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पापा, मेरी जिद है आप घर में शौचालय बनवाएं
Updated Tue, 29 Aug 2017 01:16 AM IST
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पापा, घर में शौचालय बनवा दीजिए
शौचालय बनवाने के लिए बच्चे अपने पिता को भेजेंगे चिट्ठी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक ने डीएम को जारी किए निर्देश
सीतापुर। पूज्य पिताजी... घर में शौचालय न होने से मुझे तो परेशानी होती ही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें मेरे बूढ़े दादा-दादी को उठानी पड़ती हैं। मेरी मां, बुआ और दीदी को शौच के लिए बाहर जाने में लज्जा आती है। उनकी सुरक्षा की दृष्टि से भी यह सही नही हैं। मेरी जिद है, कि आप घर में शौचालय बनवा दीजिए। शिक्षक दिवस पर बच्चे कुछ इसी तरह अपने पिता को चिट्ठी लिखकर घर में शौचालय बनवाने की जिद करेंगे। यह आयोजन स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के तहत शासकीय व गैर शासकीय विद्यालयों में किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक ने इस संबंध में डीएम को निर्देश जारी किए हैं। यूं तो हर साल शिक्षक दिवस पर विद्यालयों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। पर इस बार शिक्षक दिवस कुछ खास होगा। वजह, स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में शौचालय मांग पत्र (बच्चों की जिद) शामिल होना है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक विजय किरण आनंद ने डीएम को पत्र भेजकर जारी निर्देश में कहा है, कि इसमें उन बच्चों को अपने अभिभावकों के नाम एक चिट्ठी लिखनी है, जिनके घर में शौचालय नही है। इस चिटठी में बच्चे अपने पिता से शौचालय बनवाने की जिद करेंगे। इस आयोजन में कक्षा 5 से कक्षा 12 तक के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह आयोजन सीडीओ, डीआईओएस, बीएसए व डीपीआरओ की देखरेख में होगा। चिटठी में बच्चे अपने पिता को घर में शौचालय न होने से आने वाली परेशानियों और बीमारियों के संबंध में भी बताएंगे। मसलन, मल पर बैठी हुई मक्खी किस तरह भोजन व दूसरी खाने-पीने की सामग्री पर बैठकर उसे दूषित कर देती है। जिससे कई तरह की गंभीर बीमारियां पनपती हैं। चिट्ठी में बच्चे यह चेतावनी भी देंगे कि उनकी जिद तक तक खत्म नही होगी, जब तक घर में शौचालय बन नही जाता है।
बाक्स
निकलेगी स्वच्छता रैली, बाल निगरानी समिति का होगा गठन
शिक्षक दिवस पर स्कूलों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के अंर्तगत स्वच्छता रैली और बाल निगरानी समिति का गठन भी होगा। रैली के लिए बच्चों को स्वच्छता संबंधी नारे याद कराने के साथ जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में एक बाल निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें कम से कम 10 बच्चे शामिल होंगे। बहुमत के आधार पर गठित समिति के पदाधिकारियों की नियमित बैठक होगी। यह समिति बच्चों के नाखूनों की जांच, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, स्कूल परिसर की साफ-सफाई, हैंड वाशिंग के लिए साबुन की उपलब्धता की देखरेख करेंगे। कमियों से प्रभारी शिक्षक को अवगत कराएंगे। श्रेष्ठ कार्य करने वाले बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित किया जाएगा।
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वर्जन
शिक्षक दिवस पर स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। गतिविधियों की फोटो सहित रिपोर्ट (हार्डकॉपी व साफ्टकॉपी) उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई है।
सारिका मोहन, डीएम
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शौचालय बनवाने के लिए बच्चे अपने पिता को भेजेंगे चिट्ठी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक ने डीएम को जारी किए निर्देश
सीतापुर। पूज्य पिताजी... घर में शौचालय न होने से मुझे तो परेशानी होती ही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें मेरे बूढ़े दादा-दादी को उठानी पड़ती हैं। मेरी मां, बुआ और दीदी को शौच के लिए बाहर जाने में लज्जा आती है। उनकी सुरक्षा की दृष्टि से भी यह सही नही हैं। मेरी जिद है, कि आप घर में शौचालय बनवा दीजिए। शिक्षक दिवस पर बच्चे कुछ इसी तरह अपने पिता को चिट्ठी लिखकर घर में शौचालय बनवाने की जिद करेंगे। यह आयोजन स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के तहत शासकीय व गैर शासकीय विद्यालयों में किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक ने इस संबंध में डीएम को निर्देश जारी किए हैं। यूं तो हर साल शिक्षक दिवस पर विद्यालयों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। पर इस बार शिक्षक दिवस कुछ खास होगा। वजह, स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में शौचालय मांग पत्र (बच्चों की जिद) शामिल होना है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक विजय किरण आनंद ने डीएम को पत्र भेजकर जारी निर्देश में कहा है, कि इसमें उन बच्चों को अपने अभिभावकों के नाम एक चिट्ठी लिखनी है, जिनके घर में शौचालय नही है। इस चिटठी में बच्चे अपने पिता से शौचालय बनवाने की जिद करेंगे। इस आयोजन में कक्षा 5 से कक्षा 12 तक के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह आयोजन सीडीओ, डीआईओएस, बीएसए व डीपीआरओ की देखरेख में होगा। चिटठी में बच्चे अपने पिता को घर में शौचालय न होने से आने वाली परेशानियों और बीमारियों के संबंध में भी बताएंगे। मसलन, मल पर बैठी हुई मक्खी किस तरह भोजन व दूसरी खाने-पीने की सामग्री पर बैठकर उसे दूषित कर देती है। जिससे कई तरह की गंभीर बीमारियां पनपती हैं। चिट्ठी में बच्चे यह चेतावनी भी देंगे कि उनकी जिद तक तक खत्म नही होगी, जब तक घर में शौचालय बन नही जाता है।
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निकलेगी स्वच्छता रैली, बाल निगरानी समिति का होगा गठन
शिक्षक दिवस पर स्कूलों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के अंर्तगत स्वच्छता रैली और बाल निगरानी समिति का गठन भी होगा। रैली के लिए बच्चों को स्वच्छता संबंधी नारे याद कराने के साथ जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में एक बाल निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें कम से कम 10 बच्चे शामिल होंगे। बहुमत के आधार पर गठित समिति के पदाधिकारियों की नियमित बैठक होगी। यह समिति बच्चों के नाखूनों की जांच, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, स्कूल परिसर की साफ-सफाई, हैंड वाशिंग के लिए साबुन की उपलब्धता की देखरेख करेंगे। कमियों से प्रभारी शिक्षक को अवगत कराएंगे। श्रेष्ठ कार्य करने वाले बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित किया जाएगा।
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शिक्षक दिवस पर स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। गतिविधियों की फोटो सहित रिपोर्ट (हार्डकॉपी व साफ्टकॉपी) उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई है।
सारिका मोहन, डीएम