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सात तहसीलों में 1800 आवेदन लंबित
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सीतापुर। जिले में पारिवारिक लाभ योजना में लापरवाही बरती जा रही है। 75 दिन के अंदर तहसीलों से आवेदन का निस्तारण होना चाहिए लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो सकी है। तहसील में ही आवेदन लंबित होने से यह समाज कल्याण विभाग तक नहीं पहुंच पा रहे है। आवेदनकर्ताओं के फॉर्म स्वीकृत या अस्वीकृत हुए, इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। इससे वह योजना का लाभ हासिल करने के लिए भटक रहे है। सात तहसीलों में करीब 1800 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।
पारिवारिक लाभ योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग की तरफ से होता है। योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुखिया की मौत होने पर उनके आश्रित को 30 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद उसे स्वीकृत या अस्वीकृत करने का अधिकार संबंधित तहसील के एसडीएम को है। ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन स्वीकृत होने के बाद धनराशि भेजने की कार्रवाई समाज कल्याण विभाग करता है।
इस योजना में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इससे आवेदकों की मुसीबतेें बढ़ रही हैं। उन्हें लाभ तो नहीं मिल पा रहा है, बल्कि आवेदन का निस्तारण हुआ कि नहीं इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। हाल यह है कि जिले की सात तहसीलों में करीब 1800 आवेदन लंबित पड़े हुए है। इससे लाभार्थी इसकी जानकारी करते हुए भटक रहे है।
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दो साल से लंबित हैं आवेदन
साल 2020-21 के पारिवारिक लाभ योजना के 257 आवेदनों का तीन तहसीलों में निस्तारण होना बाकी है। यह एसडीएम की लॉगिन पर लंबित हैं। तहसील बिसवां के दो, महोली के 51 और तहसील सदर के सर्वाधिक 204 आवेदनों का निस्तारण नहीं हो सका है। वर्ष 2021-22 के 1611 आवेदन पांच तहसीलों में लंबित हैं। तहसील बिसवां के 468, लहरपुर के 57, महमूदाबाद कआ 224, महोली के 176, सिधौली के 152 और तहसील सदर के 451 ऑनलाइन आवेदन निस्तारण होना बाकी हैं।
तहसील में लंबित आवेदन
विकासखंड परसेंडी के ग्राम गुजरा की रहने वाली नीता के पति की मौत गंभीर बीमारी के कारण 29 नवंबर 2019 को हो गई थी। उनका परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है। 24 नवंबर 2020 को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। बावजूद इसके तहसील से निस्तारण नहीं हो सका है। तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर की रहने वाली कमरुननिशा के पति का देहांत 30 नवंबर 2019 को हुआ था। इन्होंने पारिवारिक लाभ योजना को लाभ लेने के लिए 21 नवंबर 2020 का आवेदन किया था। इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसका कारण तहसील में आवेदन लंबित होना है।
पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनों की स्वीकृति संबंधित एसडीएम की ओर से की जाती है। उनके द्वारा ऑनलाइन स्वीकृति के साथ ही लाभार्थी के मूल आवेदन पत्र को भी स्वीकृत करते हुए जिला समिति की ओर से धनराशि लाभार्थी के खाते में भेजने की अनुमति दी जाती है। वर्तमान में बीते दो साल के 18 सौ से अधिक आवेदन तहसील स्तर पर लंबित पड़े हैं।
- हर्ष मवार, जिला समाज कल्याण अफसर
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पारिवारिक लाभ योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग की तरफ से होता है। योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुखिया की मौत होने पर उनके आश्रित को 30 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद उसे स्वीकृत या अस्वीकृत करने का अधिकार संबंधित तहसील के एसडीएम को है। ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन स्वीकृत होने के बाद धनराशि भेजने की कार्रवाई समाज कल्याण विभाग करता है।
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इस योजना में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इससे आवेदकों की मुसीबतेें बढ़ रही हैं। उन्हें लाभ तो नहीं मिल पा रहा है, बल्कि आवेदन का निस्तारण हुआ कि नहीं इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। हाल यह है कि जिले की सात तहसीलों में करीब 1800 आवेदन लंबित पड़े हुए है। इससे लाभार्थी इसकी जानकारी करते हुए भटक रहे है।
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दो साल से लंबित हैं आवेदन
साल 2020-21 के पारिवारिक लाभ योजना के 257 आवेदनों का तीन तहसीलों में निस्तारण होना बाकी है। यह एसडीएम की लॉगिन पर लंबित हैं। तहसील बिसवां के दो, महोली के 51 और तहसील सदर के सर्वाधिक 204 आवेदनों का निस्तारण नहीं हो सका है। वर्ष 2021-22 के 1611 आवेदन पांच तहसीलों में लंबित हैं। तहसील बिसवां के 468, लहरपुर के 57, महमूदाबाद कआ 224, महोली के 176, सिधौली के 152 और तहसील सदर के 451 ऑनलाइन आवेदन निस्तारण होना बाकी हैं।
तहसील में लंबित आवेदन
विकासखंड परसेंडी के ग्राम गुजरा की रहने वाली नीता के पति की मौत गंभीर बीमारी के कारण 29 नवंबर 2019 को हो गई थी। उनका परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है। 24 नवंबर 2020 को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। बावजूद इसके तहसील से निस्तारण नहीं हो सका है। तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर की रहने वाली कमरुननिशा के पति का देहांत 30 नवंबर 2019 को हुआ था। इन्होंने पारिवारिक लाभ योजना को लाभ लेने के लिए 21 नवंबर 2020 का आवेदन किया था। इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसका कारण तहसील में आवेदन लंबित होना है।
पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनों की स्वीकृति संबंधित एसडीएम की ओर से की जाती है। उनके द्वारा ऑनलाइन स्वीकृति के साथ ही लाभार्थी के मूल आवेदन पत्र को भी स्वीकृत करते हुए जिला समिति की ओर से धनराशि लाभार्थी के खाते में भेजने की अनुमति दी जाती है। वर्तमान में बीते दो साल के 18 सौ से अधिक आवेदन तहसील स्तर पर लंबित पड़े हैं।
- हर्ष मवार, जिला समाज कल्याण अफसर