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यह बाक्स को फाइल नं. 29 की खबर में लगा लें
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:33 AM IST
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स्वस्थ हुआ था जज्जा-बच्चा
सरैंयासानी गांव निवासी सोनी अवस्थी गर्भवती थी। डिलीवरी होने वाली थी। इससे इनकी तबियत बहुत बिगड़ गई। काफी प्रयास करके प्रसव कराया, जिससे जज्जा-बच्चा एकदम स्वस्थ्य रहे। इसकी तारीफ स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इसके अलावा किसी को अगर किसी समय दिक्कत आती थी, चाहे दिन हो या रात उनके साथ जाकर चिकित्सकों तक पहुंचाती थीं। हर समय उनका पूरा ख्याल रखा। इसी का परिणाम सामने आया है।
आशा त्रिपाठी, आशाबहू
दिलाया योजनाओं का लाभ
नियमित गांवों में जाकर गर्भवती ब बच्चो ंका टीकाकरण कर दवाओं का वितरण करती थीं। इस दौरान अगर कोई समस्या आती थी तो उसका भी निदान करती थीं। अगर गांव नहीं पहुंच पातीं तो मोबाइल फोन के जरिए उनका हालचाल ले लेतीं। बराबर सभी से संपर्क बना रहता था। सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मरीजों को दिलाया। अगर कोई मरीज आ जाता तो उसकी समस्या दूर करने का भरसक प्रयास करतीं।
नीलम देवी, एएनएम
दूर कराई थी खून की कमी
कार्यक्षेत्र में तीन ऐसी महिलाएं थीं, जिनको खून की काफी कमी थी। यह गर्भवती भी थी। इससे इनका हर सप्ताह चेकअप कराकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराईं। जब डिलीवरी हुई तो इनकी खून की कमी दूर हो गई। इससे सभी बच्चे एकदम स्वस्थ पैदा हुए। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों का वजन कराकर पहले उनकी सेहत की जानकारी लेती। फिर इनका कुपोषण दूर करना का पूरा प्रयास करतीं।
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शिवदेवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
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स्वस्थ हुआ था जज्जा-बच्चा
सरैंयासानी गांव निवासी सोनी अवस्थी गर्भवती थी। डिलीवरी होने वाली थी। इससे इनकी तबियत बहुत बिगड़ गई। काफी प्रयास करके प्रसव कराया, जिससे जज्जा-बच्चा एकदम स्वस्थ्य रहे। इसकी तारीफ स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इसके अलावा किसी को अगर किसी समय दिक्कत आती थी, चाहे दिन हो या रात उनके साथ जाकर चिकित्सकों तक पहुंचाती थीं। हर समय उनका पूरा ख्याल रखा। इसी का परिणाम सामने आया है।
आशा त्रिपाठी, आशाबहू
दिलाया योजनाओं का लाभ
नियमित गांवों में जाकर गर्भवती ब बच्चो ंका टीकाकरण कर दवाओं का वितरण करती थीं। इस दौरान अगर कोई समस्या आती थी तो उसका भी निदान करती थीं। अगर गांव नहीं पहुंच पातीं तो मोबाइल फोन के जरिए उनका हालचाल ले लेतीं। बराबर सभी से संपर्क बना रहता था। सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मरीजों को दिलाया। अगर कोई मरीज आ जाता तो उसकी समस्या दूर करने का भरसक प्रयास करतीं।
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नीलम देवी, एएनएम
दूर कराई थी खून की कमी
कार्यक्षेत्र में तीन ऐसी महिलाएं थीं, जिनको खून की काफी कमी थी। यह गर्भवती भी थी। इससे इनका हर सप्ताह चेकअप कराकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराईं। जब डिलीवरी हुई तो इनकी खून की कमी दूर हो गई। इससे सभी बच्चे एकदम स्वस्थ पैदा हुए। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों का वजन कराकर पहले उनकी सेहत की जानकारी लेती। फिर इनका कुपोषण दूर करना का पूरा प्रयास करतीं।
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शिवदेवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता