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मां के पास चारपाई पर सो रहे 20 दिन के बच्चे को उठा ले गया जंगली जानवर
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रात को कमरे में मां के साथ चारपाई पर सो रहा था, रेउसा की घटना, इलाके में दहशत
रेउसा (सीतापुर)। थाना इलाके में घर के अंदर मां के पास सो रहे एक मासूम बच्चे को जंगली जानवर उठा ले गया। एक ही चारपाई पर लेटी बच्चे की मां को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाहर सो रहे पिता की आंख खुलने पर जब उसने बच्चा लापता देखा तब परिवार में हड़कम्प मच गया।
घर से लेकर खेतों तक किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह पाए गए हैं। चीख-पुकार सुनकर जमा हुए ग्रामीणों के काफी तलाश के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने कॉम्बिंग की, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। वन विभाग ने पगचिन्हों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
फिलहाल पैरों के निशान देखने से भेड़िया होने का अनुमान वन विभाग के अफसर लगा रहे हैं। हादसे के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। थानाक्षेत्र के भरथा गांव में रहने वाला कुन्नू रविवार की रात घर के दरवाजे पर चारपाई पर लेटा था, जबकि उसकी पत्नी फूलमती अपने 20 दिन के बच्चे को लेकर कमरे में दूसरी चारपाई पर सो रही थी।
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रात के किसी पहर फूलमती लघुशंका के लिए बाहर निकली इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गई। बताते हैं, कि इसी बीच कोई जंगली जानवर नवजात को उठा ले गया। सोमवार की भोर करीब साढ़े तीन बजे कुन्नू की आंख खुलने पर उसने अंदर देखा तो चारपाई से बच्चा गायब था। यह देख उसकी नींद उड़ गई और पत्नी को जगाकर बच्चे के बारे में पूछा।
बच्चे को चारपाई से नदारद देख ऊषा भी भौंचक्की रह गई। चीख-पुकार सुनकर आसपड़ोस के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच घर के दरवाजे से लेकर खेतों की तरफ किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह नजर आए।
इसे देख ग्रामीणों को समझते देर नहीं लगी कि बच्चा जंगली जानवर उठा ले गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देते हुए ग्रामीणों ने खेतों में तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ काफी देर तक कॉम्बिंग की लेकिन बच्चे अथवा जंगली जानवर का कोई सुराग नहीं मिला।
सोमवार की सुबह वनरक्षक लल्लन सिंह ने पहुंचकर जंगली जानवर के पैरों के निशान देखे और नमूना लेकर जांच के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया। ग्रामीणों के मुताबिक दस दिन पहले गांव के सिद्दीक की बकरी को भी जंगली जानवर निवाला बना चुका है।
पैरों के निशान देखकर जंगली जानवर भेड़िया होने की संभावना अधिक लग रही है। पगचिन्ह के फोटो व अन्य ब्यौरे की जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी कि हमलावर कौन सा जानवर है। वनकर्मियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
-रामानंद अवस्थी, रेंजर बिसवां
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रेउसा (सीतापुर)। थाना इलाके में घर के अंदर मां के पास सो रहे एक मासूम बच्चे को जंगली जानवर उठा ले गया। एक ही चारपाई पर लेटी बच्चे की मां को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाहर सो रहे पिता की आंख खुलने पर जब उसने बच्चा लापता देखा तब परिवार में हड़कम्प मच गया।
घर से लेकर खेतों तक किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह पाए गए हैं। चीख-पुकार सुनकर जमा हुए ग्रामीणों के काफी तलाश के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने कॉम्बिंग की, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। वन विभाग ने पगचिन्हों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
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फिलहाल पैरों के निशान देखने से भेड़िया होने का अनुमान वन विभाग के अफसर लगा रहे हैं। हादसे के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। थानाक्षेत्र के भरथा गांव में रहने वाला कुन्नू रविवार की रात घर के दरवाजे पर चारपाई पर लेटा था, जबकि उसकी पत्नी फूलमती अपने 20 दिन के बच्चे को लेकर कमरे में दूसरी चारपाई पर सो रही थी।
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रात के किसी पहर फूलमती लघुशंका के लिए बाहर निकली इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गई। बताते हैं, कि इसी बीच कोई जंगली जानवर नवजात को उठा ले गया। सोमवार की भोर करीब साढ़े तीन बजे कुन्नू की आंख खुलने पर उसने अंदर देखा तो चारपाई से बच्चा गायब था। यह देख उसकी नींद उड़ गई और पत्नी को जगाकर बच्चे के बारे में पूछा।
बच्चे को चारपाई से नदारद देख ऊषा भी भौंचक्की रह गई। चीख-पुकार सुनकर आसपड़ोस के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच घर के दरवाजे से लेकर खेतों की तरफ किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह नजर आए।
इसे देख ग्रामीणों को समझते देर नहीं लगी कि बच्चा जंगली जानवर उठा ले गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देते हुए ग्रामीणों ने खेतों में तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ काफी देर तक कॉम्बिंग की लेकिन बच्चे अथवा जंगली जानवर का कोई सुराग नहीं मिला।
सोमवार की सुबह वनरक्षक लल्लन सिंह ने पहुंचकर जंगली जानवर के पैरों के निशान देखे और नमूना लेकर जांच के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया। ग्रामीणों के मुताबिक दस दिन पहले गांव के सिद्दीक की बकरी को भी जंगली जानवर निवाला बना चुका है।
पैरों के निशान देखकर जंगली जानवर भेड़िया होने की संभावना अधिक लग रही है। पगचिन्ह के फोटो व अन्य ब्यौरे की जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी कि हमलावर कौन सा जानवर है। वनकर्मियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
-रामानंद अवस्थी, रेंजर बिसवां