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वसूली आदेश का पंचायत सचिव नहीं कर रहे पालन
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:33 PM IST
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सीतापुर। रेउसा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में परिवारों को मनरेगा एक्ट के विपरीत रोजगार दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 25 ग्राम पंचायतों के 75 परिवारों को 224 दिन काम दिया गया। जबकि 100 दिन ही काम मिलना चाहिए।
इसी प्रकार वर्ष 2016-17 में छह ग्राम पंचायतों के 29 परिवारों को 100 दिन से अधिक रोजगार दिया गया। यानी कि दो बरस में एक ही ब्लॉक की 31 ग्राम पंचायतों के 104 परिवारों को 321 दिन का रोजगार दिया गया। जांच में अनियमितता उजागर होने पर बीडीओ रेउसा ने डेढ़ माह पहले 12 पंचायत सचिवों को धनराशि वसूली के आदेश जारी किए थे।
इसके अनुसार तीन दिन में निर्धारित धनराशि जमा करनी थी। मगर ये धनराशि अभी तक नहीं जमा की गई है। जिलेे के हजारों मनरेगा मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं। जिन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है।
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वहीं इसके विपरीत जिम्मेदारों की मेहरबानी से बड़ी संख्या में परिवारों को 100 दिन से अधिक रोजगार दिया गया है। ये मनरेगा एक्ट के विपरीत है। इसका खुलासा होने पर रेउसा ब्लॉक के 12 पंचायत सचिवों से 53 हजार 39 रुपये वसूली के आदेश बीडीओ ने 13 सितंबर को जारी किया था।
उपायुक्त श्रम सुशील कुमार सिंह ने कहा कि 100 दिन से अधिक रोजगार देने पर संबंधित पंचायत सचिव व रोजगार सेवक से धनराशि वसूलने का प्राविधान है। ये धनराशि जिला रोजगार गारंटी निधि के खाते में जमा की जाएगी।
इन पंचायत सचिवों ने नहीं किया वसूली आदेश का पालन
सीतापुर। रेउसा के 12 पंचायत सचिवों से धनराशि वसूली के आदेश जारी हुए थे। यहां के पंचायत सचिव रामसहारे जो वर्तमान में प्रभारी एडीओ पंचायत भी हैं। इसके अतिरिक्त पंचायत सचिव अमित साहू, राजेश बाबू शुक्ल, मुकेश नाथ, रामस्वरूप, मनोज कुमार, जगदेव प्रसाद, रोहित जोशी, विनोद कुमार, प्रदीप चौधरी, अजीत यादव व राजकुमार शुक्ल ने वसूली आदेश का पालन नहीं किया है। इसकी पुष्टि ब्लॉक के लेखाकार ने की है।
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इसी प्रकार वर्ष 2016-17 में छह ग्राम पंचायतों के 29 परिवारों को 100 दिन से अधिक रोजगार दिया गया। यानी कि दो बरस में एक ही ब्लॉक की 31 ग्राम पंचायतों के 104 परिवारों को 321 दिन का रोजगार दिया गया। जांच में अनियमितता उजागर होने पर बीडीओ रेउसा ने डेढ़ माह पहले 12 पंचायत सचिवों को धनराशि वसूली के आदेश जारी किए थे।
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इसके अनुसार तीन दिन में निर्धारित धनराशि जमा करनी थी। मगर ये धनराशि अभी तक नहीं जमा की गई है। जिलेे के हजारों मनरेगा मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं। जिन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है।
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वहीं इसके विपरीत जिम्मेदारों की मेहरबानी से बड़ी संख्या में परिवारों को 100 दिन से अधिक रोजगार दिया गया है। ये मनरेगा एक्ट के विपरीत है। इसका खुलासा होने पर रेउसा ब्लॉक के 12 पंचायत सचिवों से 53 हजार 39 रुपये वसूली के आदेश बीडीओ ने 13 सितंबर को जारी किया था।
उपायुक्त श्रम सुशील कुमार सिंह ने कहा कि 100 दिन से अधिक रोजगार देने पर संबंधित पंचायत सचिव व रोजगार सेवक से धनराशि वसूलने का प्राविधान है। ये धनराशि जिला रोजगार गारंटी निधि के खाते में जमा की जाएगी।
इन पंचायत सचिवों ने नहीं किया वसूली आदेश का पालन
सीतापुर। रेउसा के 12 पंचायत सचिवों से धनराशि वसूली के आदेश जारी हुए थे। यहां के पंचायत सचिव रामसहारे जो वर्तमान में प्रभारी एडीओ पंचायत भी हैं। इसके अतिरिक्त पंचायत सचिव अमित साहू, राजेश बाबू शुक्ल, मुकेश नाथ, रामस्वरूप, मनोज कुमार, जगदेव प्रसाद, रोहित जोशी, विनोद कुमार, प्रदीप चौधरी, अजीत यादव व राजकुमार शुक्ल ने वसूली आदेश का पालन नहीं किया है। इसकी पुष्टि ब्लॉक के लेखाकार ने की है।