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कठोर कार्रवाई : सीतापुर में वर्षों से गैरहाजिर चल रहे 19 लापरवाह शिक्षक बर्खास्त, कई महिलाएं भी शामिल
Thu, 05 May 2022 11:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज़ एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज़ एजेंसी, सीतापुर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:30 AM IST
सार
बर्खास्त किए गए शिक्षकों के वेतन पर शुरुआती दौर में ही रोक लगा दी थी। बीएसए के मुताबिक, काफी पहले ही जब जांच में सामने आया कि शिक्षक स्कूल नहीं आ रहे हैं तो नोटिस जारी करते हुए उनके वेतन पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी इनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कई सालों से बिना सूचना गैरहाजिर चल रहे 19 सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। कई बार चेतावनी और नोटिस जारी करने के बाद भी शिक्षकों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बीएसए ने विभागीय कार्रवाई करते हुए शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप है।
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शिक्षा विभाग में लापरवाह शिक्षकों की कारगुजारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं, इससे पहले भी कई मामले सामने आए हैं, लेकिन इस बार हैरान करने वाली हकीकत सामने आई है। बीएसए अजीत कुमार की ओर से बुधवार को बड़ी कार्रवाई के बाद सामने आया है कि जिले के 19 ऐसे सहायक अध्यापक हैं, जो अलग-अलग ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात हैं। जहां वह सालों से गैर हाजिर चल रहे हैं और स्कूल आ ही नहीं रहे थे। इस तरह का लापरवाही और मनमानी भरा रवैया सामने आने के बाद बीएसए की ओर से कई बार संबंधित सहायक अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
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सेवा समाप्ति तक की नोटिस जारी किया गया। जिसमें लंबे समय से गैर हाजिर रहने की वजह पूरे साक्ष्य के साथ देने को कहा गया, लेकिन इन सबके किसी भी शिक्षक की ओर से जवाब नहीं दिया गया। बीएसए अजीत कुमार के अनुसार, कई नोटिसों के बाद भी गैरहाजिर होने की वजह का जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद सभी 19 शिक्षकों की सेवा समाप्ति के लिए पूरी प्रक्रिया को अपनाते हुए विभागीय कार्रवाई करते हुए बर्खास्ती की गई है।
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इन शिक्षकों की सेवा समाप्त
बीएसए अजीत कुमार की ओर से की गई कार्रवाई में ब्लॉक परसेंडी के प्राथमिक विद्यालय मदनापुर की सहायक अध्यापिका संगीता सिंह, मूसेपुर की अंजू आर्य, प्राथमिक विद्यालय गंगापुर द्वितीय की सीमा देवी, सिधौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर प्रथम की ऋचा त्रिपाठी, रेउसा के प्राथमिक विद्यालय मूरतपुर के विमल कुमार सिंह, बेहटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दतूनी के ज्ञानेश कुमार, सिकरी के अंकित शुक्ला, रैंघटा के सुबोध कुमार, लहरपुर के प्राथमिक विद्यालय रंगवा की हिना परवीन, पतवारा के विकास कुमार मिश्र, लहरपुर ब्लॉक क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर प्राथमिक विद्यालय के उदय शंकर यादव, सकरन के प्राथमिक विद्यालय बोहरा प्रथम के अरविंद कुमार, बिसवां के प्राथमिक विद्यालय कमियापुर की शशि भार्गव, पहला ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भज्जूपुर चौड़िया की नीतू सिंह, गोंदलामऊ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बालपुर की लीना शुक्ला, कुंवरपुर चेरेताली, हरगांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कटेसर की अंकिता शर्मा, झरिया के रामकुमार त्रिपाठी, चांदपुर के शंबुल सकील को बर्खास्त किया गया है।
कई साल से थे गैरहाजिर
एक साथ 19 शिक्षकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई में शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीएसए के अनुसार, जिन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है, वह एक या दो माह, दो साल से नहीं बल्कि इसमें कई ऐसे हैं, जो पांच साल से तो कोई तीन साल से स्कूल नहीं आ रहा था। ऐसे में ही यह कार्रवाई करने पड़ी है।
वेतन पर लगा दी गई थी रोक
बर्खास्त किए गए शिक्षकों के वेतन पर शुरुआती दौर में ही रोक लगा दी थी। बीएसए के मुताबिक, काफी पहले ही जब जांच में सामने आया कि शिक्षक स्कूल नहीं आ रहे हैं तो नोटिस जारी करते हुए उनके वेतन पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी इनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
दूूसरी नौकरी ज्वाइन करने लग रहे कयास
शिक्षक की नौकरी पाने के बाद भी सालों से गायब रहने वाले शिक्षकों पर हुई कार्रवाई के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इन सभी ने दूसरी नौकरी ज्वाइन कर ली होगी। इसलिए दोबारा शिक्षक की नौकरी करने नहीं आए और न ही जवाब दे रहे थे। बीएसए भी ऐसे ही कयास लगा रहे हैं।
जिले के अलग-अलग ब्लॉकों के विद्यालयों में तैनात रहे 19 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसमें कोई पांच साल तो कोई तीन साल से नहीं आ रहा था। लगातार नोटिसे भेजा गया। जवाब मांगा गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद विभागीय कार्रवाई कर बर्खास्त किया गया।
अजीत कुमार, बीएसए