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दूषित पानी की कर रहे थे आपूर्ति, आरओ प्लांट सील
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:04 PM IST
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दूषित पानी की कर रहे थे आपूर्ति, आरओ प्लांट सील
एक अन्य प्लांट का पानी जांच के लिए भेजा
सीतापुर/बिसवां। बिसवां कस्बे में आरओ पानी के नाम पर लोगों को दूषित पानी के कैन की आपूर्ति की जा रही थी। दूषित पानी को पैकेटों में भी भरकर बेचा जा रहा था। शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव ने छापा मारा। छापे में उन्होंने आरओ प्लांट पर तमाम खामियां मिली। इस पर उन्होंने आरओ प्लांट को सील करने की कार्रवाई की। कस्बे के एक अन्य प्लांट से पानी का नमूना लेकर उसे उसे जांच के लिए लैब भेजा गया है।
बिसवां कस्बे में मास्टर व नोवा नाम के प्लांट कस्बे को लोगों को कीमत लेकर पेयजल उपलब्ध कराते हैं। दोनों ही प्लांट दावा करते हैं, कि उनका जल स्वच्छ व शुद्ध है। शुक्रवार को एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव ने मास्टर प्लांट पर छापेमारी की। यहां एक छोटे से कमरे में प्लांट लगा पाया। एसडीएम ने बताया कि प्लांट में बेतहाशा गंदगी थी, पानी को साफ करने की मशीन भी काम नहीं कर रही थी। वहीं प्लांट में पानी के पैकेटों की पैकिंग की जा रही थी। इन पैकेटों पर पैकिंग का स्थान लखनऊ लिखा हुआ था। इस प्लांट में भारी अनियमितता पाई गई है। जिसको लेकर एसडीएम ने मास्टर प्लांट को सील कर दिया। इसके बाद एसडीएम ने नोवा प्लांट पर छापेमारी की। यहां भी गंदगी की भरमार मिली। पानी भी दूषित नजर आ रहा था। जिसकी वजह से प्लांट स्वामी को वाटर सप्लाई रोकने की बात कहते हुए, पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा है। एसडीएम ने बताया कि छापेमारी के दौरान दोनों ही प्लांट पर अनियमितता पाई गई है। प्लांट पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया है।
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एक अन्य प्लांट का पानी जांच के लिए भेजा
सीतापुर/बिसवां। बिसवां कस्बे में आरओ पानी के नाम पर लोगों को दूषित पानी के कैन की आपूर्ति की जा रही थी। दूषित पानी को पैकेटों में भी भरकर बेचा जा रहा था। शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव ने छापा मारा। छापे में उन्होंने आरओ प्लांट पर तमाम खामियां मिली। इस पर उन्होंने आरओ प्लांट को सील करने की कार्रवाई की। कस्बे के एक अन्य प्लांट से पानी का नमूना लेकर उसे उसे जांच के लिए लैब भेजा गया है।
बिसवां कस्बे में मास्टर व नोवा नाम के प्लांट कस्बे को लोगों को कीमत लेकर पेयजल उपलब्ध कराते हैं। दोनों ही प्लांट दावा करते हैं, कि उनका जल स्वच्छ व शुद्ध है। शुक्रवार को एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव ने मास्टर प्लांट पर छापेमारी की। यहां एक छोटे से कमरे में प्लांट लगा पाया। एसडीएम ने बताया कि प्लांट में बेतहाशा गंदगी थी, पानी को साफ करने की मशीन भी काम नहीं कर रही थी। वहीं प्लांट में पानी के पैकेटों की पैकिंग की जा रही थी। इन पैकेटों पर पैकिंग का स्थान लखनऊ लिखा हुआ था। इस प्लांट में भारी अनियमितता पाई गई है। जिसको लेकर एसडीएम ने मास्टर प्लांट को सील कर दिया। इसके बाद एसडीएम ने नोवा प्लांट पर छापेमारी की। यहां भी गंदगी की भरमार मिली। पानी भी दूषित नजर आ रहा था। जिसकी वजह से प्लांट स्वामी को वाटर सप्लाई रोकने की बात कहते हुए, पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा है। एसडीएम ने बताया कि छापेमारी के दौरान दोनों ही प्लांट पर अनियमितता पाई गई है। प्लांट पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया है।
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