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रिक्शे पर इलाज के लिए भटकती रही गर्भवती
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:31 PM IST
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सीतापुर। शहर में सोमवार को एक प्रसव पीड़िता रिक्शे पर ही इलाज के लिए भटकती रही पर उसे इलाज नहीं मिल सका। परिवारीजनों का आरोप है कि महिला अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया गया। मजबूरन परिवारीजन उसे लेकर चले गए। उधर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिवारवालों ने महिला को भर्ती ही नहीं कराया।
पिसावां थाना क्षेत्र के ग्राम निरहन निवासी महेश की पत्नी शीतल देवी(30) सोमवार की शाम जिला महिला अस्पताल गेट के सामने रिक्शे पर बैठकर कराह रही थी। महिला की हालत बिगड़ रही थी और परिवार परेशान था। महेश का आरोप था कि वे शीतल देवी को अस्पताल की इमरजेंसी ले गए, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल की तलाश में चले गए। परिवारीजनों ने महिला अस्पताल के कर्मियों पर भर्ती न करने का आरोप लगाया है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना था कि महिला की हालत नाजुक थी, परिवार को भर्ती कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार ने महिला को भर्ती नहीं कराया और उसे लेकर कहीं चला गया। इस मामले में परिवार ने किसी को कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया है।
परिवार ने भर्ती नहीं कराया
प्रसव पीड़िता अस्पताल आई थी, परिवार को उसे भर्ती कराने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार उसे भर्ती कराने को राजी नहीं हुआ और महिला को अस्पताल से लेकर कहीं चला गया। -सुषमा कर्णवाल, सीएमएस
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पिसावां थाना क्षेत्र के ग्राम निरहन निवासी महेश की पत्नी शीतल देवी(30) सोमवार की शाम जिला महिला अस्पताल गेट के सामने रिक्शे पर बैठकर कराह रही थी। महिला की हालत बिगड़ रही थी और परिवार परेशान था। महेश का आरोप था कि वे शीतल देवी को अस्पताल की इमरजेंसी ले गए, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल की तलाश में चले गए। परिवारीजनों ने महिला अस्पताल के कर्मियों पर भर्ती न करने का आरोप लगाया है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना था कि महिला की हालत नाजुक थी, परिवार को भर्ती कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार ने महिला को भर्ती नहीं कराया और उसे लेकर कहीं चला गया। इस मामले में परिवार ने किसी को कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया है।
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परिवार ने भर्ती नहीं कराया
प्रसव पीड़िता अस्पताल आई थी, परिवार को उसे भर्ती कराने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार उसे भर्ती कराने को राजी नहीं हुआ और महिला को अस्पताल से लेकर कहीं चला गया। -सुषमा कर्णवाल, सीएमएस
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