{"_id":"5bad2344867a557ed1019889","slug":"41538073412-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मछली पकडने गए थे जाल में फंस गया मगरमच्छ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मछली पकडने गए थे जाल में फंस गया मगरमच्छ
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन विभाग की टीम ने कब्जे में लेकर घाघरा नदी में छोड़ा
तंबौर (सीतापुर)। थाना इलाके में गुरुवार की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल में घड़ियाल का बच्चा फंस गया। एक ग्रामीण ने उसको रस्सी में बांधकर दूसरा सिरा पेड़ से बांध दिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
घड़ियाल का बच्चा पकड़े जाने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। घड़ियाल देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई। वन विभाग की टीम ने घड़ियाल को सकुशल घाघरा नदी में छोड़ दिया है। इलाके में पचुरखी गांव के बाहर से एक नाला निकला है। यह नाला आगे जाकर घाघरा नदी से मिलता है।
गुरुवार की दोपहर पचुरखी के सुवाराम, मन्नलाल और अन्य ग्रामीण नाले में मछली पकड़ने गए थे। नज्जुपुरवा के पास ग्रामीणों ने मछली पकड़ने के लिए नाले में जाल डाल दिया। कुछ देर बाद जब उन्हें लगा कि कई मछलियां फंस गई हैं तो जाल बाहर खींचा। जाल बाहर आते ही ग्रामीणों की आंखें फटी की फटी रह गई।
विज्ञापन
दरअसल, जाल में मछली तो एक भी नही थी लेकिन घड़ियाल का बच्चा फंसा हुआ था। यह देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लेकिन सुवाराम ने हिम्मत दिखाते हुए घड़ियाल के बच्चे को रस्सी से बांधकर दूसरा सिरा पेड़ से बांध दिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
इस बीच घड़ियाल देखने वालों की वहां भारी भीड़ जुट गई। बिसवां के रेंजर रामानंद अवस्थी, फॉरेस्टर छत्रपति सिंह टीम के मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम घड़ियाल का बच्चा अपने साथ ले गई। रेंजर ने बताया कि मल्लापुर के पास घड़ियाल को घाघरा नदी में छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
तंबौर (सीतापुर)। थाना इलाके में गुरुवार की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल में घड़ियाल का बच्चा फंस गया। एक ग्रामीण ने उसको रस्सी में बांधकर दूसरा सिरा पेड़ से बांध दिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
घड़ियाल का बच्चा पकड़े जाने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। घड़ियाल देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई। वन विभाग की टीम ने घड़ियाल को सकुशल घाघरा नदी में छोड़ दिया है। इलाके में पचुरखी गांव के बाहर से एक नाला निकला है। यह नाला आगे जाकर घाघरा नदी से मिलता है।
विज्ञापन
गुरुवार की दोपहर पचुरखी के सुवाराम, मन्नलाल और अन्य ग्रामीण नाले में मछली पकड़ने गए थे। नज्जुपुरवा के पास ग्रामीणों ने मछली पकड़ने के लिए नाले में जाल डाल दिया। कुछ देर बाद जब उन्हें लगा कि कई मछलियां फंस गई हैं तो जाल बाहर खींचा। जाल बाहर आते ही ग्रामीणों की आंखें फटी की फटी रह गई।
विज्ञापन
दरअसल, जाल में मछली तो एक भी नही थी लेकिन घड़ियाल का बच्चा फंसा हुआ था। यह देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लेकिन सुवाराम ने हिम्मत दिखाते हुए घड़ियाल के बच्चे को रस्सी से बांधकर दूसरा सिरा पेड़ से बांध दिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
इस बीच घड़ियाल देखने वालों की वहां भारी भीड़ जुट गई। बिसवां के रेंजर रामानंद अवस्थी, फॉरेस्टर छत्रपति सिंह टीम के मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम घड़ियाल का बच्चा अपने साथ ले गई। रेंजर ने बताया कि मल्लापुर के पास घड़ियाल को घाघरा नदी में छोड़ दिया गया है।