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छात्रावास व महिला अस्पताल में खामी देख खफा हुई सदस्य

Thu, 06 Sep 2018 12:17 AM IST
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:17 AM IST
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छात्रावास व महिला अस्पताल में खामी देख खफा हुई सदस्य
बालिकाओं ने बताया, बिजली जाने पर हो जाता अंधेरा
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सीतापुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बुधवार को सीतापुर दौरे में तमाम खामियां मिलीं। मुआयने में महिला छात्रावास की बिल्डिंग जर्जर मिली। बारिश में छत टपकती पाई गई। खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। बातचीत में छात्राओं ने भी जमकर अपना दुखड़ा रोया।

इस पर खफा सदस्य ने अफसर-कर्मचारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। महिला अस्पताल के निरीक्षण में मरीजों एवं तीमारदारों ने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर सुविधा शुल्क की मांगे जाने की बात कही। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल सबसे पहले राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास का पहुंचीं।
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यहां पर छात्रावास की इमारत पूरी तरह जर्जर मिली। पानी की किल्लत दिखी, शौचालय पूरी तरह से जर्जर पाए गए। कमरा नंबर सात की छत जर्जर होने के कारण उससे बारिश का पानी टपकता मिला। खिड़कियों के शीशे टूटे थे। बाद में उन्होंने छात्राओं ने बातचीत की तो उनका दुखड़ा सुनकर सन्न रह गईं।
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छात्राओं ने बताया कि मैम अगर यहां बिजली चली जाए तो प्रकाश की व्यवस्था नहीं। बंदर अक्सर कमरों में आकर यहां रखे कपड़े व खाना-पीते की चीजें फैला देते हैं। मुआयने में उन्होंने यहां पर ठहराव करने वाली छात्राओं की संख्या जानी। इस पर बताया गया कि 48 बालिकाएं रहती हैं।

छात्रावास की बदहाल स्थिति को देख उन्होंने संबंधित सारी व्यवस्थाएं जल्द से जल्द दुरुस्त कराने का निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सर्वरीश मिश्र, एसीएमओ डीके शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्विनी कुमार तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु कुमार भी उपस्थित रहे।

प्रसूताएं बोलीं, नहीं मिले जननी सुरक्षा योजना के चेक
जिला महिला अस्पताल का बुधवार जिले में भ्रमण पर आई राज्य महिला आयोग की सदस्य ने निरीक्षण किया तो उन्हें वहां की हकीकत से रूबरू होना पड़ा। अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों ने उन्हें बताया कि यहां बच्चे के डिलीवरी के सुविधा शुल्क लिया जाता है।

साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पताल में जननी सुरक्षा के तहत कई प्रसूताओं को अभी तक चेक नहीं दी गई हैं। इसके लेकर वह काफी खफा हुई और सीएमएस को जल्द ही सभी महिलाओं को चेक दिए जाने व डिलीवरी वाली बात पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

बैठकर निपटाएं दंपतियों के विवाद
राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने पीडब्लूडी गेस्ट हाउस अधिकारियों संग बैठक में पारिवारिक एवं पति पत्नी के बीच विवादों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निपटाने की जरूरत पर बल दिया। महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने बताया कि जिले में गत तीन महीनों में 65 मुकदमे दहेज उत्पीड़न के दर्ज कराए गए हैं।


जिनमें से 39 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता केंद्र में चल रहे हैं तथा 26 मामलों में कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 123 महिला शिकायती पत्र विभिन्न थानों से प्राप्त हुए। सापेक्ष 83 में सुलह समझौता करा दिया तथा पांच पर प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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