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शहर के तीन चौराहों पर लगेंगी ट्रैफिक सिग्रल लाइटें
Updated Sun, 29 Oct 2017 11:47 PM IST
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शहर में तीन चौराहों पर लगेंगी सिग्नल लाइटें
सीतापुर। शहर की यातायात व्यवस्था जल्द ही सुधरी नजर आएगी। शहर के प्रमुख चौराहों पर अब न तो कोई ट्रैफिक सिपाही खड़ा होगा और न ही वह हाथ के जरिए यातायात का संचालन करता दिखेगा।
कारण यह है कि शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगेंगी। लाल व हरी बत्ती के जरिए वाहनों का काफिला आगे बढ़ेगा।
इन लाइटों पर करीब साढ़े 11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे लेकर नगर पालिका ने कवायद शुरू कर दी है। टेंडर जारी कर एक माह में लगाने का निर्देश दिया है।
शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। रोजाना सुबह दस बजे शहर के अंदर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। चौराहों पर अनियंत्रित ट्रैफिक होने की वजह से जाम लग जाता है।
यह सिलसिला दिनभर चलता रहता है। इससे मंजिल तक पहुंचने के लिए राहगीरों को अतिरिक्त समय लगता है। कई बार घंटों जाम भी लग जाता है।
इसको नियंत्रित करने के लिए चौराहों पर ट्रैफिक सिपाही लगे रहते है, लेकिन इनकी मौजूदगी कुछ ही समय के लिए होती है। वह भी एक साथ पूरा चौराहा कंट्रोल नहीं कर पाते हैं।
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इससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। अब इस समस्या को दूर किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था महानगरों की तर्ज पर संचालित होगी।
शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगवाई जाएंगी। इनमें सबसे व्यस्ततम लालबाग चौराहा, चुंगी चौकी का कैप्टन मनोज पांडेय मार्ग व रोडवेज बस स्टॉप शामिल है।
एक चौराहे पर तीन लाख 81 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। यह निर्माण राज्य वित्त आयोग के बजट से होगा। इसको लेकर नगर पालिका सीतापुर ने टेंडर जारी कर दिया है। एक माह के अंदर सिग्नल लाइटें लगवाने का निर्देश दिया है।
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सीतापुर। शहर की यातायात व्यवस्था जल्द ही सुधरी नजर आएगी। शहर के प्रमुख चौराहों पर अब न तो कोई ट्रैफिक सिपाही खड़ा होगा और न ही वह हाथ के जरिए यातायात का संचालन करता दिखेगा।
कारण यह है कि शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगेंगी। लाल व हरी बत्ती के जरिए वाहनों का काफिला आगे बढ़ेगा।
इन लाइटों पर करीब साढ़े 11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे लेकर नगर पालिका ने कवायद शुरू कर दी है। टेंडर जारी कर एक माह में लगाने का निर्देश दिया है।
शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। रोजाना सुबह दस बजे शहर के अंदर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। चौराहों पर अनियंत्रित ट्रैफिक होने की वजह से जाम लग जाता है।
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यह सिलसिला दिनभर चलता रहता है। इससे मंजिल तक पहुंचने के लिए राहगीरों को अतिरिक्त समय लगता है। कई बार घंटों जाम भी लग जाता है।
इसको नियंत्रित करने के लिए चौराहों पर ट्रैफिक सिपाही लगे रहते है, लेकिन इनकी मौजूदगी कुछ ही समय के लिए होती है। वह भी एक साथ पूरा चौराहा कंट्रोल नहीं कर पाते हैं।
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इससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। अब इस समस्या को दूर किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था महानगरों की तर्ज पर संचालित होगी।
शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगवाई जाएंगी। इनमें सबसे व्यस्ततम लालबाग चौराहा, चुंगी चौकी का कैप्टन मनोज पांडेय मार्ग व रोडवेज बस स्टॉप शामिल है।
एक चौराहे पर तीन लाख 81 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। यह निर्माण राज्य वित्त आयोग के बजट से होगा। इसको लेकर नगर पालिका सीतापुर ने टेंडर जारी कर दिया है। एक माह के अंदर सिग्नल लाइटें लगवाने का निर्देश दिया है।