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धनतेरस पर 45 करोड़ का कारोबार, रात 2 बजे तक खरीददारी
Amarujala Bureau
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:13 PM IST
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धनतेरस
- फोटो :
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धनतेरस पर्व पर जमकर धन बरसा। शुक्रवार को बाजार ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहे। सोने-चांदी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। शुभ मुहूर्त में सामान खरीदने की ललक से बाजारों में जाम की स्थिति रही। जिले में रात दो बजे तक खरीदारों की भीड़ रही। जिले में 45 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। जिसमें से अकेले सात करोड़ रुपये के दोपहिया वाहन बिके।
सोने-चांदी के आभूषणों की भी खूब बिक्री हुई। वहीं चांदी के सिक्के लोगों की पहली पसंद बने। बर्तनों में डिजाइनदार छोटे आइटमों ने लोगों को खूब लुभाया। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में टीवी, फ्रिज, एसी व कैमरा आदि लोगों की पसंद बने रहे। दुकानदारों ने बिक्री हो रहे सामान पर उपहारों की झड़ी लगा दी।
कहीं मेमोरी कार्ड तो कहीं मोबाइल दिए गए। दोपहिया वाहनों पर हेलमेट के रूप में गिफ्ट मिले। इसके अलावा चार पहिया वाहन भी जमकर खरीदे गए। व्यापारियों का कहना है कि करीब 45 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।
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शुक्रवार सुबह होते ही व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बेहतरीन ढंग से सजाते हुए माल को बिकने के लिए रखा। किसी ने दुकान के बाहर माल सजाया तो किसी ने दुकान अंदर ही बड़ी खूबसूरती से अपने माल को बिक्री के लिए रखा। बहुत सी ऐसी दुकानें भी थीं, जो फुटपाथ पर ही सज गईं।
दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर भी दे रखे थे। जिसकी वजह से सुबह से ही दुकानों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। दिन चढ़ने के साथ बाजार में भीड़ बढ़ती चली गई। बर्तन की दुकानों व आभूषण विक्रेताओं के यहां अधिक भीड़ नजर आई।
बर्तन की दुकानों पर ग्राहकों की अधिक संख्या होने के कारण वहां पैर रखने की जगह भी नहीं थी, जबकि आभूषण की दुकानों पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सराफा व्यापारियों के मुताबिक चांदी निर्मित ‘डालर’, नोट व सिक्के लोगों की पहली पसंद रहे।
इसके साथ ही कई लोगों ने चांदी की गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं भी खरीदीं। इस मौके पर परंपरानुसार लाई, खील तथा चीनी की कुल्हियों की भी खरीदारी की। देर रात तक बर्तन, आभूषण, गणेश-लक्ष्मी, कपड़े और पूजन सामग्री की दुकानें ग्राहकों से भरी नजर आई।
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सोने-चांदी के आभूषणों की भी खूब बिक्री हुई। वहीं चांदी के सिक्के लोगों की पहली पसंद बने। बर्तनों में डिजाइनदार छोटे आइटमों ने लोगों को खूब लुभाया। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में टीवी, फ्रिज, एसी व कैमरा आदि लोगों की पसंद बने रहे। दुकानदारों ने बिक्री हो रहे सामान पर उपहारों की झड़ी लगा दी।
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कहीं मेमोरी कार्ड तो कहीं मोबाइल दिए गए। दोपहिया वाहनों पर हेलमेट के रूप में गिफ्ट मिले। इसके अलावा चार पहिया वाहन भी जमकर खरीदे गए। व्यापारियों का कहना है कि करीब 45 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।
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शुक्रवार सुबह होते ही व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बेहतरीन ढंग से सजाते हुए माल को बिकने के लिए रखा। किसी ने दुकान के बाहर माल सजाया तो किसी ने दुकान अंदर ही बड़ी खूबसूरती से अपने माल को बिक्री के लिए रखा। बहुत सी ऐसी दुकानें भी थीं, जो फुटपाथ पर ही सज गईं।
दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर भी दे रखे थे। जिसकी वजह से सुबह से ही दुकानों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। दिन चढ़ने के साथ बाजार में भीड़ बढ़ती चली गई। बर्तन की दुकानों व आभूषण विक्रेताओं के यहां अधिक भीड़ नजर आई।
बर्तन की दुकानों पर ग्राहकों की अधिक संख्या होने के कारण वहां पैर रखने की जगह भी नहीं थी, जबकि आभूषण की दुकानों पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सराफा व्यापारियों के मुताबिक चांदी निर्मित ‘डालर’, नोट व सिक्के लोगों की पहली पसंद रहे।
इसके साथ ही कई लोगों ने चांदी की गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं भी खरीदीं। इस मौके पर परंपरानुसार लाई, खील तथा चीनी की कुल्हियों की भी खरीदारी की। देर रात तक बर्तन, आभूषण, गणेश-लक्ष्मी, कपड़े और पूजन सामग्री की दुकानें ग्राहकों से भरी नजर आई।