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सांसद चुनने को बूथ तक जाना गंवारा नही करते मिश्रिख के 42 फीसदी मतदाता

Sat, 16 Mar 2019 12:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2019 12:49 AM IST
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सांसद चुनने को बूथ तक जाना गंवारा नही करते मिश्रिख के 42 फीसदी मतदाता
1962 से 2014 तक के चुनावी इतिहास में एक बार भी 60 फीसदी का आंकड़ा नहीं छू सका मतदान प्रतिशत
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सीतापुर। मिश्रिख संसदीय क्षेत्र के 42 फीसदी से अधिक मतदाता सांसद का चुनाव करने के लिए घर की दहलीज लांघकर पोलिंग बूथ तक का सफर तय करना गंवारा नहीं करते हैं। इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक होने वाले चुनाव के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं।

मिश्रिख में अब तक 14 मर्तबा लोकसभा के चुनाव हुए हैं। इस दरम्यान एक बार भी यहां का वोटिंग प्रतिशत 60 फीसदी तक नहीं पहुंच सका है। यहां सबसे कम 1971 में 25.72 जबकि सबसे ज्यादा 2014 में 57.85 फीसदी मतदान हुआ है।
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लोकसभा क्षेत्र मिश्रिख 1962 में अस्तित्व में आई थी। पहले चुनाव में ही यहां के 54 फीसदी मतदाताओं ने सांसद चुनने में रुचि नहीं दिखाई थी। वर्ष 1971 का चुनाव मिश्रिख लोकसभा के इतिहास का सबसे बुरा दौर रहा। इस साल यहां के 74 फीसदी मतदाता घरों से नहीं निकले।
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लिहाजा, मतदान प्रतिशत महज 25.72 पर ही अटक कर रह गया। इसी तरह चुनाव दर चुनाव होते रहे, लेकिन मिश्रिख का मतदान प्रतिशत 60 का आंकड़ा नहीं छू सका। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर तरह-तरह के जतन किए गए थे।

स्कूल-कॉलेजों में मेहंदी, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए अधिक से अधिक मतदान के लिए जागरूकता फैलाई गई थी। इसके बाद भी मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र में 57.85 फीसदी मतदान ही हो सका था।

फिर भी यहां के लोकसभा चुनाव के इतिहास का यह सर्वाधिक मतदान प्रतिशत रहा। अबकी मिश्रिख में पन्द्रहवीं लोकसभा के लिए मतदान किया जाना है। देखना यह है, कि मिश्रिख के मतदाता इस बार भी इतिहास दोहराएंगे या फिर इस मिथक को तोड़कर नया इतिहास रच देते हैं।

सेलिब्रिटी आए तो 2014 में सीतापुर ने तोड़ दिया मिथक
सीतापुर लोकसभा क्षेत्र के भी 41 फीसदी मतदाता सांसद चुनने में रुचि नहीं दिखाते थे। 1957 से 2009 तक के चुनावी इतिहास में सीतापुर में भी मतदान का आंकड़ा 60 फीसदी नहीं छू पाया था। वर्ष 2014 में तत्कालीन डीएम किंजल सिंह ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई तरह के जतन किए थे। इसमें सबसे बड़ा आयोजन खैराबाद टोल प्लाजा पर ‘वोटर जंक्शन के मेगा शो’ का किया गया था।

इस समारोह में तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आरपी सिंह और उस चुनाव की ब्रांड एंबेसडर पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा ने मतदाताओं को शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प दिलाया था। इसका असर यह रहा कि सीतापुर के मतदाताओं ने मिथक तोड़ते हुए 66.25 फीसदी मतदान कर नया इतिहास रच डाला था।


इस बार निश्चित बढ़ेगा प्रतिशत
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें वोटर जागरूकता, स्वीप सेल द्वारा निकाली जाने वाली रैली व घर-घर मतदाता पर्चियां भेजे जाने के कार्यक्रम प्रमुख हैं। इस बार निश्चित मतदान प्रतिशत बढ़ेगा।
-विनय पाठक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम

मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र का मतदान प्रतिशत
1962 - 46.15
1967 - 46.79
1971 - 25.72
1977 - 48.22
1980 - 37.00
1984 - 51.68
1989 - 52.41
1991 - 53.91
1996 - 43.10
1998 - 56.79
1999 - 56.86
2004 - 44.70
2009 - 41.50
2014 - 57.85

सीतापुर का मतदान प्रतिशत
1957 - 42.70
1962 - 46.40
1967 - 53.43
1971 - 43.45
1977 - 53.61
1980 - 45.03
1984 - 52.06
1989 - 53.50
1991 - 49.80
1996 - 45.31
1998 - 59.62
1999 - 57.92
2004 - 46.15
2009 - 57.31
2014 - 66.25
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