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घटा घाघरा का जलस्तर, 30 बीघा जमीन कटी

Mon, 16 Jul 2018 11:50 PM IST
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:50 PM IST
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घटा घाघरा का जलस्तर, 30 बीघा जमीन कटी
तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा टला तो कटान की मुसीबत सिर पर आई
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सीतापुर। जिले के गांजरी क्षेत्र के बाशिंदे अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहे हैं। हालत यह है कि जब बाढ़ की मुसीबत टलती है, तो घाघरा नदी कटान करने लगती है। जिससे उनका घर व खेती सबकुछ तबाह होने लगता है। सोमवार को कुछ इसी तरह की ही स्थिति का सामना घाघरा के तटीय क्षेत्र के बाशिंदे करते नजर आए।

घाघरा का जलस्तर तेजी से घट रहा है, वहीं तटीय क्षेत्रों में नदी ने कटान तेज कर दिया है। जिसकी वजह से करीब 30 बीघा से अधिक की जमीन कटकर बह गई। अच्छी खबर यह है कि आने वाले एक दो दिनों में घाघरा के जलस्तर में कोई बढ़ोतरी होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बैराजों से भी जो पानी छोड़ा गया है, वह पानी इतनी मात्रा में नहीं है कि बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दे।
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यहां बता दें कि रविवार तक कोनी, दुर्गा पुरवा, लोध पुरवा, जैतहिया, कटैला पुरवा, नगीना पुरवा आदि गांवों के करीब घाघरा का पानी नदी से बाहर गया था। जिससे आबादी में बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा था, जबकि खेती बाढ़ की चपेट में आ गई थी। क्षेत्र के बरसाती नाले उफान मार रहे थे, जिनके माध्यम से बाढ़ का पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा था।
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नदी का रौद्र रूप देखकर क्षेत्र के बाशिंदे इस कदर दहशत में थे, कि वे तटीय क्षेत्र से सुरक्षित ठिकानों के लिए पलायन करने लगे थे। सोमवार की रात नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से गिरावट आई। जिससे बाढ़ का खतरा तो लगभग टल गया। लेकिन नदी ने कटान तेज कर दिया।

नदी खासकर कोनी, परमेश्वर पुरवा, नगीना पुरवा, दर्जिन रेती आदि गांवों के निकट तेजी से कटान कर रही है। बीते 24 घंटों में क्षेत्र की करीब 30 बीघे खेती कटकर नदी में समा चुकी है। जबकि अन्य खेती भी आहिस्ता-आहिस्ता कटान की भेंट चढ़ रही है।

क्षेत्र के बाशिंदों का कहना है कि यहां तो मुसीबत पीछा ही नहीं छोड़ रही है। जब बाढ़ गई, तब नदी कटान करने लगी है। उधर शारदा व घाघरा बैराजों से 1,44,587 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जानकारों की माने तो यह पानी इतना नहीं है, कि क्षेत्र में बाढ़ जैसी नौबत ला सके।

इसे देखकर स्पष्ट हो रहा है, कि अभी हाल के एक या दो दिनों में गांजरी इलाके में बाढ़ जैसी कोई नौबत नहीं है। पहाड़ों से भी राहत भरी खबर मिल रही है। वहां पर बारिश कम होने के कारण बनबसा बैराज से भी पानी छोड़ने की मात्रा कम की जा रही है।

सोमवार को बनबसा बैराज से महज 61,654 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। इससे शारदा बैराज पर पानी बढ़ने के आसार कम है। कुल मिलाकर जिले के गांजरी इलाके के लिए बाढ़ से राहत की खबर है, लेकिन कटान की वजह से मुसीबत है।

विधायक से ग्रामीण बोले, घटिया स्तर पर हुआ काम
लहरपुर। हरगांव विधायक सुरेश राही ने सोमवार को सोन्सरी गांव पहुंच कर शारदा नदी के कटान से गांव को बचाने की परियोजना का हाल देखा। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि नदी में जो स्टड बनाए गए हैं, उसका निर्माण कार्य बेहद घटिया किस्म का है।

यही वजह है कि अभी नदी उफान पर भी नहीं आई है, स्टड दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। विधायक ने शारदा नदी तट पर जाकर वहां पर बनाए गए स्टड को देखा। इस दौरान 24,25 व 26 नंबर के स्टड क्षतिग्रस्त मिले। इस दरम्यान ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर मानक को दरकिनार करके स्टड का निर्माण कराया गया है।


जिसकी वजह से स्टड मामूली रूप से पानी बढ़ने पर ही बहते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने स्टड की मरम्मत कराने की मांग की है। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया और अधिशाषी अभियंता को स्टडों की मरम्मत कराने को कहा।

नदी में कम हुआ है पानी
नदी के जलस्तर में गिरावट आई है, जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
-शशिभूषण राय, एसडीएम
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