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खुद की इनकम बढ़ाएगी पालिका-पंचायतें

Sun, 02 Jul 2017 11:31 PM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:31 PM IST
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खुद की इनकम बढ़ाएगी पालिका-पंचायतें
अब खुद की इनकम बढ़ाएगी पालिका-पंचायतें
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हर दो साल में संपत्तिकर, जलकर व गृहकर का होगा निर्धारण
शासन ने आदेश के जरिए कर निर्धारण के दिए निर्देश

सीतापुर। घाटे से जूझ रही पालिका और पंचायतें अब अपनी आमदनी खुद ही बढ़ाएगी। इनकम में इजाफा करने को पालिका-पंचायतें संपत्ति कर, गृहकर एवं जलकर का नए सिरे निर्धारण करेंगी। यह निर्धारण अब प्रत्येक दो साल में होगा। निकायों में नए सिरे से कर निर्धारण करने के लिए शासन ने बाकायदा निकायों को आदेश जारी कर दिया है। हालांकि इस प्रक्रिया से लोगों पर बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
बताते चलें कि सीतापुर नगर पालिका परिषद का दायरा आठ वर्ग किलोमीटर में फैला है। यह सीमांकन तकरीबन ढाई बरस पहले तय किया गया था। तब से उसी दायरे के बाशिंदों को पालिका की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। निकायों में हर पंचवर्षीय कर निर्धारित के लिए निकायों में भवनों का सर्वे मूल्यांकन होता है। इसके अलावा पालिका की संपत्तियों का कर निर्धारण किया जाता है। उसी के आधार पर पालिका भवन स्वामियों पर गृहकर और जलकर टैक्स निर्धारित करती है। पहले शहरी इलाके में 16 हजार से ज्यादा भवन चयनित हुए थे। वर्ष 2014-15 में पालिका द्वारा कराए गए पंचवर्षीय कर निर्धारण सर्वे में यहां के मकानों की संख्या बढ़कर 20 हजार 200 हो गई है। भवनों का चिह्नांकन करने के बाद कारपेट एरिया के हिसाब कर भवन स्वामियों पर जलकर और गृहकर निर्धारण कर उनसे जलकर और गृहकर वसूल किया जाता है। विभागीय जानकारों की मानें तो अभी तक पालिका और पंचायतों में जलकर और गृहकर निर्धारण प्रत्येक पांच साल पर होता था। सरकार का मानना है कि पिछले कई बरसों से निकायों में कर निर्धारण प्रक्रिया न अपनाने से पालिका और पंचायतों की आय के स्रोतों में इजाफा नहीं हो पा रहा है, जिससे वहां पर विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सूबे में काबिज योगी सरकार ने पालिका और पंचायतों में अब प्रत्येक दो बरस पर संपत्तिकर, जलकर व गृहकर का निर्धारण करने को कहा। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव रमाकांत पांडेय ने बाकायदा आदेश भी जारी किया है। इसके जरिए कहा कि निकायों में प्रत्येक दो बरस पर संपत्तिकर, जलकर व गृहकर के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया अपनाई जाए। ताकि निकायों के आय स्रोतों में वृद्धि हो सके।
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बाक्स
शासन ने हर दो बरस पर निकायों में संपत्ति कर, जलकर व गृहकर निर्धारण की प्रक्रिया अपनाने का आदेश दिया है। इस पर अमल करते हुए शीघ्र ही पालिका में नए सिरे से कर निर्धारण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी
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अनुपम शुक्ला, ईओ, नगर पालिका सीतापुर
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