
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सीएम अभ्युदय योजना के प्रभारी वीरेंद्र कुमार और कोर्स कोऑर्डिनेटर सुशील कुमार ने मां सरस्वती की पूजा करके अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की। प्रभारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को यदि कोई समस्या आती है तो वह बेहिचक बता सकते हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक ऐश्वर्य मिश्रा ने भारतीय राज्य व्यवस्था पर 90 मिनट का व्याख्यान दिया।
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अंबरीश कुमार गुप्ता ने भूगोल विषय पर व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों की ओर से किए गए प्रश्नों का समाधान किया गया। फ्री कोचिंग के लिए 100 विद्यार्थियों का चयन यूपीएससी/ यूपीपीसीएस और 29 विद्यार्थियों का चयन नीट के लिए किया गया है। इसकी तैयारी शिक्षकों की ओर से कराई जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार ने बताया कि अभ्युदय योजना में आने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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बेटियों ने आईएएस अफसर बनने की जताई इच्छा
अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत होने से विद्यार्थियों में उत्साह दिखा। खैराबाद ब्लाॅक के हेमपुरवा गांव की रहने वाली दिव्यांग रेनू ने बताया कि पिता किसान हैं। लखनऊ से एमकॉम और बीएड करने के बाद आईएएस की तैयारी कर रही हूं। मार्गदर्शन की समस्या थी, अब समाधान हो गया है। कोचिंग में पुस्तकालय समेत सभी व्यवस्थाएं हैं। महोली ब्लाॅक के रोहिला गांव की दिव्यांग आरती देवी मिश्रा दयाशंकर पटेल डिग्री कॉलेज गाजीपुर की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि हम दिल्ली जाकर आईएएस की तैयारी नहीं कर सकते। सीएम अभ्युदय योजना से हम लोगों का सपना पूरा हो सकता है।
घर में बैठकर प्रतियोगिता की तैयारी संभव नहीं है। लहरपुर तहसील के पतवारा गांव निवासी विमलेश कुमार ने बताया कि बीएससी और बीएड करने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी बनना चाहते हैं। गांवों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर डर बना रहता है। अभ्युदय कोचिंग में आने से सबकुछ आसान लग रहा है। आरओ की भी तैयारी कर रहे हैं। घर का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। परसेंडी ब्लॉक के चक उमड़ी निवासी सानू कुमार कृषि स्नातक हैं। वह बीते साल से कोचिंग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपीपीसीएस की तैयारी कर रहा हूं। लखनऊ और दिल्ली में कोचिंग करने में समर्थ नहीं हूं। यहां लाइब्रेरी समेत सभी सुविधाएं मौजूद हैं।