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सियासत की बदनाम धारा के नुमाइंदे हैं दोनों विधायक
Sitapur
Updated Fri, 30 Aug 2013 05:35 AM IST
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सीतापुर(ब्यूरो)। सपा आला कमान ने आखिर दबंगई और अय्याशी के कीचड़ में सने अपने दो विधायकों के खिलाफ सख्त फैसला करते हुए नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल और सेवता विधायक महेंद्र सिंह उर्फ झीन बाबू को पार्टी से निलंबित कर दिया। जबकि मंगलवार को ही हुए बहुचर्चित गोलीकांड में नामजद नगर विधायक के पुत्रों सचिन व शैलेंद्र जायसवाल को भी पार्टी से निकाल दिया गया है। इनमें से सेवता विधायक पहले भी एक बलात्कार कांड में आरोपी रह चुके हैं। नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल की रंगदारी पार्टी के भीतर व बाहर, दोनों जगह सुर्खियों में रही है।
जिले में सपा के साथ यह अजब संयोग है कि पार्टी के सत्ता में आते ही माननीयों की दबंगई और लज्जाजनक हरकतें शर्मिंदगी की हदें लांघने लगती हैं। मंगलवार को सीतापुर में नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल के दबंग बेटों द्वारा कृष्णपाल यादव को गोली मारने और सेवता विधायक महेंद्र सिंह उर्फ झीन बाबू के गोवा में अय्याशी करते धरे जाने से यह शर्मिंदगी और गहरा गई है। दोनों सपा विधायकों का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल पर कभी लोस चुनाव में सपा उम्मीदवार की मुखालफत तो कभी कांग्रेस प्रत्याशी की मदद के आरोप लगे हैं। ब्लॉक प्रमुखी चुनाव में पार्टी के दावेदार ने विधायक पर बीस लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। यह रकम ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मैनेजमेंट के नाम पर ली गई थी। खुद के कॉलेज में विधायक निधि के दुरुपयोग का भी मामला सुर्खियों में आया। इसी प्रकरण में जनहित याचिका के चलते उन्हें नोटिस भी जारी हो चुका है। पांच-छह माह पहले हाईवे किनारे जमीन कब्जाने को लेकर खूनी संघर्ष तक की नौबत आ गई थी। जिस मामले को लेकर मंगलवार को विधायक पुत्रों ने तांडव मचाया वह भी पूर्व में सुर्खियां बन चुका है। इस जमीन की रजिस्ट्री के दौरान भी विधायक व उनके पुत्रों की दबंगई सामने आई थी। पीड़ित पक्ष ने अपहरण कर जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने का आरोप लगाया था। उधर, अय्याशी करते में गोवा में धरे गए सेवता से सपा विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू शुरू से ही काफी शौकीन मिजाज माने जाते हैं। इससे पूर्व रेउसा क्षेत्र के कीढ़ीपुरवा के चर्चित रेप कांड के भी आरोपी रहे हैं।
बाद में इस आरोप से न्यायालय ने उनको बरी कर दिया था। रेउसा इलाके के गंगापुरवा में सपा की सरकार बनते ही दलितों के घर फूंक दिए गए थे। इस प्रकरण में भी सेवता विधायक का नाम सामने आया था। हालांकि पुलिस ने लीपापोती कर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
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जिले में सपा के साथ यह अजब संयोग है कि पार्टी के सत्ता में आते ही माननीयों की दबंगई और लज्जाजनक हरकतें शर्मिंदगी की हदें लांघने लगती हैं। मंगलवार को सीतापुर में नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल के दबंग बेटों द्वारा कृष्णपाल यादव को गोली मारने और सेवता विधायक महेंद्र सिंह उर्फ झीन बाबू के गोवा में अय्याशी करते धरे जाने से यह शर्मिंदगी और गहरा गई है। दोनों सपा विधायकों का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल पर कभी लोस चुनाव में सपा उम्मीदवार की मुखालफत तो कभी कांग्रेस प्रत्याशी की मदद के आरोप लगे हैं। ब्लॉक प्रमुखी चुनाव में पार्टी के दावेदार ने विधायक पर बीस लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। यह रकम ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मैनेजमेंट के नाम पर ली गई थी। खुद के कॉलेज में विधायक निधि के दुरुपयोग का भी मामला सुर्खियों में आया। इसी प्रकरण में जनहित याचिका के चलते उन्हें नोटिस भी जारी हो चुका है। पांच-छह माह पहले हाईवे किनारे जमीन कब्जाने को लेकर खूनी संघर्ष तक की नौबत आ गई थी। जिस मामले को लेकर मंगलवार को विधायक पुत्रों ने तांडव मचाया वह भी पूर्व में सुर्खियां बन चुका है। इस जमीन की रजिस्ट्री के दौरान भी विधायक व उनके पुत्रों की दबंगई सामने आई थी। पीड़ित पक्ष ने अपहरण कर जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने का आरोप लगाया था। उधर, अय्याशी करते में गोवा में धरे गए सेवता से सपा विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू शुरू से ही काफी शौकीन मिजाज माने जाते हैं। इससे पूर्व रेउसा क्षेत्र के कीढ़ीपुरवा के चर्चित रेप कांड के भी आरोपी रहे हैं।
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बाद में इस आरोप से न्यायालय ने उनको बरी कर दिया था। रेउसा इलाके के गंगापुरवा में सपा की सरकार बनते ही दलितों के घर फूंक दिए गए थे। इस प्रकरण में भी सेवता विधायक का नाम सामने आया था। हालांकि पुलिस ने लीपापोती कर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
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